भोपाल मध्यप्रदेश : राजभवन का घेराव करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस का लाठीचार्ज, कमलनाथ ने की घटना की निंदा

मध्यप्रदेश : राजभवन का घेराव करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस का लाठीचार्ज, कमलनाथ ने की घटना की निंदा

मध्यप्रदेश : राजभवन का घेराव करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस का लाठीचार्ज, कमलनाथ ने की घटना की निंदा

भोपाल: केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को रैली निकालकर यहां राजभवन का घेराव करने जा रहे उग्र कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े एवं पानी की बौछारें कीं. यह जानकारी पुलिस अधिकारी ने दी है. वहीं इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार पर निराशा साधते हुए मामले की निंदा की है.

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में निकाली जा रही थी रैलीः
पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस घटना में छह पुलिसकर्मी सहित आधा दर्जन से अधिक लोगों को चोटें आई हैं, जबकि करीब 106 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया. यह घटना शहर के रोशनपुरा चौराहे के नजदीक जीटीबी परिसर के पास हुई. यह रैली मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में शहर के जवाहर चौक से निकाली जा रही थी और इसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए.

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर किया पथरावः
टीटी नगर इलाके के नगर पुलिस अधीक्षक उमेश तिवारी ने बताया कि छह पुलिसकर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोगों को चोटें आई हैं. एक व्यक्ति के सिर में चोट लगी है. वह प्रदर्शनकारी नहीं था. उन्होंने बताया कि राजभवन की ओर कूच कर रहे इन प्रदर्शनकारियों को जब पुलिस ने रोका, तो वे उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव करने लगे, जिसके चलते पुलिस ने उनको तितर-बितर करने के लिए पहले पानी की बौछारें छोड़ी और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े और अंत में हल्का लाठीचार्ज किया. तिवारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, अवरोधक तोड़े और पुलिस पर हमला किया जिसकी वजह से पुलिस को कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उन पर हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा.

कमलनाथ ने कहा- शिवराज सरकार के इशारे पर किया गया लाठीचार्जः
इस घटना के तुरंत बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा नीत प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के समर्थन में आज (शनिवार) मध्यप्रदेश के भोपाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों किसान भाइयों व कांग्रेसजनों पर शिवराज सरकार के इशारे पर किए गए बर्बर लाठीचार्ज, आंसू गैस व वाटर कैनन छोड़े जाने की व गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करता हूं. उन्होंने कहा कि इस लाठीचार्ज में कई किसान भाइयों, कांग्रेसजनों, महिलाओं व मीडिया के साथियों को चोटें आई हैं. उनके स्वस्थ होने की कामना करता हूं. किसानों के समर्थन में हमारा संघर्ष जारी रहेगा. हम ऐसे दमन से डरने-दबने वाले नहीं है.

हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने छोड़ाः
हालांकि, नगर पुलिस अधीक्षक तिवारी ने इस बात से इनकार किया कि प्रदर्शन का दमन करने के लिए बल का प्रयोग किया गया. उन्होंने कहा कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को छोड़ दिया गया.

कृषि कानूनों को कमलनाथ ने बताया होगा खेती का निजीकरणः
इससे पहले, जवाहर चौक से रैली शुरू करने से पहले वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कमलनाथ ने आरोप लगाया कि केन्द्र के नए तीन कृषि कानूनों से खेती का निजीकरण होगा और अनुबंध खेती के माध्यम से किसान उद्योगपतियों के गुलाम एवं बंधुआ मजदूर बन जाएंगे. उन्होंने कहा कि इन कानूनों से मंडी खत्म हो जाएगी, एमएसपी खत्म हो जाएगी, खेती ठेके पर चली जाएगी और खाद-बीज के मालिक व्यापारी बन जाएंगे.  कमलनाथ ने कहा कि इससे कृषि क्षेत्र और किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को किसानों की मांग मानते हुए इन किसान विरोधी तीनों कानूनों को तत्काल वापस लेना चाहिए. कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस किसानों के हर संघर्ष में उनके साथ है और जब तक किसानों की मांगे मान नहीं ली जाती, तब तक हमारा यह संघर्ष जारी रहेगा.
सोर्स भाषा

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