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2018 स्पेशल: राजस्थान की VVIP सीटों पर कई दिग्गजों का राजनीतिक करियर लगा दांव पर

2018 स्पेशल: राजस्थान की VVIP सीटों पर कई दिग्गजों का राजनीतिक करियर लगा दांव पर

जयपुर। इस साल का अंत राजस्थान की राजनीति के लिहाज के काफी महत्वपूर्ण रहा है। सरकार बदलने के साथ ही कुछ दिग्गज नेताओं को चुनावों में करारी शिकस्त देखने को मिली तो कुछ ने नया इतिहास रचा है। वसुंधरा राजे सरकार में कद्दावर रहे कई मंत्री विधानसभा चुनाव हार गए तो वही कांग्रेस की लहर होने के बाद भी कुछ सीटों पर काफी रोचक मुकाबला देखने को मिला। राजस्थान की कुछ वीवीआईपी सीटें ही राजस्थान का भविष्य तय करती हैं। आइये जानते है राजस्थान की उन सीटों के बारें जहां इस बार के चुनावों में कई दिग्गजों को मात खानी पड़ी है। 

झालरापाटन- राजस्थान VVIP सीटों में सबसे पहले आती है झालरापाटन सीट जहां से राजस्थान की मुख्यमंत्री बीजेपी से वसुंधरा राजे का सामना बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुए मानवेंद्र सिंह से था। मानवेंद्र सिंह के भी राजस्थान में लोकप्रिय होने के चलते यह सीट काफी रोचक मानी जा रही थी लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 34,980 मतों से मानवेंद्र सिंह को करारी शिकस्त दी। 

टोंक- कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट टोंक सीट से राजस्थान के चुनावी दंगल में थे । पायलट का यहां पर बीजपी में नंबर दो कहे जाने वाले मंत्री यूनुस खान से था। ऐसे में यह सीट भी काफी दिलचस्प बन गई थी। लेकिन यहां पर वसुंधरा राजे के करीबी माने जाने वाले यूनुस खान 54,179 मतों से चुनाव हार गए। 

सांगानेर- बीजेपी नेता घनश्याम तिवाड़ी के यहां से चुनाव लड़ने के कारण यह सीट पहले काफी रोचक सीटों में से एक बन गई थी, हालांकि चुनाव परिणाम में ऐसा कुछ भी देखने को नही मिला। तिवाड़ी के चुनाव हारने के साथ ही उनकी जमानत भी जब्त हो गई और बीजेपी के अशोक लाहोटी ने यहां से बाजी मार ली।

नोखा- नोखा (GEN) विधानसभा सीट राजस्थान के बीकानेर जिले की एक सीट है। यहां से कांग्रेस के दिग्गज नेता रामेश्वर डूडी को बीजेपी के बिहारी लाल विश्नोई ने कारारी शिकस्त दी । इससे पहले डूडी कांग्रेस के प्रमुख सीएम दावेदारों में से एक थे।

सपोटरा- सपोटरा विधानसभा से कांग्रेस के दिग्गज नेता रमेश मीणा के सामने बीजेपी के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा की पत्नी गोलमा देवी के चुनाव लड़ने से यह सीट भी काफी रोचक हो गई थी। किरोड़ी लाल मीणा और रमेश मीणा को एक दुसरे का कड़ा प्रतिद्वंदी माना जाता है। लेकिन यहां से रमेश मीणा लगातार तीसरी बार चुनाव जीतकर किरोड़ी मीणा के राजनैतिक करियर को कड़ी चुनौती दी है। 


 

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नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन हो गया. अजीत जोगी लंबे समय से अस्पताल में भर्ती थे. उन्होंने 74 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. अजीत जोगी को दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वे 20 दिन से रायपुर के अस्पताल में भर्ती थे. 

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बेटे अमित जोगी ने ट्वीट कर दी जानकारी:
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तीन दिन का राजकीय शोक:
अजीत जोगी के निधन पर छत्तीसगढ़ सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है. इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. कोई भी शासकीय समारोह आयोजित नहीं होंगे. स्व. अजीत जोगी का राजकीय सम्मान के साथ 30 मई को गौरेला में अंतिम संस्कार किया जाएगा.

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VIDEO: पीसीसी प्रवक्ता प्रदीप चतुर्वेदी को फोन पर धमकी, मोदी सरकार के खिलाफ लिखने पर कहे अपशब्द

जयपुर: मोदी सरकार की नीतियों का विरोध करने पर पीसीसी प्रवक्ता डॉ प्रदीप चतुर्वेदी को फोन पर धमकी मिली है. धमकी देने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ चतुर्वेदी ने मानसरोवर के शिप्रा थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. हालांकि धमकी देने वाले का खुलासा अभी नहीं हो पाया है. इस बारे में चतुर्वेदी ने टॉप लीडरशीप को लिखा है.

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लिखने पर अप्रत्याशित परिणाम भोगने के लिए तैयार रहने को भी कहा: 
चतुर्वेदी ने कहा कि एक अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल फोन पर मेरे लेखों के बारे में अप्रसन्नता जाहिर की और मुझसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध लिखने का कारण पूछा. मैंने अपनी विचारधारा के बारे में उसे अवगत कराया. उस अनजान व्यक्ति ने मुझे धमकी देते हुए कहा कि मैं भविष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी के विरुद्ध कुछ ना लिखूं. लिखने पर अप्रत्याशित परिणाम भोगने के लिए तैयार रहने को भी कहा. इसके बाद मुझे अपशब्द बोले जिसकी रिकार्डिंग पुलिस को दे दी है. 

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जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लॉक डाउन लागू करने में केंद्र सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी ने लोगों से ताली, थाली व बैंड बजवा लिए और लोगों ने उनकी बात भी मानी, लेकिन हकीकत यह है कि देश में आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक रूप से बैंड बज रही है. देश को अब इसका बहुत दुख है. 

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अब देश में लापरवाही का माहौल: 
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आह्वान पर आयोजित हुए स्पीक अप इंडिया कार्यक्रम की सराहना करते हुए गहलोत ने सोनिया गांधी को तो धन्यवाद दिया, लेकिन पीएम मोदी व केंद्र सरकार पर जमकर हमले बोले. गहलोत ने कहा कि केंद्र जिस तरह राज्यों को एडवायजरी भेज रहा है, वैसे ही एडवायजरी मजदूरों के मामले में भेजनी चाहिये थी कि मजदूरों को उनके घर भिजवाने की व्यवस्था करें, कोई भी मजदूर सड़क पर नहीं दिखना चाहिए. गहलोत ने दावा किया कि ऐसा अगर होता तो 3 दिन में देश से मजदूरों वाला संकट खत्म हो जाता. कोई भी मजदूर सड़क पर पैदल नहीं चलता, लेकिन अब देश में लापरवाही का माहौल है. 

कार्यक्रम ने लाखों मजदूरों व गरीबों की आवाज बुलंद की: 
गहलोत ने कहा कि सोनिया गांधी के आह्वान पर हुए स्पीक अप कार्यक्रम ने लाखों मजदूरों व गरीबों की आवाज बुलंद की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान सड़कों पर हृदय विदारक दृश्य देखने को मिले. लॉक डाउन के कारण लोगों की तकलीफ शब्दों में बयान नहीं हो सकती, लेकिन केन्द्र सरकार संवेदनशील नजर नहीं आ रही. सड़क पर प्रसव हो रहे हैं, मजदूर मर रहे हैं. मुम्बई से चली ट्रेन पटना की बजाय ओडिशा पहुंच जाती है. 

चीन के साथ सीमा विवाद पर अच्छे मूड में नहीं हैं पीएम मोदी- डोनाल्ड ट्रंप  

CM गहलोत ने कहा कि 90 फीसदी पैकेज तो लोन के रूप में:
केंद्र के 20 लाख करोड़ के पैकेज पर निशाना साधते हुए CM गहलोत ने कहा कि 90 फीसदी पैकेज तो लोन के रूप में है. इससे देश को कोई फायदा नहीं होने वाला. जब तक गरीब की जेब मे सीधा पैसा नहीं जाएगा, तब तक इकोनॉमी पटरी पर नहीं आ सकती, लेकिन दुर्भाग्य से इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा. दुकानें खुल रही है, लेकिन ग्राहक नहीं आ रहे. गहलोत ने मांग की है कि केंद्र सरकार गरीबों के लिए नकदी का पैकेज घोषित कर राज्यों के लिए भी तुरन्त पैकेज दे. गरीब की जेब मे 10 हजार रुपये नकद देने चाहिए. गहलोत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार को कई सलाह दे रही है, लेकिन केंद्र व भाजपा नेता सिर्फ आलोचना कर रहे हैं.  

चीन के साथ सीमा विवाद पर अच्छे मूड में नहीं हैं पीएम मोदी- डोनाल्ड ट्रंप

चीन के साथ सीमा विवाद पर अच्छे मूड में नहीं हैं पीएम मोदी-  डोनाल्ड ट्रंप

नई दिल्ली: भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर मध्यस्थता की बात कही है. इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि चीन विवाद को लेकर पीएम मोदी का मूड अच्छा नहीं है. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की है. 

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भारत खुश नहीं है और शायद चीन भी खुश नहीं: 
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हम देख रहे हैं कि भारत और चीन के बीच बड़ा सीमा विवाद चल रहा है, दो देश जिनकी आबादी 1.4 अरब और जिनके पास बहुत ही शक्तिशाली सेना है. इस विवाद से भारत खुश नहीं है और शायद चीन भी खुश नहीं है, मैंने पीएम नरेंद्र मोदी से बात की है. वह चीन के साथ जो स्थिति बनी हुई है उसे लेकर अच्छे मूड में नहीं हैं.

भारत और चीन की सेना भी काफी ताकतवर: 
ट्रंप ने कहा कि मैं पीएम मोदी को काफी पसंद करता हूं. वह एक महान व्यक्ति हैं. इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि भारत और चीन के बीच बड़ा विवाद चल रहा है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच विवाद है. भारत और चीन की सेना भी काफी ताकतवर है. शायद भारत खुश नहीं है, शायद चीन भी खुश नहीं है.

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ट्रंप ने मध्यस्थता करने की पेशकश की थी:
बता दें कि दो दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर मध्यस्थता करने की पेशकश की थी. उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा था कि हमने भारत और चीन दोनों को सूचित किया है अगर वो चाहें तो सीमा विवाद में अमेरिका मध्यस्थता करने को तैयार है. 

सोशल मीडिया पर कांग्रेस का कैम्पेन, सचिन पायलट, अविनाश पांडे समेत प्रमुख नेता हुए शामिल

सोशल मीडिया पर कांग्रेस का कैम्पेन, सचिन पायलट, अविनाश पांडे समेत प्रमुख नेता हुए शामिल

जयपुर: कांग्रेस ने गुरुवार से देशभर में सोशल मीडिया कैम्पेन चलाया. देशभर के कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं की इसमें भागीदारी रही. राजस्थान से भी बड़ी तादाद में कांग्रेस नेता कैम्पेन से जुड़े. प्रवासी श्रमिकों ,कामगार ,मजदूर,मध्यम वर्ग,छोटे व्यापारियों की मांग केन्द्र सरकार के सामने रखी. 

जेब तक पहुंचे सीधा पैसा: 
डिप्टी सीएम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने फेसबुक पर कहा कि जरुरत है प्रवासी श्रमिकों की पीड़ा को दूर करना,उन गरीब कामगारों की आवाज बुलंद करना,जिन्होंने लॉकडाउन में दंश झेला,पायलट ने फेसबुक पर कहा कि कांग्रेस पार्टी चाहती है ऐसे लोगों की मदद की जाए, जो इनकम टैक्स तक नहीं दे पा रहे,उनकी जेब तक सीधा पैसा पहुंचाया जाये. 

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कांग्रेस की पहल का स्वागत:
पायलट ने सोशल मीडिया अभियान के जरिए केन्द्र सरकार से यहीं मांग की. पायलट ने कहा कि मनरेगा में राजस्थान में अच्छा काम किया है. कांग्रेस राज्य प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि केंद्र सरकार से हमारी मांग है कि मध्यम वर्ग ,छोटे उधोग धंधो की मदद की जाये,मनरेगा में रोजगार 200दिन किया जाये,प्रवासी श्रमिकों को नि शुल्क सेवा से घर पहुंचाया जाए. चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कैम्पेन में भाग लिया और कांग्रेस की पहल का स्वागत किया.

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'अंतर्राष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता' दिवस: महिलाएं स्वच्छ व स्वस्थ रहकर ही अपने परिवार को स्वस्थ रख पाएंगी- ममता भूपेश

'अंतर्राष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता' दिवस: महिलाएं स्वच्छ व स्वस्थ रहकर ही अपने परिवार को स्वस्थ रख पाएंगी- ममता भूपेश

जयपुर: महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री ममता भूपेश ने कहा कि अपने परिवार को स्वस्थ रखने के लिए महिलाओं को पहले स्वयं के स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वच्छ व स्वस्थ रह कर ही अपने परिवार को स्वस्थ रख सकती है. 

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भूपेश गुरुवार को अन्तर्राष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस पर अपने निवास पर महिला अधिकारिता विभाग द्वारा सोशल एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में बोल रही थी. उन्होंने बताया कि 28 मई जो कि 28 दिन के अंतराल पर 5 दिवस के माहवारी दिवस के प्रतीक के रूप में महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जागरूकता हेतु आयोजित किया जाता है. 

महिलाएं अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करें:
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते महिलाएं अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करें. आज हमारा प्रदेश, देश एवं संपूर्ण विश्व जिन विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है उनमें महिलाओं को अपने घर एवं परिवार जनों की देखभाल पहले की तुलना में अधिक सजग होकर करने की जरूरत है. ऎसी स्थिति में महिलाएं अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगी तभी अपने परिवार को भी स्वस्थ रख पाऎंगी. इसके लिए जरूरी है कि महिलाएं अपने 5 दिनों में स्वच्छता विधियों एवं साधनों का प्रयोग करें. 

आगामी समय में निसंदेह हमारे लिए वित्तीय परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहेंगी: 
भूपेश ने यह भी कहा कि आगामी समय में निसंदेह हमारे लिए वित्तीय परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहेंगी इसलिए हमारे प्रदेश की बेटियां और बहनें मजबूती से अपने को संभाले एवं परिवार को स्वस्थ एवं सुरक्षित रखें और एक स्वस्थ भारत का निर्माण करें. 

प्रत्येक 10 महिलाओं को इसके लिए जागरूक करेंगी:
इस अवसर पर उपस्थित पांच महिला लाभार्थियों को जागरूकता संदेश के साथ सेनेटरी नैपकिन तथा साबुन का वितरण किया गया एवं कार्यक्रम समाप्ति के पश्चात जयपुर जिले की विभिन्न जगहों पर लाभार्थी महिलाओं को भी सैनेटरी नैपकिन तथा साबुन का वितरण करवाया गया. कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं ने संकल्प भी लिया कि वे अपने आसपास की प्रत्येक 10 महिलाओं को इसके लिए जागरूक करेंगी. 

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इस मौके पर ये अधिकारी रहे मौजूद:
इस मौके पर विभाग के शासन सचिव के के पाठक, निदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं डॉ. प्रतिभा सिंह, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की ब्रांड एंबेसडर अनुपमा सोनी ,महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र की राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की सदस्य निशा सिद्धू ,मीनाक्षी माथुर एवं डॉक्टर मेनका व विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे. 

कांग्रेस का बड़ा ऑनलाइन अभियान, सोनिया गांधी ने की हर परिवार को 7500 रुपये प्रति माह देने की मांग

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नई दिल्ली: प्रवासी मजदूरों के पलायन के मसले पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. सोनिया ने कहा कि देश की आजादी के बाद पहली बार ऐसा दर्द का मंजर दिखा. मजदूर सैकड़ों-हजारों किमी पैदल चलकर जाने को मजबूर हुए है. लेकिन सरकार ने मजदूरों की सिसकियां नहीं सूनी. इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मजदूरों के लिए खजाना खोलने की भी मांग की है. सोनिया गांधी ने हर परिवार को 6 महीने तक 7500 रुपये प्रति माह देने की भी मांग की और उनमें से 10000 फौरन मिले. 

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देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा:
सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले दो महीने से कोरोना वायरस के चलते पूरा देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है. करोड़ों लोगों के रोजगार चले गए, लाखों धंधे बंद हो गए, किसानों को फसल बेचने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है. पहले दिन से ही हर कांग्रेसियों, अर्थशास्त्रियों और समाज के हर तबके ने कहा कि यह वक्त आगे बढ़कर घाव पर मरहम लगाने का है.

कांग्रेस ने देशभर में स्पीक अप इंडिया अभियान शुरू किया:
बता दें कि कोरोना लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों से लेकर बेरोजगारी तक के मुद्दे पर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है. 30 मई को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने वाला है और उससे पहले कांग्रेस ने देशभर में स्पीक अप इंडिया अभियान शुरू किया है. कांग्रेस पार्टी ने फेसबुक, ट्विटर, यू ट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे प्रचलित सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एकसाथ 50 लाख कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन जुटाने का लक्ष्य रखा है. 
 

मोदी सरकार के खिलाफ आज ऑनलाइन आंदोलन करेगी कांग्रेस पार्टी, 50 लाख कार्यकर्ता रखेंगे अपनी बात

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नई दिल्ली: कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने की वर्चुअल रणनीति बनाई है.  प्रवासी श्रमिकों, किसान और छोटे दुकानदारों के लिए राहत पैकेज की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी आज ऑनलाइन आंदोलन करेगी. 

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दस हजार रुपए की तत्काल मदद पहुंचाने की मांग: 
कांग्रेस लॉकडाउन की मार झेल रहे मजदूरों, किसानों, असंगठित कर्मचारियों और छोटे दुकानदारों के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को घेरने जा रही है. कांग्रेस आज 11 से 2 बजे के बीच भी लोग इनकम टैक्स की परिधि के बाहर हैं उन सभी परिवारों के खाते में केंद्र सरकार की ओर से दस हजार रुपए की तत्काल मदद पहुंचाने की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन अभियान चलाएगी. 

सभी कार्यकर्ताओं को इस अभियान में शामिल होना अनिवार्य:
ऑनलाइन अभियान को लेकर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चिट्ठी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दिया किया सभी कार्यकर्ताओं को इस अभियान में शामिल होना अनिवार्य है. पार्टी ने फेसबुक, ट्विटर, यू ट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे प्रचलित सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एकसाथ 50 लाख कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन जुटाने का लक्ष्य रखा है. 

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कांग्रेस ने लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया का बखूबी इस्तेमाल किया: 
इससे पहले भी कांग्रेस पार्टी ने लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया का बखूबी इस्तेमाल किया है. दो बार कांग्रेस वर्किंग कमेटी और एक बार विपक्षी दलों की बैठक ऑनलाइन हो चुकी है. राहुल गांधी भी अब तक चार बार ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं. यूपी के लिए बने ऐसे ही एक वॉट्सऐप ग्रुप की निगरानी प्रियंका गांधी खुद करती हैं.

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