इंडो-रशियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को लेकर सोशल मीडिया पर बही राजनीतिक बयार

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/04 04:42

अमेठी। जिले के मुंशीगंज स्थित इंडो-रशियन राइफल प्राइवेट लिमिटेड के उद्घाटन पर राजनीतिक हवा की बयार सोशल मीडिया पर बहने लगी है। ट्विटर पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आदत से मजबूर होकर झूठ बोलने वाला बताया है, तो डिफेंस में उतरी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को तीन ट्वीट कर जवाब मांग लिया है। 

प्रधानमंत्री जी,

अमेठी की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का शिलान्यास 2010 में मैंने खुद किया था।

पिछले कई सालों से वहां छोटे हथियारों का उत्पादन चल रहा है।

कल आप अमेठी गए और अपनी आदत से मजबूर होकर आपने फिर झूठ बोला।

क्या आपको बिल्कुल भी शर्म नहीं आती?

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 4, 2019

दरअसल राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि प्रधानमंत्री जी, अमेठी की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का शिलान्यास 2010 में मैंने खुद किया था। पिछले कई सालों से वहां छोटे हथियारों का उत्पादन चल रहा है। कल आप अमेठी गए और अपनी आदत से मजबूर होकर आपने फिर झूठ बोला। क्या आपको बिल्कुल भी शर्म नहीं आती? इस पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल को जवाब दिया। उन्होंने तीन ट्वीट किए। स्मृति ने लिखा कि शिलान्यास नहीं सत्यानाश किया है आपने अमेठी में। झूठ कितने बोले अमेठी से आज चलें फिर से उसका पर्दाफ़ाश करते हैं। उन्होंने राहुल गांधी को लिखा कि लगे हाथ आज देश को बता दें की कैसे आपने तो उस संस्थान का भी शिलान्यास किया जिसका आप ही के एक नेता ने लगभग 2 दशक पहले शिलान्यास किया था। फिर उन्होंने राहुल गांधी के उद्घाटन की एक फोटो पोस्ट किया। लिखा फ़ोटो को ध्यान से देखें इसमें आप 2007 के शिलान्यास में उपस्थित हैं, लेकिन आज सुबह कह रहे हैं 2010 में किया। अब यह बताएं 2007 है या 2010? होती है ऐसी ग़लतियाँ राहुल जी - झूठ इतना बोला आपने अमेठी के बारे में कि शिलान्यास कब किया और सत्यानाश कब यह आपको याद नहीं रहता।

शिलान्यास नहीं सत्यानाश किया है आपने अमेठी में । झूठ कितने बोले अमेठी से आज चलें फिर से उसका पर्दाफ़ाश करते हैं। https://t.co/p53ZDl5t3h

— Smriti Z Irani (@smritiirani) March 4, 2019

गौरतलब हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राहुल के संसदीय क्षेत्र अमेठी के कोरवा में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का उद्घाटन किया था। आर्मी की पुरानी इंसास राइफलों को रिप्लेस करने के लिए इस ऑर्डनेंस फैक्ट्री में रूस के साथ मिलकर साढ़े 7 लाख एके-203 राइफलों का निर्माण होगा। एके-203 राइफल, एके-47 का अपग्रेड वर्जन है।

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