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कोरोना महामारी पर पुलिस की सोशल मीडिया पर पैनी नजर, भ्रामक अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई 

कोरोना महामारी पर पुलिस की सोशल मीडिया पर पैनी नजर, भ्रामक अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई 

जैसलमेर: सीमावर्ती जिले जैसलमेर इन दिनों देश और प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोराना संक्रमितों के मामलों के बीच कई लोग जानबूझकर या अनजाने में कई प्रकार की भाम्रक जानकारियां या असंवेदनशील पोस्ट सोशल मीडिया के जरिये फैला रहे हैं. जिस पर पुलिस मुख्यालय से प्राप्त आदेशानुसार जैसलमेर पुलिस सख्ती दिखा रही है. बता दें कि जैसलमेर पुलिस अब तक अलग-अलग चार मामलों में कार्रवाई कर चुकी है और आगे भी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.

भ्रामक और गलत जानकारी साझा करने से बचें:
वहीं कुछ दिन पूर्व पाकिस्तान के फैसलाबाद शहर के एक वीडियो को जैसलमेर का बताकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों के खिलाफ पुलिस मुख्यालय ने एक्शन लेने की तैयारी कर ली है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर आने वाले वीडियो पर आमजन विश्वास ना करे. पुलिस अधीक्षक किरण कंग ने आमजन से अपील की है कि बिना पुष्टि के कोरोना से संबंधित कोई जानकारी सोशल मीडिया पर साझा ना करें और अन्य भ्रामक और गलत जानकारी साझा करने से बचें.

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अफवाह फैलाने से बचना चाहिए:
वहीं, एसपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर लोग अपने विचार साझा करते है, लेकिन कई बार अज्ञानतावश या जानबूझकर धार्मिक और बीमारी से संबधित अफवाह या अनुचित जानकारी साझा करते है. जिस पर निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि जैसलमेर पुलिस की एक विशेष टीम सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखे हुए है. ऐसे में आमजन को इस प्रकार की अफवाह फैलाने से बचना चाहिए.

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कानूनी प्रावधानों में त्वरित होगी कार्रवाई:
कोविड-19 वायरस महामारी संक्रमण के संबंध में कोई सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करता है, भ्रामक जानकारी प्रसारित करता है या अफवाह फैलाता है, जिससे महामारी के बारे में भ्रम और आमजन में भय की स्थिति पैदा होती है तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 270, 505, और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 52 के तहत या अन्य कानूनी प्रावधानों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी. 

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