राजस्थान में फोन टैपिंग का मामला, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने दिल्ली में दर्ज कराई FIR

नई दिल्ली: राजस्थान के फोन टैपिंग मामले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दिल्ली में एफआईआर दर्ज करवाई है. ऐसे में एक बार फिर प्रदेश का सियासी तापमान बढ़ना तय माना जा रहा है. हालांकि अभी तक एफआईआर में क्या लिखा हुआ है इसे लेकर विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है. लेकिन बोतल में बंद फोन टैपिंग का जिन्न फिर से बाहर आ गया है. 

इससे पहले भी हाल ही में फोन टैपिंग के आरोपों को लेकर बीजपी ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा था. पार्टी ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग के साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पद से इस्तीफा देने तक की मांग की थी.  हालांकि, राज्य सरकार ने कहा था कि राज्य के किसी विधायक या मंत्री का फोन टैप नहीं किया गया.

दरअसल, सरकार पर ये आरोप इस बारे में विधानसभा में एक तारांकित प्रश्न के उत्तर में दी गई जानकारी के बाद लगाए जा रहे हैं. हालांकि न तो इस प्रश्न और न ही इसके उत्तर में कहीं जिक्र है कि किसके फोन टैप किए गए. 

विधायकों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के फोन टैप किए जाने के आरोप लगे थे:
बता दें कि पिछले साल सचिन पायलट व 18 अन्य कांग्रेस विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री गहलोत के नेतृत्व के खिलाफ बगावती तेवर अपनाए जाने के बाद कांग्रेस ने अपने विधायकों को लंबे समय तक अलग-अलग होटलों में रखा था. इसी घटनाक्रम में विधायकों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के फोन टैप किए जाने के आरोप लगे थे. हालांकि अधिकारियों व मुख्यमंत्री गहलोत ने खुद इसका खंडन किया. वहीं, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी इस मामले को लेकर हमलावर नजर आए थे. 

सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर फोन टैपिंग क्यों की गई? 
गजेंद्र सिंह ने कहा था कि भाजपा ने पिछले साल जुलाई में यही कहा था कि राजस्थान में आपातकाल चल रहा है. गहलोत सरकार ने उस समय इनकार किया था, और अब स्वीकार कर रही है कि फोन टैप किए गए. यह निजता का हनन है, लोकतंत्र की हत्या है. शेखावत के अनुसार, ”जनता की ओर से भी एक प्रश्न है – कांग्रेस पार्टी की अंदरुनी बगावत रोकने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर फोन टैपिंग क्यों की गई? कांग्रेस सरकार ने प्रशासन का इस्तेमाल अपने हित में क्यों किया? ये ‘अवैध’ प्रक्रिया है! लोकतंत्र की हत्या है!”

सरकार को अस्थिर करने के षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगा था: 
बता दें कि यह राजनीतिक घटनाक्रम में गहलोत ने राज्य के कुछ केंद्रीय नेताओं पर उनकी सरकार को अस्थिर करने के षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया था. इस दौरान एक ऑडियो टेप भी जारी किया गया था, जिसमें कथित तौर पर गजेंद्र सिंह व कांग्रेस के एक विधायक की बातचीत थी और इसमें ऐसा लग रहा था कि गहलोत सरकार की अस्थिरता को लेकर बात हो रही है.

और पढ़ें