लगातार 17 वें दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जबरदस्त उछाल, आमजन के छूट रहे पसीने

लगातार 17 वें दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जबरदस्त उछाल, आमजन के छूट रहे पसीने

लगातार 17 वें दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जबरदस्त उछाल, आमजन के छूट रहे पसीने

जयपुर: भीषण गर्मी और कोरोना संकट से ज्यादा प्रदेश की जनता इन दिनों पेट्रोल डीजल के दामों में वृद्धि से त्रस्त है. पेट्रोल तेजी से ₹100 की तरफ बढ़ रहा है ऐसे में आमजन के पसीने छूट रहे हैं. एक तरफ तो पिछले 17 दिन में कीमतों में वृद्धि का दौर जारी है दूसरी तरफ राज्य सरकार भी लॉकडाउन अवधि में 2 बार पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ा चुकी है. बीते 3 महीने में पेट्रोल के दाम जहां 13.55 रुपए बढ़कर 86.87 रुपए के स्तर पर पहुंच गए हैं. वहीं डीजल के दाम में भी 13.04 रुपए की वृद्धि होकर 80.23 रुपए का मुकाम हासिल किया है. 

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- 17 दिन में पेट्रोल, डीजल कीमतों में जबरदस्त उछाल
- पेट्रोल 17 दिन में 9.07 रुपए महंगा हो आज 86.87 रुपए पर पहुंचा
- डीज़ल भी 9.83 रुपए चढ़कर 80.23 रुपए के स्तर पर
- लॉकडाउन में 2 बार राज्य सरकार भी बढ़ा चुकी है वैट
- संकट के दौर में आमजन की पकड़ से बाहर हो रहा पेट्रोल-डीजल

कोरोना संकट के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भी देश और प्रदेश में पेट्रोल डीजल के दाम में वृद्धि का दौर जारी है. सूत्रों का कहना है कि उज्जवला योजना के तहत लॉकडाउन में जो गरीब परिवारों को तीन मुफ्त गैस सिलेंडर दिए उसकी पुनर्भरण राशि केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को नहीं दी है इसी कारण तेल कंपनियां मार्जिन निकालने के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ा रही हैं. देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब डीजल के दाम ₹80 के पार गए हों. जिस गति से पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ रहे हैं उसे आशंका खड़ी हो गई है कि अगले एक पखवाड़े में पेट्रोल ₹100 के स्तर को छू सकता है. 

पेट्रोल-डीजल पर चार-चार प्रतिशत वैट बढ़ाया गया था: 
दरअसल, प्रदेश में 22 मार्च को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लॉक डाउन की घोषणा की थी. इससे ठीक एक दिन पहले यानी 21 मार्च को प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर चार-चार प्रतिशत वैट बढ़ाया गया था. इसके बाद राज्य सरकार ने लॉकडाउन अवधि में 15 अप्रैल को पेट्रोल पर 2 फ़ीसदी और डीजल पर 1 फ़ीसदी वेट की वृद्धि की थी. 7 मई को एक बार फिर राज्य सरकार ने पेट्रोल पर 2 फीसदी और डीजल पर 1 फ़ीसदी वेट बढ़ाया. कुल मिलाकर प्रदेश में पेट्रोल पर 38 फ़ीसदी और डीजल पर वैट 28 फ़ीसदी के स्तर पर जा पहुंचा. राज्य सरकार के तीन बार वैट में वृद्धि करने से कोरोना संकट के दौर में प्रदेश वासियों को पेट्रोल 4.48 रुपए प्रति लीटर और डीजल 3.22 रुपए प्रति लीटर महंगा मिलना शुरू हुआ. इस दौरान हालात इतने विकट रहे की लॉकडाउन के चलते प्रदेश में पेट्रोल डीजल की बिक्री 90 फ़ीसदी घटकर 10 फ़ीसदी के न्यूनतम स्तर पर आ गई. विषम हालात को देखते हुए राजस्थान पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकार को पत्र लिखकर विशेष पैकेज की मांग कर डाली. 

पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग:
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए और राज्य सरकार भी पड़ोसी राज्यों के बराबर वैट की दर को कम करके जनता को राहत दे. अब क्योंकि प्रदेश में 1 जून से अनलॉक वन शुरू हो चुका है और लॉकडाउन में शिथिलता दी तो लोगों ने अपने जरूरी कामकाज और अपने अपने कार्यालय जाना शुरू किया. क्योंकि अभी सार्वजनिक वाहन सेवा पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाई है ऐसे में लोग अपने ही दुपहिया और चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं.  इसका सीधा मतलब है कि इस समय आमजन को पेट्रोल डीजल की सर्वाधिक जरूरत पड़ रही है और इसी समय पेट्रोल डीजल की कीमतें अपने चरम पर हैं. अब बात करें केंद्र सरकार की तो पिछले 17 दिनों में जिस तरह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हो रही है उससे ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार का तेल कंपनियों पर नियंत्रण पूरी तरह समाप्त हो चुका है. तेल कंपनियां 2 महीने शांत बैठने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बाद भी अपना मार्जिन बढ़ाने के लिए पिछले 17 दिन से कीमतों में वृद्धि का दौर शुरू कर चुकी हैं.

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पिछले 17 दिन में पेट्रोल जहां 9.07 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ:
7 जून को पेट्रोल डीजल में वृद्धि का दौर शुरू हुआ जो आज 23 जून तक जारी है. इस अवधि में पिछले 17 दिन में पेट्रोल जहां 9.07 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ है वहीं डीजल की कीमतों में भी 9.83 रुपए की वृद्धि हुई है. अब यदि राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए गए वैट और तेल कंपनियों द्वारा बढ़ाई गई कीमतों को जोड़ लिया जाए तो लॉकडाउन अवधि में प्रदेशवासियों पर दोहरी मार पड़ी है. दोनों को मिलाकर पेट्रोल के दाम जहां 13.55 रुपए बढ़कर 86.87 रुपए के स्तर पर पहुंच गए हैं. वहीं डीजल के दाम में भी 13.04 रुपए की वृद्धि होकर 80.23 रुपए का मुकाम हासिल किया है. इसका सीधा मतलब है कि भीषण गर्मी और कोरोना संकट के दौर में जहां लोगों के रोजगार छिन रहे हैं, वेतन भत्तों में कमी आई है उस दौर में पेट्रोल डीजल की दरें बढ़ाकर आम आदमी की मानों कमर तोड़ दी गई है.  

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