VIDEO: जयपुर के गोपालपुरा बाइपास के रि-डवलपमेंट का प्लान तैयार, देखिए ये खास रिपोर्ट 

VIDEO: जयपुर के गोपालपुरा बाइपास के रि-डवलपमेंट का प्लान तैयार, देखिए ये खास रिपोर्ट 

जयपुर: राजधानी जयपुर में गोपालपुरा बाइपास प्रदेश के दूसरे शहरों में मौजूद ऐसी सभी सड़कों के लिए नजीर साबित होने वाला है. इस सड़क पर चल रही गैर आवासीय गतिविधियों के नियमन और सड़क के रिडवलपमेंट प्लान का जयपुर विकास प्राधिकरण ने खाका तैयार कर लिया है. प्रदेश भर के शहरों में कई सड़कें ऐसी हैं जो मास्टरप्लान में व्यावासायिक व मिश्रित भू उपयोग के रूप में चिन्हित हैं,लेकिन इन सड़कों पर गैर आवासीय गतिविधियां चल रही हैं. इन गतिविधियों का नियमन करने और इन गतिविधियों के अनुसार सड़क पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता है. 

गोपालपुरा बाइपास के लिए प्लान तैयार करने के दिए थे निर्देश :

इसी लिहाज से कैबिनेट एम्पावर्ड कमेटी की इस वर्ष 14 फरवरी को हुई बैठक में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गोपालपुरा बाइपास के लिए प्लान तैयार करने के जयपुर विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए गए. गोपालपुरा बाइपास का पायलट प्रोजेक्ट लागू होने के बाद अन्य शहरों की ऐसी सड़कों का भी ऐसा ही प्लान तैयार किया जाएगा. नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में गठित इस एम्पावर्ड कमेटी के निर्देश पर जेडीए ने गोपालपुरा बाइपास विशेष परियोजना डवलपमेंट प्लान तैयार कर लिया है. गोपालपुरा फ्लाईओवर से लेकर गुर्जर की थड़ी चौराहे तक इस प्लान को लागू करने के लिए जेडीए ने बाकायदा अधिसूचना भी जारी कर दी है. आपको सबसे पहले बताते हैं कि इस सड़क के किनारे चल रही गैर आवासीय गतिविधियों का नियमन किस प्रकार किया जाएगा.

यूं होगा गैर आवासीय गतिविधियों का नियमन:
-सड़क की चौड़ाई के डेढ़ गुना मतलब दोनों तरफ 72-72 मीटर गहराई तक अथवा एकल भूखंड की गहराई दोनों में से जो भी कम हो, उस गहराई तक व्यावसायिक भू उपयोग किया जा सकेगा.
-जेडीए की ओर से शिविर लगाकर व्यावसायिक भू रूपांतरण की कार्यवाही की जाएगी.
-भूखंडधारी को विभिन्न शुल्क जमा कराते हुए निर्धारित प्रपत्र में व्यावसायिक भू रूपांतरण कराने के लिए आवेदन करना होगा.
-अगर भूखंड पर निर्माण भवन विनियमों के अनुरूप नहीं हैं तो जेडीए भूखंड का केवल व्यावसायिक भू रूपांतरण आदेश जारी करेगा.
-ऐसे मामले में आवेदक को यह शपथ पत्र देना होगा कि वह भवन विनियमों के अनुसार भवन का निर्माण कर जेडीए काे सूचित करेगा,साथ ही आवेदन के साथ प्रस्तावित भवन मानचित्र भी प्रस्तुत करना होगा.
-भूखंड पर अगर कोचिंग,दुकान,व्यावसायिक परिसर,थोक व्यापार आदि गतिविधि चल रही है तो पार्किंग के लिए भवन विनियमों के अनुसार आवश्यक इक्विवेलेंट कार यूनिट्स (ECU) के अतिरिक्त 25 प्रतिशत ECU का स्थान आगंतुकों की पार्किंग के लिए रखना होगा.
-भूखंड पर अगर होटल,गेस्ट हाउस,बॉर्डिंग व लॉज है तो पार्किंग के लिए आवश्यक ECU के अतिरिक्त 10 प्रतिशत ECU का स्थान आगंतुकों की पार्किंग के लिए रखना होगा.
-ऐसे भूखंड जिनमें पहले से ही निर्माण है और उनमें पार्किंग शून्य है या पर्याप्त पार्किंग नहीं हैं तो ऐसे सभी मामलों में आवेदक को पार्किंग शुल्क देना होगा.
-ऐसे मामलों में पार्किंग के लिए जितने कम ECU का स्थान उपलब्ध होगा, उसके बराबर प्रति ECU एक लाख रुपए के अनुसार पार्किंग शुल्क लगेगा.
-अगर किसी भूखंड का गैर व्यावायिक पट्टा पहले से जारी किया जा चुका है तो ऐसे मामलों में आवासीय आरक्षित दर के 40 प्रतिशत के बराबर भू उपयोग परिवर्तन शुल्क भी देना होगा.

गोपालपुरा बाइपास विशेष परियोजना डवलपमेंट प्लान के तहत गैर आवासीय गतविधियों का नियमन हीं नहीं होगा, बल्कि पूरी सड़क में विभिन्न सुविधाओं के विकास का प्लान भी तैयार किया गया है. 

रिडवलपमेंट प्लान की खास बातें:
-मास्टरप्लान के अनुसार सड़क की चौड़ाई 160 फीट रखी जाएगी, जहां इससे अधिक चौड़ाई में सड़क मौजूद हैं, उसे यथावत रखा जाएगा.
-मुख्य सड़क व सर्विस लेन के मध्य प्रस्तावित डिवाईडर को लैंडस्केप फुटपाथ के तौर पर विकसित किया जाएगा, साथ ही यहां सघन पौधरोपण किया जाएगा.
-प्रस्तावित फुटपाथ के साथ मिनी वाटर बॉडी,फव्वारे और बैठने के लिए स्ट्रीट फर्नीचर लगाना भी प्रस्तावित है.
-सड़क,अन्य उपलब्ध स्थान, रेलवे ओवरब्रिज के नीचे व सार्वजनिक स्थलों पर पार्किंग का प्रावधान किया गया है.
-यहां श्रीगोपाल नगर के करतारपुरा नाला के पास सुविधा क्षेत्र में मल्टीलेवल पार्किंग प्रस्तावित की गई है,इसका निर्माण वसूले गए पार्किंग शुल्क से किया जाएगा.
-हर 900 मीटर की दूरी पर एक बस स्टॉप होगा,जिसके पास टैक्सी स्टैण्ड भी होगा, न्यू आतिश मार्केट मेट्रो स्टेशन से टोंक रोड तक शटल बस सर्विस शुरू की जाएगी.
-यहां चल रहे सभी कोचिंग संस्थानों में कक्षाएं शुरू होने व खत्म होने का समय एक जैसा होने के बजाए अलग-अलग रखा जाएगा. ताकि सड़क पर एक ही समय में आवाजाही के कारण होने वाले जाम से बचा जा सके.

गोपालपुरा बाइपास विशेष परियोजना डवलपमेंट प्लान को लागू करने के लिए जेडीए ने जेडीए एक्ट की धारा 23 के तहत अधिसूचना जारी की है. यह अधिसूचना जारी कर आमजन से 30 दिन में इस प्लान को लेकर आपत्ति व सुझाव मांगे गए हैं. प्राप्त आपत्ति व सुझावों के निस्तारण के बाद जेडीए प्लान को लागू करने की फाइनल अधिसूचना जारी करेगा. 

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