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वेब चैक इन के नाम पर कट रही जेब! एयरलाइंस सीट चुनने के नाम पर भर रही जेब, कॉर्नर और बीच वाली सीट के रेट अलग-अलग

वेब चैक इन के नाम पर कट रही जेब! एयरलाइंस सीट चुनने के नाम पर भर रही जेब, कॉर्नर और बीच वाली सीट के रेट अलग-अलग

जयपुर: कोरोना काल में यूं तो एविएशन सेक्टर को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है. 2 माह तक फ्लाइट बंद रहने से एयरलाइंस को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है. लेकिन अब एयरलाइंस अपने नुकसान की भरपाई यात्रियों से अवैध तरीके से भी कर रही हैं. सीट सलेक्शन के नाम पर यात्रियों से चार्ज किया जा रहा है, जबकि कोरोना काल से पहले यात्रियों को बोर्डिंग पास देते समय सीट नि:शुल्क दी जाती थी. कौंनसी एयरलाइंस कितना ले रही हैं चार्ज, और कैसे की जा सकती है इन पर कार्रवाई. 

अब फ्लाइट्स की संख्या में बढ़ोतरी:
कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के बाद फ्लाइट्स का संचालन सुचारू हुए 25 दिन हो चुके हैं. अब फ्लाइट्स की संख्या में बढ़ोतरी हुई है और धीरे-धीरे यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है. हालांकि अभी भी एयरलाइंस को अपेक्षाकृत यात्रीभार नहीं मिल पा रहा है और कोरोना काल से पहले की तुलना में करीब 20 से 25 फीसदी फ्लाइट ही संचालित हो रही हैं. इसी कमी को पूरा करने के लिए एयरलाइंस अब यात्रियों की जेब काटने में जुट गई हैं. एक तरफ तो हवाई किराए की दरें अपेक्षाकृत रूप से ज्यादा हैं, वहीं अब एयरलाइंस ने वेब चैक इन के नाम पर भी यात्रियों की जेब काटना शुरू कर दिया है.

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नियमानुसार पसंद की सीट के पैसे ही ले सकती हैं एयरलाइंस:
दरअसल केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हवाई यात्रियों के लिए वेब चैक इन को अनिवार्य कर दिया है. यानी अब अपना बोर्डिंग पास खुद ही प्रिंट करना होता है. कोरोना काल से पहले यात्री जब एयरपोर्ट पहुंचते थे तो उन्हें बोर्डिंग पास मिलता था. तब दो तरह के विकल्प होते थे, यात्री चाहें तो खुद अपनी सीट चुन सकते थे, इसके लिए अतिरिक्त किराया देना होता था. दूसरा विकल्प यह होता था कि एयरलाइन कर्मचारी अपनी मर्जी से सीट देते थे, तब यात्रियों से कोई चार्ज नहीं लिया जाता था. लेकिन अब यात्रियों को खुद ही अपनी सीट चुननी होती है, ऐसे में एयरलाइंस नि:शुल्क श्रेणी की सीटों के भी पैसे चार्ज कर रही हैं. अलग-अलग एयरलाइंस अपनी मर्जी के हिसाब से सीटों के पैसे ले रही हैं.

जानिए, कितनी मंहगी हुई आपकी यात्रा
- इंडिगो एयरलाइन दूसरी और तीसरी कतार तक 400 रुपए ले रही
- चौथी से दसवीं कतार तक 350 रुपए चार्ज लिया जा रहा
- 11वीं से 20वीं कतार तक 250 रुपए चार्ज लिया जा रहा
- 21 से 30वीं कतार तक 150 रुपए किराया लिया जा रहा
- इंडिगो कॉर्नर सीट या खिड़की की तरफ वाली सीट के चार्ज ले रही है
- इंडिगो बीच वाली सीट का कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं ले रही
- लेकिन जो लोग चार्ज नहीं देंगे, सीट नहीं चुनेंगे, उन्हें बीच वाली सीट मिलेगी
- और बीच वाली सीट वाले यात्री को पीपीई किट पहनना अनिवार्य होगा

- स्पाइसजेट एयरलाइन एक कदम और आगे है
- स्पाइसजेट एयरलाइन बीच वाली सीट के भी चार्ज वसूल रही
- दूसरी से चौथी कतार के 899 रुपए चार्ज लिया जा रहा
- बीच वाली सीट के भी 899 रुपए चार्ज लिया जा रहा
- पांचवी से 11वीं सीट तक कॉर्नर सीट 350 रुपए में मिलेगी
- जबकि 11वीं सीट तक बीच वाली सीट के लिए 250 रुपए लिए जा रहे
- 13वीं से 24वीं सीट तक कॉर्नर सीट के 200 रुपए लिए जा रहे
- इन्हीं कतारों में बीच वाली सीट के 99 रुपए लिए जा रहे

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इंडिगो में बीच वाली सीट चुनी तो पहनना होगा पीपीई किट:
यात्रियों से सीट चुनने के नाम पर अतिरिक्त पैसे लेने को एविएशन इंडस्ट्री से जुड़े लोग सही करार दे रहे हैं. जयपुर एयरपोर्ट से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चूंकि एयरलाइंस के लिए इन दिनों खर्चा बढ़ गया है. बीच की सीट वाले यात्री को पीपीई किट पहनानी होती है. प्रत्येक यात्रा के बाद विमान को सैनिटाइज किया जाता है, इस कारण बढ़े हुए खर्चे की भरपाई के लिए ये चार्ज लगाए गए हैं. हालांकि नियमानुसार यात्रियों से सीट चुनने के नाम पर पैसे वसूलना गलत है. एयरलाइंस द्वारा यात्रियों से अतिरिक्त किराया वसूली को लेकर यात्री चाहें तो शिकायत कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वेब पोर्टल www.airsewa.gov.in पर लॉग इन करना होगा. यहां यात्री ग्रीवेंस रिड्रेसल कॉलम में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं. जयपुर एयरपोर्ट निदेशक जेएस बलहारा ने बताया कि एयरलाइंस यदि सीट चुनने के पैसे ले रही हैं, तो यह उनका मामला है. एयरपोर्ट प्रशासन के पास शिकायत प्राप्त होने पर उसे कार्रवाई के लिए डीजीसीए के पास भिजवाया जाता है. नियामक एजेंसी डीजीसीए एयरलाइंस पर कार्रवाई कर सकती है. 

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

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अब विप्रो और फोर्टम मिलकर देखेगीं मार्केट, 5 साल का एग्रीमेंट किया साइन

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नयी दिल्ली: विप्रो लि. को फोर्टम से ऐप्लिकेशन प्रबंधन (एएमएस) तथा सेवा एकीकरण एवं प्रबंधन (एसआईएम) का पांच साल का अनुबंध  साइन किया है. आपको बता दे कि फिनलैंड मुख्यालय वाली फोर्टम दुनिया की प्रमुख स्वच्छ ऊर्जा कंपनियों में से है. 

विप्रो ने मंगलवार को बयान में कहा कि पांच साल के अनुबंध के तहत वह 18 देशों में 11,500 प्रयोगकर्ताओं के लिए फोर्टम के ऐप्लिकेशन पोर्टफोलियो का प्रबंधन करेगी.  इसके अलावा वह कारोबार की दृष्टि से महत्वपूर्ण ऐप के लिए चौबीसों घंटे समर्थन उपलब्ध कराएगी. 

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ने कहा कि वह अपने कृत्रिम मेधा (एआई) तथा ऑटोमेशन मंच विप्रो होल्म्स के जरिये प्रोसेस ऑटोमेशन से अंतिम प्रयोगकर्ताओं के लिए अनुभव को बेहतर बनाएगी. इस करार के वित्तीय पक्ष का खुलासा नहीं किया गया है. 

घोषणा के बाद फोर्टम के उपाध्यक्ष  तुओमास सलोसारी ने कहा है कि हमने विप्रो के लचीले और दक्ष समाधान उपलब्ध कराने के अनुभव और क्षमता को देखते हुए उसे अपना भागीदारी चुना है. कोरोना त्रासदी के बीच ये जोड़ कितना कारगर होगा ये तो वक्त ही बताएगा. (सोर्स-भाषा)

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केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश, कैप्टन जमकर साधा निशाना

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चंडीगढ़: देश के अलग-अलग हिस्सों में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है. इस बीच आज पंजाब विधानसभा में इन कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पेश कर दिया है. इसके साथ ही तीन एक्ट भी पेश किए गए. ऐसे में पंजाब ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. 

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया:
मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया. बिल पेश करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वे केंद्रीय कृषि कानून की आलोचना करते हैं. केंद्र सरकार इस एक्ट को वापस ले, इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है. इस कानून से किसानों का भला नहीं होगा, बल्कि उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा.

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इलेक्ट्रिसिटी बिल में भी जो बदलाव किए गए: 
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रस्ताव पेश करने के बाद कहा कि तीन कृषि कानूनों के अलावा इलेक्ट्रिसिटी बिल में भी जो बदलाव किए गए हैं, वो भी किसान और मजदूरों के खिलाफ हैं. इससे पंजाब के साथ हरियाणा और वेस्ट यूपी पर भी असर पड़ेगा. 

अब धरना खत्म कर दें और काम पर लौटें:
विधानसभा में केंद्र के कानूनों के खिलाफ तीन नए बिल पेश किए गए, जो केंद्र द्वारा लाए कानूनों के बिल्कुल अलग हैं और एमएसपी को जरूरी करते हैं. पंजाब सीएम ने रेलवे ट्रैक पर बैठे किसानों से अपील की है कि अब धरना खत्म कर दें और काम पर लौटें, इन कानूनों के खिलाफ हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. 

महिला से सामूहिक दुष्कर्म, चार गिरफ्तार

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चित्रकूट: उत्तर प्रदेश से महिला के साथ सामूहिक ज्यादती का मामला सामने आया है. प्रदेश के चित्रकूट जिले की कर्वी कोतवाली पुलिस ने एक महिला से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.  हैरत की बात ये है कि आरोपियों में एक महिला भी शामिल है. 

कर्वी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अनिल पाठक ने बताया कि रैपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 35 वर्षीय महिला ने रविवार को रामनगर गांव के रहने वाले राजेश साहू और बरुई गांव के चिमन पटेल के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का और कर्वी के कसहाई रोड़ निवासी रेवतीरमण, उसकी पत्नी विद्या व बेटे मोनू के खिलाफ घटना की साजिश रचने का मामला दर्ज करवाया है. 

उन्होंने बताया कि मामले में चिमन पटेल को दुष्कर्म करने और रेवतीरमण, उसकी पत्नी विद्या और बेटे मोनू को साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. फरार आरोपी राजेश साहू की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है, मगर वो अभी भी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच पाया है. 

एसएचओ ने दर्ज प्राथमिकी के आधार पर बताया कि पीड़िता को 28 सितंबर को राजेश व चिमन पटेल किसी बहाने से कर्वी ले आये और यहां कसहाई रोड़ स्थित रेवतीरमण के घर में दोनों ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया और इसके बाद उसे उसे प्रयागराज ले जाया गया, जहां दुष्कर्म करते रहे और बाद में वहीं छोड़कर फरार हो गए.

उन्होंने बताया कि सोमवार को पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है, लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं मिली है. फिलहाल आरोपियों को गिकफ्तार किया जा चुका है और चिकित्सकीय रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है क्योंकि उसके बाद  ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है. (सोर्स-भाषा)

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मैच फिक्सिंग मामला: फुटबॉल संघ के उप प्रमुख रोमन बरबर ने दिया इस्तीफा

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प्राग:  मैच फिक्सिंग मामला में नया मोड़ आया है जहां चेक फुटबॉल संघ के उप प्रमुख रोमन बरबर ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. मैच फिक्सिंग प्रकरण में संदिग्ध भ्रष्टाचार के कारण पिछले हफ्ते पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद बरबर ने यह कदम उठाया है. फुटबॉल संघ के अध्यक्ष मार्टिन मलिक ने सोमवार को कार्यकारी समिति की बैठक के बाद बरबर के कदम की घोषणा की है. 

कार्यकारी समिति ने साथ ही शीर्ष दो पेशेवर लीग के सदस्यों को छोड़कर रैफरियों की पूरी समिति को बर्खास्त कर दिया गया है.  चेक गणराज्य की पुलिस ने रैफरी और अन्य फुटबॉल अधिकारियों सहित 20 लोगों को निशाना बनाते हुए भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग जांच के संदर्भ में शुक्रवार को संघ मुख्यालय पर छापा मारा था और 19 लोगों को हिरासत में लिया है. बरबर सहित चार लोग अब भी पुलिस हिरासत में हैं और आगे कार्यवाही जारी है. (सोर्स-भाषा)

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पीपीई किट पहने स्वास्थ्यकर्मी और मरीज ले रहे हैं गरबे का मजा, वीडियो वायरल

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मुंबई: मुंबई के कोविड-19 केंद्रों में मरीजों के गरबा करने के दो वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे है. हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने लोगों से अपील की थी कि वे नवरात्रि के दौरान डांडिया आयोजन के बजाए रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य शिविर लगाएं. वायरल हुए वीडियो में से एक में पीपीई किट पहने स्वास्थ्य कर्मियों के साथ कोविड-19 महिला वार्ड की कई मरीज मास्क लगाकर एक फिल्मी गाने पर गरबा करते हुए नजर आ रही हैं.  इस वीडियो क्लिप में कुछ महिला मरीज प्रस्तुति को देखती भी नजर आ रही है. 

वहीं एक अन्य वीडियो में कुछ पुरुष मरीज नर्सिंग स्टेशन 15 में पीपीई किट पहने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ गरबा करते हुए दिखे हैं. सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट के मुताबिक ये वीडियो गोरेगांव में बृहन्मुंबई महानगरपालिका के कोविड-19 केंद्र के हैं. इस संबंध में बीएमसी आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने पीटीआई-भाषा को मंगलवार को बताया कि गरबा प्रस्तुति वाला एक वीडियो बीएमसी के कोविड-19 केंद्र का है लेकिन केंद्र के डीन ने उन्हें बताया है कि उन्होंने इसका आयोजन नहीं किया था. 

चहल ने कहा कि केंद्र के डीन ने उन्हें यह भी बताया कि मरीज स्वास्थ्यकर्मियों के साथ खुद ही जश्न मना रहे थे और वे प्रसन्न एवं अच्छा महसूस कर रहे थे. उन्होंने डीन के हवाले से कहा कि ऐसा करने में खुशी मिलने की वजह से केंद्र के डॉक्टरों ने उन्हें इसकी अनुमति दे दी थी. मुंबई, देश में कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित शहरों में से एक है और अभी तक यहां संक्रमण के करीब 2.43 लाख मामले आ चुके हैं तथा 9,700 लोगों की मौत संक्रमण की वजह से हो चुकी है. महाराष्ट्र सरकार ने पिछले महीने लोगों से अपील की थी कि वे महामारी के मद्देनजर नवरात्रि और दशहरा का उत्सव सादगी से मनाएं. (सोर्स-भाषा)

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NCR शहरों की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में: CPCB

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नोएडा:  केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हालिया जारी रिपोर्ट में दावा किया है कि एनसीआर शहरों की एयर क्वालिटी बहुत ही खराब स्थिती की है. हरियाणा में फरीदाबाद के कुछ स्थानों पर सोमवार को वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में रही जबकि उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद तथा हरियाणा के गुड़गांव में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई है. आपको बता दे की ये शहर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आते हैं.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, दिल्ली से सटे चारों जिलों में पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर भी काफी ज्यादा था. वायु गुणवत्ता शून्य से 50 के बीच अच्छी, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक मध्यम, 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 तक बेहद खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर मानी जाती है. 

सीपीसीबी के रात नौ बजे के आंकड़ों के मुताबिक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) फरीदाबाद में कुछ स्थानों पर बहुत खराब था लेकिन व्यापक तौर पर खराब श्रेणी में रहा है. आंकड़ों के अनुसार, गुड़गांव, गाजियाबाद और गौतबुद्धनगर में एक्यआई खराब श्रेणी में रहा है. इन क्षेत्रों में अत्यधिक मात्रा में पराली जलाने के कारण भी प्रदूषण बढ़ रहा है जिसकी रोकथान के उपाय किये जा रहे है. (सोर्स-भाषा)

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CM शिवराज सिंह चौहान के चुनावी रोड शो में शर्तों का उल्लंघन, मामला दर्ज

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इंदौर: मध्य प्रदेश में कोरोना के नियमों की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है. प्रदेश के  सांवेर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सोमवार शाम आयोजित चुनावी रोड शो में अनुमति की शर्तों और कोविड-19 से बचाव के दिशा-निर्देशों के कथित उल्लंघन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि यह मामला भाजपा के एक स्थानीय नेता के खिलाफ दर्ज किया गया है जिसके आवेदन पर सांवेर कस्बे में मुख्यमंत्री के रोड शो की अनुमति दी गई थी.

सांवेर पुलिस थाने के प्रभारी संतोष कुमार दूधी ने बताया कि सोमवार शाम निकाले गए रोड शो को इन शर्तों पर मंजूरी दी गई थी इसमें केवल पांच वाहन शामिल होंगे और शारीरिक दूरी व कोविड-19 से बचाव के अन्य दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा मगर राजनेता के समर्थकों ने नियमों को ताक पर उठाकर रख दिया, जिसके बाद एक्शन लेना पड़ा. 

उन्होंने सांवेर के रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय से पुलिस थाने को भेजे गए पत्र के हवाले से बताया कि अनुमति की शर्तों का उल्लंघन करते हुए मुख्यमंत्री के रोड शो में 20 से 25 गाड़ियां शामिल हुईं है. इस चुनावी आयोजन में शारीरिक दूरी के नियम का पालन नहीं किया और इसमें शामिल कई लोगों ने महामारी से बचाव के लिए मास्क भी नहीं पहना था. 

थाना प्रभारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के रोड शो में नियम-शर्तों के कथित उल्लंघन पर स्थानीय भाजपा नेता दिनेश भावसार के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 188 (किसी सरकारी अधिकारी का आदेश नहीं मानना) के तहत सोमवार देर रात मामला दर्ज किया गया है. इस नेता के आवेदन पर ही मुख्यमंत्री के चुनावी रोड शो की अनुमति दी गई थी.

सांवेर सूबे के उन 28 विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है जहां तीन नवंबर को उप चुनाव होने हैं. अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर मुख्य चुनावी भिड़ंत प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और पूर्व लोकसभा सांसद प्रेमचंद गुड्डू के बीच है. वे क्रमशः भाजपा और कांग्रेस की ओर से चुनावी मैदान में उतरे हैं. नतीजे क्या कमाल दिखाएंगे ये तो वोटिंग के बाद पता चल पाएगा. (सोर्स-भाषा)

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PNB घोटाला: पूर्व उप प्रबंधक गोकुलनाथ शेट्टी के खिलाफ घूसखोरी का मामला दर्ज

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नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में मुख्य आरोपी और बैंक के सेवानिवृत्त उप प्रबंधक गोकुलनाथ शेट्टी के खिलाफ सीबीआई ने घूसखोरी का ताजा मामला दर्ज किया है. आपको बता दे कि पीएनबी में 13,000 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी का यह मामला हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी और नीरव मोदी से जुड़ा हुआ है. 

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोप है कि शेट्टी ने गीतांजलि जेम्स के लिए बैंक गारंटी की व्यवस्था कराने के लिए ऋषिका फाइनेंशियल्स से कथित तौर पर 1.08 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी और इसके कारण बैंक का सारा पैसा डूब गया. गौरतलब है की घटना के बाद नीरव मोदी भारत छोड़कर फरार हो गया था. 

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि ऋषिका फाइनेंशियल्स के मालिक देबज्योति दत्ता विदेशी अनुदान बैंकों से लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयूएस) के कोटेशन मुहैया कराते थे. फिलहाल ये मामला कितना वक्त लेगा कुछ कहा नहीं जा सकता है. (सोर्स-भाषा)

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