Live News »

बसपा विधायकों की सदस्यता रद्द कराने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका, बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने हाईकोर्ट में दायर की 2 याचिकाए

बसपा विधायकों की सदस्यता रद्द कराने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका, बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने हाईकोर्ट में दायर की 2 याचिकाए

जयपुर: प्रदेश में कांग्रेस का सियासी संग्राम अब सत्ता के शिखर तक पहुंच गया है.कानूनी दावंपेचों के नए सिससिले में अब भाजपा के मदन दिलावर ने एक बार फिर राजस्थान हाईकोर्ट रूख किया है.विधायक मदन दिलावर ने इस बार दो नयी याचिकाए दायर कर राजस्थान हाईकोर्ट में बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को चुनौति दी है.विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष की गई शिकायत मामले में दायर याचिका को सोमवार को ही हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था.हाईकोर्ट ने अपने आदेश में मदन दिलावर को नई याचिका दायर करने की छूट दी थी.अदालत के आदेश की आज प्रति मिलने के साथ मदन दिलावर ने अपने अधिवक्ता आशीष शर्मा के जरिए ये याचिकाए दायर की है.मदन दिलावर ने याचिका में बसपा विधायक लखन सिंह (करौली), राजेन्द्र सिंह गुढ़ा (उदयपुरवाटी), दीपचंद खेड़िया (किशनगढ़ बास), जोगेन्दर सिंह अवाना (नदबई), संदीप कुमार (तिजारा) और वाजिब अली (नगर, भरतपुर) के कांग्रेस में शामिल होने को चुनौति दी है.

अलग-अलग दो याचिकाए:
भाजपा विधायक मदन दिलावर की ओर से बसपा विधायकों के दल बदल के मामले में विधानसभा स्पीकर की ओर से शिकायत खारिज करने और बसपा विधायकों को कांग्रेस में शामिल करने के अलग-अलग निर्णय के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में दो याचिकाए पेश की गई है.याचिका में भाजपा विधायक ने हाईकोर्ट से स्पीकर के उस आदेश को रद्द करने की गुहार लगायी है जिसके जरिए विधानसभा अध्यक्ष ने बसपा के 6 विधायकों को कांग्रेस में शामिल किया था.इसके साथ ही दूसरी याचिका में विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित शिकायत को खारिज करने के आदेश को रद्द करते हुए बसपा विधायकों पर दलबदल की कार्रवाई की मांग कि गई है.याचिका में कहा गया की बसपा राष्ट्रीय पार्टी है, ऐसे में उसका विलय भी राष्ट्रीय स्तर पर ही होना चाहिए था, लेकिन पार्टी के विधायकों ने पार्टी छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता स्वीकार कर ली और स्पीकर ने उन्हें 18 सितम्बर 2019 को इसकी अनुमति दी दी, इसकी शिकायत करने पर स्पीकर ने पहले तो चार माह तक तो कोई कार्रवाई नहीं की, वहीं हाइकोर्ट में मामला आने पर आनन फानन में शिकायत को खारिज कर दिया.याचिकाओं में गुहार की गई है की स्पीकर के बसपा विधायकों को   कांग्रेस में शामिल करने और याचिकाकर्ता की शिकायत को खारिज करने के स्पीकर के आदेशों को रद्द किया जाए.

क्या है मामला:
18 सितंबर 2019 को बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के आदेश जारी हुए थे.जिस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए भाजपा विधायक मदन दिलावर ने 16 मार्च2020 को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई. इस शिकायत में बसपा विधायको का कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देते हुए रद्द करने की मांग कि गई.4 माह तक जब शिकायत पर कोई कार्यवाही नही कि गई तो 17 जुलाई केा पुन: विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर कार्यवाही करने की मांग की.विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस पर भी कोई कार्यवाही नही करने पर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कि गई.याचिका की सुनवाई के दौरान विधानसभा अध्यक्ष की ओर से जानकारी दी गयी कि 24 जुलाई को ही शिकायत खारिज कर दी गयी है.विधानसभा अध्यक्ष के जवाब के आधार पर याचिका को सारहीन मानते हुए हाईकोर्ट ने मदन दिलावर की याचिका को खारिज कर दिया.लेकिन साथ ही मदन दिलावर को मामले में नयी याचिका पेश करने की छूट दी.राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश की प्रति आज सुबह मिलने के बाद मदन दिलावर की ओर से हाईकोर्ट में 2 नई याचिकाए पेश की गई. 

RBSE 10th Result 2020: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 10 वीं परीक्षा का परिणाम जारी, छात्राओं ने फिर मारी बाजी

प्रदेश की राजनीति में बसपा और कांग्रेस:
वर्ष 1998 : राजस्थान में बसपा ने पहली बार खाता खोलते हुए 2 विधायक जीतने में कामयाब हुए..कांग्रेस को 150, भाजपा को 33 सीटें मिली. बसपा के दो विधायकों की जरूरत किसी को नहीं हुई.

वर्ष 2003 : भाजपा 120 सीटें जीत कर बहुमत में आई. कांग्रेस को 56 सीटें मिली. बसपा फिर दो सीटें लेकर आई. लेकिन, दोनों ही पार्टियों को उस समय जरूरत नहीं थी.

वर्ष 2008 : बसपा किंग मेकर बन कर उभरी. छह विधायक जीते। कांग्रेस को 96 और भाजपा को 78 सीटें मिली. सीएम अशोक गहलोत ने बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय करवा लिया.

वर्ष 2013 : भाजपा को 163 सीटों के साथ भारी बहुमत। कांग्रेस 21 सीटों पर सिमट कर रह गई। बसपा के तीन विधायक जीते। सत्ता पक्ष को शायद इनकी जरूरत नहीं रही। विपक्ष को मजबूत करने में जरूर भूमिका रही। क्योंकि कांग्रेस को बहुत कम सीटें मिल पाई थी।

वर्ष 2018 : फिर बसपा के छह विधायक जीते. कांग्रेस को 100 और भाजपा को 73 सीटें मिली. उपचुनाव में एक सीट भाजपा से छीनकर कांग्रेस 101 पर आ गई. बहुमत को और मजबूत करने के लिए गहलोत ने एक बार फिर 2008 को दोहराया और बसपा के छह विधायकों को 16 सितंबर, 2019 में विलय कर लिया गया.

बसपा की ओर से कल की जायेगी याचिका दायर:
बसपा के 6 विधायको के कांग्रेस में विलय को अब बसपा पार्टी की ओर से भी राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौति दी जायेगी.भाजपा विधायक मदन दिलावर की याचिका में पक्षकार बनने की अर्जी खारिज होने के बाद अब बसपा ने खुद की ओर से भी याचिका पेश करने की तैयारी कर ली है.बसपा सुप्रीम मायावती की ओर से भी इस मामले में प्रेसवार्ता करते हुए बसपा विधायको की सदस्यता को कोर्ट में चुनौति देने की जानकारी दी गई.जिसके बाद देर शाम जयपुर में बसपा के अधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद शर्मा और दिनेश कुमार गर्ग ने याचिका तैयार कर दी है.संभवतया बुधवार को सुबह ही बसपा की ओर से याचिका दायर कर दी जाएगी.

अक्टूबर से शुरू होगी फिल्म अतरंगी रे की शूटिंग, मुख्य भूमिका में नजर आएंगे अक्षय कुमार 

और पढ़ें

Most Related Stories

IT विभाग की समीक्षा बैठक में कई अहम फैसले, सीएम गहलोत बोले, राजस्थान आईटी आधारित सुशासन में देश का प्रथम राज्य बने

IT विभाग की समीक्षा बैठक में कई अहम फैसले, सीएम गहलोत बोले, राजस्थान आईटी आधारित सुशासन में देश का प्रथम राज्य बने

जयपुर: सुशासन एवं पारदर्शिता के लिए गहलोत सरकार ने आमजन से जुड़ी सेवाएं 30 मार्च तक ऑनलाइन करने का फैसला किया है.मुख्यमंत्री आवास पर आज वीसी के माध्यम से ढाई घण्टे तक चली सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम गहलोत ने निर्देश दिए हैं कि राजस्थान लोक सेवा के प्रदान की गारंटी अधिनियम-2011 और राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम-2012 के तहत विभिन्न विभागों की 221 नागरिक सेवाओं को 30 मार्च, 2021 तक ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने इसके लिए मुख्य सचिव को इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर गुड गवर्नेंस के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को गति देने के निर्देश दिए.

आईटी का बेहतरीन उपयोग करने पर दिया जोर: 
सुशासन व पारदर्शित के लिए मुख्यमंत्री ने आईटी का बेहतरीन उपयोग करने पर जोर दिया है. सीएम गहलोत ने आईटी विभाग की समीक्षा बैठक में विभाग के प्रोजेक्टस की जानकारी ली और साथ ही निर्देश दिए कि जनता को बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आईटी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जाए. इस बैठक में मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, आयुक्त सूचना प्रौद्योगिकी वीरेन्द्र सिंह, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी, निदेशक आरआईएसएल अभिमन्यु कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के मुख्यालय तथा विभिन्न जिलों एवं ब्लाॅक स्तर तक पदस्थापित अधिकारी उपस्थित थे.

{related}

जनता को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ें:
सीएम ने कहा कि सरकार चाहती है कि राजस्थान आईटी आधारित सुशासन में देश का प्रथम राज्य बने. राजस्थान में आम लोगों को राजकीय सेवाओं की डिलिवरी के लिए 80 हजार ई-मित्र केन्द्रों तथा राजीव गांधी सेवा केन्द्रों के रूप में पंचायत स्तर तक एक वृहद नेटवर्क उपलब्ध है. सभी विभागों को इसका अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि आम लोगों को इसका सीधा फायदा मिल सके और उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ें. गहलोत ने विभाग द्वारा विभिन्न राजकीय सेवाओं की ऑनलाइन डिलिवरी के लिए साॅफ्टवेयर, पोर्टल तथा ऐप सहित अन्य आईटी आधारित माॅड्यूल्स तैयार करने का काम आउटसोर्स करने के स्थान पर अपने ही विभाग के दक्ष एवं कुशल कार्मिकों से करवाने पर जोर दिया.

लगभग 2000 वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठकें भी आयोजित:
मुख्यमंत्री ने नियुक्तियों में अभ्यर्थियों के ऑनलाइन सत्यापन और प्रमाणीकरण, निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों में टेंडर प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने, प्रत्यक्ष लाभ हस्तान्तरण (डीबीटी) व्यवस्था को सुदृढ़ करने, डिजिटल शिक्षा की पहुंच के विस्तार सहित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने में विभिन्न आईटी प्लेटफाम्र्स के उपयोग को गति देने के निर्देश दिए. सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमण से बचाने, संक्रमित व्यक्तियों के प्रबंधन, सूचनाओं के संकलन और आदान-प्रदान तथा दिशा-निर्देशों के प्रसार आदि कार्यों में विभाग ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया है. साथ ही मुख्यमंत्री, मंत्रियों तथा अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के बीच आवश्यक समन्वय एवं दिशा-निर्देशों के लिए लगभग 2000 वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठकें भी आयोजित करवाई.

किसान अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस का चौतरफा विरोध, 24 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में होगी प्रेसवार्ता

जयपुर: किसान अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस का चौतरफा विरोध सामने आ रहा है. 24 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेसवार्ता होगी. प्रदेश प्रभारी अजय माकन ,पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा मौजूद रहेंगे. 28 सितंबर को पीसीसी से राजभवन तक पैदल मार्च तक पैदल मार्च बताया जा रहा. हालांकि धारा 144 के मद्देनजर कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है. 

2 अक्टूबर को मनाएगी प्रदेश कांग्रेस किसान मजदूर दिवस:
पैदल मार्च के बाद राज्यपाल को ज्ञापन दिया जाएगा. 2 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस किसान मजदूर दिवस मनाएगी. इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की है जयंती.  2 अक्टूबर को ही विस क्षेत्रों पर कृषि विधेयकों के खिलाफ धरने प्रदर्शन होंगे. संभव है 10 अक्टूबर को जयपुर सहित अन्य जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस किसान सम्मेलन आयोजित करेेंगे. सोमवार को भी कृषि विधेयकों के खिलाफ कांग्रेस ने  प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर्स को ज्ञापन सौंपे थे,सोशल डिस्टेंसिंग सहित गाइड लाइन की पालना होगी. 

{related}

कृषि अध्यादेशों को लेकर विरोध प्रदर्शन:
कृषि अध्यादेशों को लेकर एक पखवाड़े तक विरोध प्रदर्शन के निर्णय के पीछे किसान वोट बैंक है. प्रदेश की बात करें तो यहां वर्तमान में चल रहे ग्राम पंचायतों के साथ ही आगामी समय में पंचायत समितियों और जिला परिषदों के चुनाव भी हैं ऐसे में इस मुद्दों के जरिए कांग्रेस किसान वर्ग की सहानुभूति बंटोरकर उन्हें अपने पाले में लाना चाहती है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट 

आईपीएस लांबा द्वारा आसाराम पर लिखी किताब पर लगी रोक हटी, दिल्ली हाईकोर्ट ने डीजे कोर्ट के एकतरफा फैसले को किया रद्द

आईपीएस लांबा द्वारा आसाराम पर लिखी किताब पर लगी रोक हटी, दिल्ली हाईकोर्ट ने डीजे कोर्ट के एकतरफा फैसले को किया रद्द

जयपुर: आईपीएस अजयपाल लांबा द्वारा बहुचर्चित आसाराम केस पर लिखी पुस्तक गनिंग आफ गॉडमेन पर लगी रोक दिल्ली हाईकोर्ट ने हटा दी है.दिल्ली हाईकोर्ट ने हार्पर कॉलिंस पब्लिकेशन को आसाराम पर किताब छापने की छूट देते हुए निचली अदालत के आदेश केा रद्द कर दिया है.गौरतलब है कि 9 अगस्त को दिल्ली की एक डीजे कोर्ट ने आसाराम मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में अपील लंबित रहने के चलते पुस्तक के प्रकाशन पर रोक लगा दी थी.जिसे हार्पर कॉलिंस की ओर से अपील दायर कर हाईकोर्ट में चुनौति दी गई. 

जस्टिस नाजिमि वजीरि की एकलपीठ ने दिए आदेश:
जस्टिस नाजिमी वजिरी की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद कुछ शर्तो के साथ पुस्तक के प्रकाशन की अनुमति दी है.प्रकाशन के दौरान हार्पर कॉलिंस को एक फ्लायर छापना होगा, जिस पर लिखा होगा कि ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ संचिता गुप्ता की अपील राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित है, और किताब की प्रतियों को बेचते हुए यह जानकारी वाला फ्लायर किताब में आगे या पीछे के कवर के पीछे लगाना होगा.आनलाइन प्रति पर इलेक्ट्रोनिक माध्यम से ये सूचना देनी होगी.

{related}

IPS अजयपाल लाम्बा द्वारा लिखी गई है पुस्तक:
गौरतलब है कि गनिंग फॉर द गॉडमैन द ट्रू स्टोरी बिहाइंड आसाराम बापू कन्विक्शन जयपुर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय लांबा और संजीव माथुर ने लिखी है. इस किताब का विमोचन 5 सितंबर को होना था. लेकिन इससे पूर्व ही 4 सितंबर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने यौन शोषण के पुस्तक को सुनवाई की अगली तारीख तक प्रकाशित करने पर रोक लगा दी थी.अतिरिक्त जिला न्यायाधीश आरएस मीणा ने याचिकाकर्ता संचित गुप्ता की ओर से दायर किये गये सूट पर ये आदेश दिये थे.

कल से चलेगी उत्तर-पश्चिम रेलवे की पहली क्लोन ट्रेन, आश्रम एक्सप्रेस से करीब डेढ़ घंटे पूर्व होगी संचालित

कल से चलेगी उत्तर-पश्चिम रेलवे की पहली क्लोन ट्रेन, आश्रम एक्सप्रेस से करीब डेढ़ घंटे पूर्व होगी संचालित

जयपुर: उत्तर-पश्चिम रेलवे की पहली क्लोन ट्रेन बुधवार से शुरू होगी. अहमदाबाद से दिल्ली के बीच में यह सुपरफास्ट स्पेशल क्लोन ट्रेन सप्ताह में 2 दिन संचालित होगी. अहमदाबाद से ट्रेन रविवार और बुधवार को चलेगी. जबकि दिल्ली से ट्रेन सोमवार और गुरुवार को संचालित होगी. हालांकि रेलवे प्रशासन ने इसे यात्रियों के लिए सुविधाजनक और बेहतर ट्रेन बताया है. लेकिन ट्रेन पहले ही फेरे में यात्रियों के लिए थोड़ी महंगी साबित हो रही है. आमतौर पर क्लोन ट्रेन का कंसेप्ट यह होता है, कि जिस ट्रेन में वेटिंग ज्यादा होती है. उसके वेटिंग वाले यात्रियों को बुकिंग के समय यात्रियों से विकल्प लेकर क्लोनट्रेन में एकोमोडेट किया जाता है. लेकिन इस ट्रेन में यात्रियों को अलग से टिकट बुक करनी होगी.

{related}

हालांकि ट्रेन का किराया होगा आश्रम एक्सप्रेस से ज्यादा:
हालांकि जिस राजधानी ट्रेन का क्लोन ट्रेन इसे बताया जा रहा है, उसमें पहले से ही सीटें खाली चल रही हैं. राजधानी के अपेक्षाकृत आश्रम एक्सप्रेस में वेटिंग ज्यादा है. उदाहरण के लिए 24 सितंबर को जयपुर से अहमदाबाद जाने वाली राजधानी ट्रेन में थर्ड एसी में मात्र 2 वेटिंग है, जबकि आश्रम एक्सप्रेस में वेटिंग 15 तक पहुंची हुई है. वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई गई क्लोन ट्रेन में भी वेटिंग 10 पहुंच रही है. आश्रम एक्सप्रेस में थर्ड एसी का किराया 1005 रुपए है, जबकि क्लोन ट्रेन में किराया 1145 रुपए रखा गया है.

यह रहेगा क्लोन ट्रेन का शेड्यूल
- अहमदाबाद-दिल्ली-अहमदाबाद द्वि-सप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल क्लोन ट्रेन
- ट्रेन 09415 अहमदाबाद-दिल्ली सुपरफास्ट स्पेशल 23 सितंबर से होगी शुरू
- प्रत्येक रविवार और बुधवार को अहमदाबाद से शाम 5:40 बजे रवाना होगी
- रात 2:55 बजे जयपुर पहुंचकर 3:05 बजे दिल्ली के लिए रवाना होगी
- ट्रेन 09416 दिल्ली-अहमदाबाद सुपरफास्ट 24 सितंबर से शुरू होगी
- प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को दिल्ली से दोपहर 2:20 बजे रवाना होगी
- शाम 7 बजे जयपुर पहुंचकर 7:10 बजे अहमदाबाद के लिए जाएगी
- ट्रेन में 12 थर्ड एसी और 4 स्लीपर क्लास कोच लगेंगे

...फर्स्ट इंडिया के लिए काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

Rajasthan Corona Update: पिछले 24 घंटे में 15 मौत, 1912 नए पॉजिटिव केस, जयपुर में मिले 398 नए संक्रमित 

Rajasthan Corona Update: पिछले 24 घंटे में 15 मौत, 1912 नए पॉजिटिव केस, जयपुर में मिले 398 नए संक्रमित 

जयपुर: राजस्थान में लगातार कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे है. पिछले 24 घंटे में 15 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 1912 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. अजमेर में एक, अलवर में एक, बांसवाड़ा में एक, बाड़मेर में एक,भरतपुर में एक, चित्तौडगढ़ में एक, डूंगरपुर में एक, जयपुर में दो, जैसलमेर में एक, जोधपुर में एक, पाली में एक, सीकर में एक, टोंक में एक और उदयपुर में एक मरीज की मौत हो गई. प्रदेश में कोरोना की चपेट में आने से अब तक 1367 मरीजों की मौत हो चुकी है. वहीं कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1 लाख 18 हजार 793 पहुंच गई है.

जयपुर में मिले सर्वाधिक 398 संक्रमित:
जयपुर में सर्वाधिक 398 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है. अजमेर 88, अलवर 93, बांसवाड़ा 10, बारां 10, बाड़मेर 16, भरतपुर 34 पॉजिटिव, भीलवाड़ा 83, बीकानेर 67, बूंदी 8, चित्तौडगढ़ 26, चूरू 35, दौसा 32 पॉजिटिव, धौलपुर 11, डूंगरपुर 57, श्रीगंगानगर 29, हनुमानगढ़ 22, जयपुर 398 पॉजिटिव, जैसलमेर 9, जालोर 92, झालावाड़ 20, झुंझुनूं 35 ,जोधपुर 303 पॉजिटिव, करौली 18, कोटा 43, नागौर 52, पाली 83, प्रतापगढ़ 6, राजसमंद 31 पॉजिटिव, सवाई माधोपुर 15, सीकर 18, सिरोही 35,  टोंक 31, उदयपुर 102 पॉजिटिव सामने आये है. 

{related}

पॉजिटिव से नेगेटिव हुए कुल मरीज 98812:
राजस्थान में कुल 98 हजार 812 लोग इलाज के बाद पॉजिटिव से नेगेटिव हुए है. वहीं अब तक 97 हजार 448 लोग अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए है. कुल 18 हजार 614 मरीज अस्पताल में उपचाररत है. कुल कोरोना पॉजिटिव प्रवासियों की संख्या 9 हजार 968 पहुंच गई है.

राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा-प्राचीन ज्ञान को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर आमजन संस्कारित होगा

राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा-प्राचीन ज्ञान को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर आमजन संस्कारित होगा

जयपुर: राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है की बहुविषयी शिक्षा, संपूर्ण विकास, जड़ से जग तक और मानव से मानवता तक की बात राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में समावेशित है. नई शिक्षा नीति में आधुनिक शिक्षा से प्राचीन भारतीय ज्ञान को जोड़ने से आमजन संस्कारित होगा. शिक्षा के साथ संस्कार का होना जरूरी है. विश्व धरोहर के लिए देश की समृद्ध विरासतों को न केवल भावी पीढ़ी के लिए संरक्षित किया जाना जरूरी है, बल्कि हमारी शिक्षा प्रणाली के जरिए इन्हें बढ़ाना और इन्हें नए तरीके से उपयोग में लाना भी जरूरी है.

भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ाने वाली है नई शिक्षा नीति:
125 वर्षों के बाद भारतीयता पर यह शिक्षा नीति बनी है, जो आज के संदर्भ में ज्ञान की प्राचीन परंपरा को बताएगी. राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति को भारतीयता और भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ाने वाली बताया है. राज्यपाल ने ये विचार बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के अंतर विश्वविद्यालयी अध्यापक शिक्षा केंद्र द्वारा आयोजित वेबिनार के दौरान व्यक्त किए. वेबिनार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: प्राचीन ज्ञान परंपरा एवं आधुनिक शिक्षा विषय पर आयोजित की गई. राजभवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वेबिनार को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत की सोच व्यापक रही है.

{related}

प्राचीन काल में शिक्षा का मूल उद्देश्य रहा है ज्ञान की प्राप्ति:
विश्व गुरु का स्थान भारत ने ज्ञान से ही प्राप्त किया था. भारत की ज्ञान परंपरा इतनी समृद्ध है कि वह पुस्तकों के जलाने और पुस्तकालयों को समाप्त करने से भी समाप्त नहीं हो पाई. प्राचीन काल में शिक्षा का मूल उद्देश्य ज्ञान की प्राप्ति रहा है. प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा की आवश्यकता को पूरा विश्व महसूस करता रहा है. हमारा देश उच्च मानवीय मूल्यों और विशिष्ट वैज्ञानिक परंपराओं का देश रहा है. भारत की संस्कृति रही है कि भारत ने दुनिया को अलग-अलग देश के रूप में नहीं बल्कि एक परिवार के रूप में माना है. इस सदी के उत्तरार्द्ध से पश्चिमी सभ्यता वाले देश भारतीय संस्कृति और सभ्यता को अपनाने और जानने पर जोर देने लगे हैं. हमें और हमारी भावी पीढ़ियों को भारत के प्राचीन मूल्यों को यथोचित महत्व देना होगा. समारोह को रजनीश कुमार शुक्ल, सच्चिदानंद जोशी विनोद कुमार त्रिपाठी और आरपी शुक्ल ने भी संबोधित किया.

...फर्स्ट इंडिया के लिए काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

आयुर्वेद विभाग में खुलेगा भर्तियों का पिटारा, एक हजार से अधिक पदों पर भर्ती को दी चिकित्सा मंत्री ने मंजूरी

आयुर्वेद विभाग में खुलेगा भर्तियों का पिटारा, एक हजार से अधिक पदों पर भर्ती को दी चिकित्सा मंत्री ने मंजूरी

जयपुर: प्रदेश में नौकरी का इंतजार कर रहे आयुर्वेद मेडिकॉज के लिए बड़ी खबर है.आयुर्वेद विभाग में जल्द ही भर्तियों का पिटारा खुलेगा.चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग में 450 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों सहित कुल एक हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती को मंजूरी प्रदान की है.

चिकित्सा विभाग में बम्पर भर्तियों का सिलसिला जारी:
चिकित्सा विभाग में बम्पर भर्तियों का सिलसिला जारी है.चिकित्सा अधिकारी, नर्सेज और पेरामेडिकल स्टॉफ के बाद अब आयुर्वेद विभाग में भी एक हजार से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी.चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि उदयपुर आयुर्वेद कॉलेज में 13 प्राध्यापक और योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अधिकारी के 33 पदों पर भर्ती के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग को अभ्यर्थना भेजी गई है.उन्होंने बताया कि आयुर्वेद चिकित्साधिकारी के 450 एवं आयुर्वेद नर्स व कंपाउण्डर के 550 पदों की भर्ती के लिए राज्य चुनाव आयोग को मंजूरी हेतु प्रस्ताव भिजवाया गया है. 

{related}

चिकित्सा विभाग में तबादलों में होगी पारदर्शिता !
-चिकित्सा मंत्री ने तबादलों को लेकर भी दी जानकारी
-कहां, विभाग में स्थानांनतरण हेतु ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था
-निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आयुर्वेद, होम्योपैथी,
-यूनानी निदेशालय के अधिकारी व कर्मचारी ऑनलाइन आवेदन कर सकते
-25 सितंबर से 7 अक्टूबर के मध्य विभाग की वेबसाइट पर कर सकते आवेदन

आयुर्वेद व चिकित्सा विभाग की कोरोना काल में महत्वूपर्ण भूमिका:
फाइनल डॉ शर्मा ने बताया कि आयुर्वेद व भारतीय चिकित्सा विभाग की कोरोना संक्रमण काल में महत्वूपर्ण भूमिका रही है.विभाग प्रदेशभर में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आमजन की सेवा कर रहा है.विभाग की ओर से रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले काढ़े व अन्य दवाईयों का नि:शुल्क वितरण किया जा रहा है.विभाग में नयी भर्तियों के बाद उसकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगा, जिसका आमजन को सीधा फायदा होगा.

25 सितंबर से 7 अक्टूबर के मध्य कर सकते है आवेदन:
इस मौके पर चिकित्सा मंत्री ने तबादलों को लेकर भी स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रखी जाएगी.आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग में कार्यरत चिकित्साकर्मी अपने स्थानांनतरण के लिए आनलाइन आवेदन कर सकते है. निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी निदेशालय के अधिकारी व कर्मचारी आनलाइन आवेदन 25 सितंबर से 7 अक्टूबर के मध्य विभाग की वेबसाइट पर कर सकते है.

टोंक से तीन बार विधायक और पूर्व मंत्री रही ज़किया इनाम का निधन

टोंक से तीन बार विधायक और पूर्व मंत्री रही ज़किया इनाम का निधन

जयपुर: टोंक से तीन बार विधायक और पूर्व मंत्री रही ज़किया इनाम नहीं रही, देर रात जयपुर में उनका निधन हो गया. पिछले कई दिनों से वे बीमार चल रही थी. कल शाम को ही उनको आरयूएचएस में भर्ती कराया था. देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली. उनकी मौत की खबर के बाद टोंक कांग्रेसियों ने शोक व्यक्त किया है. कांग्रेस पार्टी से टोंक से ज़किया इनाम 3 बार विधायक रही. 1985-1989 के बीच चिकित्सा मंत्री रही. उन्होने महिला और बाल विकास मंत्री समेत विभिन्न मंत्रालय संभाले. 

1985 में पहली बार कांग्रेस उम्मीदवार के रुप में भाग्य आजमाया:
साल 1985 में पहली बार कांग्रेस उम्मीदवार के रुप में भाग्य आजमाया तथा विधायक चुनने के बाद चिकित्सा मंत्री भी बनी थी. 1993 के चुनाव में उनको टिकट नहीं मिला. 1985, 1990, 1998, 2003, 2008 एवं 2013 में वे कांग्रेस उम्मीदवार रहीं. 1998, 2008 में विधायक फिर से विधायक चुनी. 2013 के चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा तथा उनकी जमानत भी नहीं बच पाई. जिले में अब तक जकिया ही ऐसी महिला उम्मीदवार थी, जो तीन बार विधायक बनी.

{related} 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच शोक की लहर:  
उनके निधन की खबर मिलते ही टोंक और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच शोक की लहर दौड़ गई. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा, पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत प्रमुख नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया.