नई दिल्ली बढ़ती महंगाई में केंद्र की बड़ी राहत, पेट्रोल 9.5 रुपये, डीजल 7 रुपये प्रति लीटर हुआ सस्ता, गैस सिलेंडर पर भी मिलेगी सब्सिडी

बढ़ती महंगाई में केंद्र की बड़ी राहत, पेट्रोल 9.5 रुपये, डीजल 7 रुपये प्रति लीटर हुआ सस्ता, गैस सिलेंडर पर भी मिलेगी सब्सिडी

नई दिल्ली: ईंधन उत्पादों की लगातार बढ़ती कीमतों से आम जनजीवन पर पड़ रहे असर को देखते हुए सरकार ने शनिवार को पेट्रोल एवं डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में क्रमशः आठ रुपये एवं छह रुपये प्रति लीटर तक की कटौती करने की घोषणा की. उत्पाद शुल्क में की गई इस कटौती से पेट्रोल 9.5 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता हो जाएगा जबकि डीजल की कीमत में प्रति लीटर सात रुपये तक की कटौती हो जाएगी. ऐसा उत्पाद शुल्क की दर पर लगने वाले अन्य स्थानीय शुल्कों में कमी आने की वजह से होगा.

शुल्क कटौती प्रभावी होने के बाद दिल्ली में रविवार से पेट्रोल की कीमत 95.91 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी जबकि इसकी मौजूद कीमत 105.41 रुपये प्रति लीटर है. वहीं डीजल 89.67 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिकने लगेगा जो अभी 96.67 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर मिल रहा है. इसके साथ ही सरकार ने घरों में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले एलपीजी सिलेंडर पर भी 200 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी देने की घोषणा की. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक साल में 12 गैस सिलेंडरों पर यह सब्सिडी दी जाएगी.

सब्सिडी मिलने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में 14.2 किलोग्राम वजन वाले रसोई गैस सिलेंडर की प्रभावी कीमत घटकर 803 रुपये हो जाएगी. अभी दिल्ली में एक एलपीजी सिलेंडर 1,003 रुपये की कीमत में मिलता है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने और गैस सब्सिडी देने के इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने माइक्रो ब्लॉगिंग मंच ट्विटर पर जारी संदेश में इन फैसलों की घोषणा की.

पिछले कुछ महीनों में पेट्रोल एवं डीजल की कीमतें बढ़ने के अलावा रसोई गैस की कीमतें भी लगातार बढ़ी हैं. इसकी वजह से लोगों के बजट पर बुरा असर पड़ रहा था. इसको देखते हुए तमाम जानकार एवं विपक्षी दल ईंधन कीमतों में कटौती की मांग कर रहे थे. सरकार ने इसके पहले चार नवंबर, 2021 को भी पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी. लेकिन मार्च, 2022 के दूसरे पखवाड़े से पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी शुरू हो गई थी जिसके लिए रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम में हुई वृद्धि को जिम्मेदार बताया गया.

बहरहाल उत्पाद शुल्क में ताजा कटौती होने के बाद पेट्रोल पर केंद्रीय कर घटकर 19.9 रुपये प्रति लीटर रह गया है जबकि डीजल के मामले में यह 15.8 रुपये प्रति लीटर है. सीतारमण ने ट्वीट में कहा कि हम पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में आठ रुपये प्रति लीटर तक की कटौती और डीजल पर छह रुपये तक की कटौती कर रहे हैं. इससे पेट्रोल 9.5 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता हो जाएगा जबकि डीजल के दाम में सात रुपये प्रति लीटर की कमी आएगी.

इसके साथ ही केंद्रीय वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि राज्यों की सरकारें भी अपने स्तर पर पेट्रोल-डीजल पर लागू करों में कटौती करने की दिशा में आगे बढ़ेंगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों के ऐसा करने से आम आदमी को राहत मिलेगी. सीतारमण ने कहा कि आज दुनिया मुश्किल दौर से गुजर रही है. दुनिया अभी कोविड महामारी से उबर ही रही है कि यूक्रेन संघर्ष ने आपूर्ति शृंखला से जुड़ी समस्याएं पैदा कर दी हैं और कई उत्पादों की किल्लत हो गई है. इससे कई देशों में मुद्रास्फीति और आर्थिक तनाव की स्थिति पैदा हो रही है. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मुश्किल समय में भी अपने नागरिकों को राहत देने के लिए कदम उठाए हैं और पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने एवं गैस सिलिंडर पर सब्सिडी देने का फैसला उसी की एक कड़ी है.

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