जयपुर में डेयरी कैशियर से लूट—हत्या के आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे

Ramswaroop Lamror Published Date 2018/01/15 07:05

जयपुर। राजधानी जयपुर में डेयरी बूथ से केश कलेक्शन करने वाले एजेंट पर हमला करने और गोली मारने की घटना को अंजाम देने के आरोप में जयपुर पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। तीन बदमाशों ने सोडाला इलाके के नन्दपुरी में 8 जनवरी को ओमप्रकाश शर्मा पर हमला करके उसका बैग लूटने का प्रयास किया। बैग में करीब साढ़े आठ लाख रुपए थे। बैग नहीं लूटने पर बदमाशों ने ओमप्रकाश शर्मा को गोली मार दी थी। पुलिस ने चारों आरोपियों को लूट और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है।

गौरतलब है कि इस पूरे घटनाक्रम का मास्टर माइंड अंकित सैनी वारदात के दौरान मौके पर मौजूद नहीं था, लेकिन वारदात का पूरा षड़यंत्र उसी ने रचा था। आरोपी अंकित सैनी घटनास्थल वाली कॉलोनी गोविन्दपुरी में ही रहता है और उसके पिताजी गोविन्दपुरी में ही डेयरी बूथ चलाते हैं। पिता के डेयरी बूथ सहित आसपास की अन्य डेयरी बूथों से केश कलेक्शन ओमप्रकाश शर्मा ही करते थे। ऐसे में अंकित ने ही ओमप्रकाश शर्मा से बड़ी रकम लूटने की योजना बनाई।

अंकित ने ब्रह्मपुरी में रहने वाले अपने दोस्तों को वारदात करने का प्लान बताया। करीब दो महीने तक ओमप्रकाश के आने जाने के समय की रैकी की गई। बाद में आठ जनवरी को दोपहर डेढ़ बजे ओमप्रकाश शर्मा पर हमला किया गया और रुपयों से भरा लूटने की कोशिश की। बैग नहीं लूट पाने पर बदमाशों ने ओमप्रकाश को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। 

पुलिस ने अंकित सैनी के तीनों साथियों ब्रह्मपुरी निवासी शुभम चौधरी, यश सिंह राजपूत और सुनील कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। ब्रह्मपुरी में रह रहे तीनों आरोपियों में से एक शुभम चौधरी पहले गोविन्दपुरी में ही रहता था। ऐसे में उसकी अंकित सैनी से दोस्ती हो गई थी। आरोपियों का इरादा रुपयों से भरा बैग लूटने का था, लेकिन पकड़े जाने की स्थिति में फायर करने के लिए पिस्तौल भी साथ रखते थे।

पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने बताया कि छीना झपटी के दौरान ओमप्रकाश के बैग से करीब एक लाख रुपए निकाल लिए गए थे। बाद में आसपास के लोगों के आने पर तीनों बदमाश ओमप्रकाश पर फायर करके फरार हो गए थे। वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने पॉवर बाइक हंक का इस्तेमाल किया था। हंक बाइक किसी मित्र की मांग कर लाए थे।

आरोपियों का पता लगाने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम ने जयपुर से बिकने वाली सभी 1200 हंक बाइक्स के बारे में जानकारी जुटाई। शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों से फुटेज भी जुटाए गए। इसके साथ साथ हुई तकनीकी जांच के बाद कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंचा गया। हालांकि अभी तक इस बात का पता नहीं लग पाया है कि ये आरोपी फायर करने के लिए हथियार कहां से लेकर आए थे। पुलिस को फिलहाल न तो हथियार मिला है और न ही लूटे गए एक लाख रुपए।

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