नाबालिग किशोरी की तलाश में पुलिस ने जताई हवाई यात्रा की मंशा

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/01 12:32

अजमेर। अपराधियों में भय, आमजन में विश्वास का दम भरने वाली राजस्थान पुलिस का एक और चेहरा सामने आया है। जिसमें पुलिस के जांच अधिकारी फरियादी के पैसों पर हवाई यात्रा कर खाकी के विश्वास को तार तार कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि नाबालिग से अपहरण का मुकदमें में तफ्तीश करने के बजाए पीडित परिवार को कर्जदार बनाकर रख दिया है। मामला भिनाय थाना क्षेत्र से जुडा है। 25 अक्टूबर को रतनपुरा गांव में रहने वाली नाबालिग घर से पानी भरने के लिए गई थी। जहां 4–5 युवक उसे अगुवाकर ले गए। पीडिता के परिवार ने भिनाय थाने में अपहरण का मुकदमा भी दर्ज करवाया। 

नाबालिग किशोरियों पर होने वाले अत्याचार की रोकथाम के लिए भले की राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हों लेकिन कानून के रखवाले ही सरकार की मंशा पर पानी फैरते नजर आ रहे हैं। न्याय की गुहार लगाने आए पीडित परिवार को किस प्रकार पुलिस गुमराह करती है इसकी बानगी भिनाय थाने में देखने को मिली। पीडिता के परिवार की मानें तो नाबालिग किशोरी की तलाश में पुलिस हवाई यात्रा की मंशा जताई। इंडिगो फ्लाइट में तीन टिकट भी बुक करवाए गए। चैन्नई जाने का फ्लाइट का किराया पीडित के परिजन ने दिया। तीन दिन तक जांच अधिकारी चैन्नई में रूका। इन तीन दिन में पीडित परिवार के 90 हजार रुपए किराया सहित खर्च हो गए। 

फर्स्ट इंडिया ने जब मामले की जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को दी। पहले तो अधिकारियों को विश्वास नहीं हुआ। सफाई देते हुए कहा कि जरूरत पडने पर पुलिस हवाई यात्रा का भी खर्च वहन करती है। लेकिन जब उन्हें बताया कि हवाई यात्रा का किराया तो पुलिस को ही मिल सकता है तो क्या पीडित परिवार के लोग भी सरकारी खर्चे पर जा सकते हैं। इस पर अधिकारियों ने इंकार करते हुए कहा कि यदि इस प्रकार का प्रकरण है तो जांच करवाई जाएगी। 
शुभम जैन फर्स्ट इंडिया न्यूज अजमेर

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