राजस्थान में पटाखे जलाने और बेचने पर जुर्माना, पटाखों पर बैन लगाए जाने के फैसले का स्वागत

राजस्थान में पटाखे जलाने और बेचने पर जुर्माना, पटाखों पर बैन लगाए जाने के फैसले का स्वागत

राजस्थान में पटाखे जलाने और बेचने पर जुर्माना, पटाखों पर बैन लगाए जाने के फैसले का स्वागत

जोधपुर: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने दिवाली से पहले राज्य में पटाखों की बिक्री और उसे जलाने को लेकर बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार उन पर जुर्माना लगाने जा रही है, जो पटाखों की बिक्री करेंगे या उसे जलाएंगे. राज्य में यह आदेश 31 दिसंबर 2020 तक लागू रहेगा. राजस्थान सरकार के अनुसार, अगर कोई दुकानदार पटाखे बेचते हुए पाया जाता है तो फिर उस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं, यदि कोई शख्स पटाखे जलाते पाया जाता है तो उस पर दो हजार रुपए फाइन लगेगा. पटाखों पर बैन लगाए जाने की इस पहल का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले में स्वागत किया जा रहा है.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा इस दीपावली पर पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा फैसला लेते हुए इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश भी दे दिए हैं. सीएम गहलोत ने इस संबंध में कहा भी है कि राजस्थान में कोरोना वायरस के संकट के चलते यह फैसला लिया गया है. ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके.

गहलोत ने कहा है कि धुएं के कारण कोराना के रोगियों के साथ-साथ अन्य लोगों को हृदय और श्वास संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं. लिहाजा पटाखों की बिक्री के अस्थायी लाइसेंस पर रोक लगाने का निर्देश दिए गए है. वहीं समाजसेवी ललित सुराणा ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि कोरोना से आज पूरा त्रस्त है इसी को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री द्वारा जो पटाखों पर रोक लगाई गई है, ऐसे में लोगो को भी समझना चाहिए, क्योंकि पटाखों से प्रदूषण बढेगा और कोरोना मरीजों को इससे काफी तकलीफ हो सकती है.

वहीं पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड ने कहा कि कोरोना का कहर बढ रहा है ऐसे में दीपावली पर जो पटाखे नही जलाने का निर्णय लिया है वह काफी अच्छा है. राजस्थान ही एक ऐसा राज्य है, जहां पर मास्क नहीं पहनने को लेकर कानून लेकर आए. क्योंकि जब तक दवाई नहीं आती तब तक मास्क ही दवाई है ऐसे में पटाखों से कोरोना मरीजों को नुकसान होगा. गौरतलब है कि राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार ने पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी पर रोक लगा दी थी. यह कदम कोरोना वायरस महामारी के चलते उठाया गया था. कोरोना महामारी के इस चुनौतीपूर्ण समय में जनता के जीवन की रक्षा सरकार के लिए सर्वोपरि है और इसलिए राज्य सरकार ने कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए पटाखों की बिक्री एवं आतिशबाजी पर रोक लगाने का फैसला किया है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए राजीव गौड़ की रिपोर्ट

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