अलवर पुलिस ने किया 71 लाख रुपए की ठगी का खुलासा, नाइजीरियन गैंग ने की थी ऑनलाइन ठगी

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/23 12:39

अलवर: जिला पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए नाइजीरियन गैंग का खुलासा किया है. यह गैंग ऑनलाइन ठगी का काम करती थी और पिछले दिनों 9 अगस्त को अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र में एक मामला सामने आया था जिसमें एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर से 71 लाख रुपए की ठगी कर ली थी. पुलिस ने मामले में ₹4400000 बरामद कर लिए हैं. आरोपियों के कब्जे से मोबाइल और कई लैपटॉप भी बरामद किए हैं.

ठगी करने के लिए लिया पुराने परिचित का सहारा: 
ठगी करने के लिए आरोपियों ने पीड़ित के पुराने परिचित का सहारा लिया और कहा कि उसकी मौत हो चुकी है और लीबिया में किसी आतंकवादी ने गोली मार दी है. उसके खाते में 14.4 मिलियन रुपए जमा है जिनके वारिस आप हो और वह आपको मिल सकते हैं. आरोपियों ने मोहम्मद अब्दुल्ला करीम नामक वकील से भी संपर्क कराया. बार-बार संपर्क कर वकालत की फीस ₹1800000, मृत दोस्त के बंद पड़े अकाउंट को चालू कराने के लिए 1050000, खर्चे के लिए ₹600000, मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 3500000 रुपए, लंदन से भारत घूमने आ रही एक महिला के खाते में ₹450000 और ₹900000 अलग से जमा कराए. पीड़ित से कुल 71 लाख रुपए हड़पे जिस पर अरावली विहार थाने में मामला दर्ज कराया गया. 

16 बैंकों के खातों में जमा कराए गए पैसे: 
पुलिस ने ईमेल व्हाट्सएप चैटिंग और कॉलिंग और मोबाइल नंबरों के आधार पर अनुसंधान करते हुए 16 बैंकों के खातों में जमा कराए गए ₹7100000 का रिकॉर्ड जप्त कर विश्लेषण किया. पुलिस ने पाया कि वारदात नाइजीरियन गैंग द्वारा की गई थी. फर्जी आईडी पर मोबाइल नंबर देने वाले वोडाफोन कंपनी के कर्मचारी मोहित, अनूप पांडे, योगेंद्र को दस्तयाब किया गया. उन्होंने कहा कि नाइजीरियन को उन्होंने सिम भेजी थी. करण राणा के नाम से मोहित ने ही एक फर्जी अकाउंट बनवाया था. आरोपी मोहित ने बैंक में अनुज राणा, विशाल, करण राणा, मोहन कुमार के नाम से अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवा रखे थे. जिनमें पैन कार्ड मतदाता पहचान पत्र फर्जी तैयार कर फोटो लगाकर पेश करता था. उसी आरोपी के घर से ₹4400000 पुलिस ने बरामद किए हैं. 49 चेक बुक और पासबुक भी बरामद की गई है. आरोपी द्वारा गैंग बनाकर करोड़ों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है. सभी खातों में फर्जी आईडी का उपयोग किया गया था. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी अपने अपने काम का हिस्सा लेते थे. बैंक खाते में पैसा आने पर उसका किराया वसूल करते थे. सिम बेचने वाला भी ज्यादा पैसे में सिम बेचकर हिस्सा प्राप्त करता था. पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों में राधामोनी उर्फ वसुंधरा, मोहित टोकस, अलिश्का भसीन, मोहित कुशवाहा, अनूप पांडे, योगेंद्र और दो नाइजीरियन है जो सभी दिल्ली के ही निवासी हैं. 

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