जून में ग्रहों का गोचर लॉकडाउन को करेगा समाप्त, 4 ग्रहों का राशि परिवर्तन देगा शुभता; सौगात वाला रहेगा यह महीना

जून में ग्रहों का गोचर लॉकडाउन को करेगा समाप्त, 4 ग्रहों का राशि परिवर्तन देगा शुभता; सौगात वाला रहेगा यह महीना

जून में ग्रहों का गोचर लॉकडाउन को करेगा समाप्त, 4 ग्रहों का राशि परिवर्तन देगा शुभता;  सौगात वाला रहेगा यह महीना

जयपुर: ज्योतिष की दृष्टि से वर्ष 2021 काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है. अब आने वाला जून का महीना ज्योतिष और ग्रहों की दृष्टि से बहुत ही खास रहने वाला है इस महीने में सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल ग्रह अपनी राशि परिवर्तन करेंगे. इसके साथ ही शनि अपनी मकर राशि में, राहु वृषभ राशि में और केतु वृश्चिक राशि में गोचर करते हुए सभी राशियों को प्रभावित करेंगे. चंद्रमा हर सवा 2 दिन के बाद अपनी चाल बदलते रहते हैं. 

पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि संवत 2078 के राजा और मंत्री मंगल जैसे ही कर्क राशि में प्रवेश करेंगे और कोरोना महामारी संक्रमण से लोगों को निजात मिलना आरंभ हो जाएगा. मंगल के साथ अमृत संजीवनी के मालिक शुक्र लोगों को राहत प्रदान करेंगे. मंगल के कारण ही लॉकडाउन समाप्त होगा और जनजीवन सामान्य होगा. जून के महीने में कोरोना महामारी के वैक्सीन में वैज्ञानिकों को सफलता मिलेगी तथा बीमारियों के इलाज में सफलता प्राप्त होगी. मंगल ग्रह कर्क और सिंह राशि में अधिक शुभ फल देते हैं.

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि वैदिक ज्योतिष के सिद्धांत के अनुसार मनुष्य के जीवन में जो भी घटनाएं घटित होती हैं. उनका कारण ग्रहीय दशा, गोचर, उनकी चाल है. सौरमंडल में बैठे ग्रह ही यह निर्धारित करते हैं कि आने वाला समय कैसा होगा और मनुष्य जीवन पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा. जून का महीना ग्रहों के लिहाज से शुभता वाला साबित होगा. ज्योतिषीय गणना और पंचांग के अनुसार जून के महीने में सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल ग्रह की स्थितियों में बदलाव होगा. 

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि ग्रहों के सेनापति मंगल 2 जून 2021 को कर्क राशि में, राजकुमार बुध 3 जून 2021 को वृषभ राशि में, ग्रहों के राजा सूर्य 15 जून 2021 को मिथुन राशि में और मृत संजीवनी के मालिक शुक्र 22 जून 2021 को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. भारतीय ज्योतिष के मुताबिक ग्रह नक्षत्रों का हमारे जीवन पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है. हर ग्रह राशि के अनुसार व्यक्ति के जीवन पर असर डालता है और ऐसे में किसी भी ग्रह का राशि परिवर्तन संबंधित राशि के जातक पर भी अच्छा या बुरा असर डालता है. गौरतलब है कि सूर्य, केतु, राहु से लेकर बुध तक सभी ग्रह अपनी चाल बदलते हैं. जून 2021 में कुल 4 ग्रह राशि प्रवेश करने वाले हैं. 

मंगल ग्रह का कर्क राशि में गोचर: 
विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि ग्रहों के सेनापति मंगल ग्रह 2 जून 2021 को मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. इस राशि में मंगल 20 जुलाई 2021 तक विराजमान रहेंगे. कर्क चंद्रमा की राशि है और यह मंगल देव की नीच राशि मानी जाती है. जबकि मकर राशि में ये उच्च के माने जाते हैं. अपनी नीच राशि में ग्रह कमजोर हो जाते हैं. जन्म कुंडली में मंगल ग्रह के द्वारा रुचक योग का निर्माण होता है जिसके प्रभाव से जातक जीवन में कई क्षेत्रों में सफलता मिलती है. मंगल ग्रह को ऊर्जा का कारक माना जाता है. मंगल ग्रह हर डेढ़ माह में अपनी राशि परिवर्तन करते हैं. मंगल ग्रह कर्क और सिंह राशि में अधिक शुभ फल देते हैं.

बुध का 3 जून को वृषभ राशि में गोचर: 
विख्यात भविष्यवक्ता अनीष व्यास ने बताया कि बुद्धि और वाणी के प्रतीक बुध देव 3 जून 2021 को अपने मित्र शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे. इस राशि में बुध ग्रह 7 जुलाई 2021 तक स्थित रहेंगे. उसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे. वृषभ राशि में राहु पहले से ही विराजमान हैं. इस प्रकार बुध के भी प्रवेश कर जाने से राहु के अशुभ प्रभाव में कमी आएगी जिसके परिणामस्वरूप जन्मकुंडली में राहु जनित दोष कुछ दिनों के लिए शांत हो जाएंगे. बुध देव मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं. ये मीन राशि में नीचराशिगत तथा कन्या राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं. बुध ग्रह को बुद्धि का कारक माना जाता है. जिन जातकों का बुध ग्रह प्रबल होता है, ऐसे लोगों बौद्धिक कार्य में ज्यादा रूचि दिखाते हैं.

सूर्य का 15 जून  को मिथुन राशि में प्रवेश:
विख्यात कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि ग्रहों के राजा सूर्य देव 15 जून 2021 को वृषभ राशि से मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. इस राशि में सूर्यदेव 16 जुलाई 2021 तक स्थित रहेंगे. इसके बाद सूर्य अपनी नीच की राशि कर्क में प्रवेश करेंगे. सूर्य ग्रह सिंह राशि के स्वामी है. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य एक प्रधान ग्रह है. यह राजा, नेतृत्वकर्ता, उच्च पद, सरकारी जॉब आदि का कारक माना जाता है. सूर्य सिंह राशि का स्वामी है. मेष राशि में यह उच्च का और तुला राशि में नीच का होता है.

शुक्र का कर्क राशि में प्रवेश:
भौतिक सुखों को प्रदान करने वाले शुक्र ग्रह 22 जून 2021 को मिथुन राशि से कर्क राशि में गोचर करेंगे. इस राशि में 17 जुलाई 2021 तक स्थित रहेंगे. कर्क चंद्र ग्रह की राशि है और शुक्र चंद्र ग्रह को अपना शत्रु मानता हैं इसलिए कर्क राशि में शुक्र का फल बहुत ज्यादा शुभ नहीं होगा. शुक्र के इस गोचर का सभी राशियों शुभ अशुभ प्रभाव पड़ेगा. 

शनिदेव मकर राशि में ही रहेंगे विराजमान:
विख्यात भविष्यवक्ता अनीष व्यास ने बताया कि न्याय देवता कहे जाने वाले शनि इस साल 2021 में कोई राशि परिवर्तन नहीं करेंगे. इस वर्ष मकर राशि में ही विराजमान रहेंगे. शनिदेव को कर्म का देवता माना जाता है. शनि जातक के कर्म के हिसाब से फल देते हैं.

ग्रहों के गोचर का प्रभाव:
विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि कोरोना महामारी वैक्सीन में वैज्ञानिकों को और अधिक सफलता मिलेगी. साथ ही अन्य बीमारियों के इलाज में भी नए-नए आविष्कार होंगे. नई-नई दवाइयां और तकनीक विकसित होगी. रक्त से होने वाले बीमारियों में कमी आएगी. शुक्र बुध मंगल और सूर्य के राशि परिवर्तन से व्यापार में तेजी आएगी. बीमारियों में कमी आएगी. रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. आय में इजाफा होगा. प्राकृतिक घटनाएं होगी. भूकंप आने की संभावना है. राजनीति में बड़े स्तर पर परिवर्तन देखने को मिलेगा. इसका प्रभाव राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही स्तर पर देखा जाएगा.

राजस्थान पर असर:
विख्यात भविष्यवक्ता अनीष व्यास ने बताया कि 4 बड़े ग्रहों के परिवर्तन से राजस्थान की राजनीति में हलचल दिखाई देगी. साथ ही फेरबदल की संभावना बनेगी. जन आंदोलन या जनाक्रोश होगा. कोरोना महामारी के संक्रमण में कमी आयेगी. व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेगी. जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होगा. सोने चांदी के भाव में तेजी रहेगी. कोई अप्रिय घटना होने की संभावना बन रही है.

क्या करें उपाय:
विख्यात  कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि हं हनुमते नमः, ऊॅ नमः शिवाय, हं पवननंदनाय स्वाहा का जाप करें. ईश्वर की आराधना संपूर्ण दोषों को नष्ट एवं दूर करती है. महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती पाठ करना चाहिए. माता दुर्गा, भगवान शिव विष्णु लक्ष्मीनारायण और हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए.

सोर्स - सौजन्य से अनीष व्यास विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्लेषकपाल बालाजी ज्योतिष संस्थान, जयपुर 

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