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Rajasthan Vidhan sabha Special Session 2020: CAA के विरोध में प्रस्ताव आने से पहले सियासत, गहलोत सरकार के पक्ष में 122 से 124 विधायक

Rajasthan Vidhan sabha Special Session 2020: CAA के विरोध में प्रस्ताव आने से पहले सियासत, गहलोत सरकार के पक्ष में 122 से 124 विधायक

जयपुर: राजस्थान की विधानसभा का सत्र अब से कुछ ही देर में शुरू होने जा रहा है. सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ विधानसभा सत्र शुरू होगा.  इसी सत्र में CAA के खिलाफ कांग्रेस सरकार प्रस्ताव लेकर आ सकती है, केरल और पंजाब की तर्ज पर प्रस्ताव लाने की चर्चा है. सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है. वहीं सत्र की शुरुआत से पहले पक्ष और विपक्ष ने विधायकों की लामबंदी की है. 

गहलोत सरकार के पक्ष में 122 से 124 विधायक:
गहलोत सरकार के पक्ष में 122 से 124 विधायक आने की संभावना जताई जा रही है. इनमे 13 निर्दलीय, 2 CPM,1 RLD, 2 BTP के बताए जा रहे हैं. वहीं इसके विरोध में BJP और RLP रहेगी. बीजेपी ने प्रस्ताव के विरोध में आंदोलन का आगाज कर दिया है. इसके लिए आज जयपुर शहर में बीजेपी ने कार्यक्रम भी आयोजित करने जा रही है. वहीं RLP के हनुमान बेनीवाल ने भी प्रस्ताव के विरोध का ऐलान किया है. NDA के घटक दलों में शुमार RLP के विधानसभा में 3 विधायक है. 

सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना:  
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के जयपुर आगमन से पहले राजस्थान विधानसभा का सत्र हो रहा है, लिहाजा इस सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है. CAA के विरोध में केरल और पंजाब की सरकारों ने विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित कर दिया. अब लगता है राजस्थान सरकार भी ऐसा करेगी, इसको लिये राज्य की विधान सभा में प्रस्ताव लाने की चर्चा है. बताया जा रहा है कि ये सत्र सिर्फ 2 दिन का ही होगा, लेकिन सरकार और विपक्ष के तेवर से साफ लग रहा है सत्र में जमकर हंगामा होगा. 

एससी-एसटी आरक्षण को बढ़ाने पर लग सकती मुहर:
पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा.. फिर बीएसी की बैठक होगी इसी में सदन में आगे होने वाले विधायी कार्यो को तय किया जाएगा. शोकाअभिव्यक्ति के बाद एससी-एसटी आरक्षण को बढ़ाने से जुड़े प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है. सीएए पर प्रस्ताव बीएसी पर चर्चा के बाद ही लाया जाने की बात कहीं जा रही. राज्यपाल अभिभाषण पर बहस भी सदन में होगी. पक्ष और विपक्ष के विधायक अपनी बात रखेंगे. 

बीजेपी ने सत्तापक्ष को घेरने के लिये कसी कमर: 
अगर सीएए के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित होता है तो यह संभवतः पहली ऐसी घटना हो सकती है जब संसद में पारित प्रस्ताव को राजस्थान सरकार विधानसभा के जरिये चुनौती देगी. संवैधानिक इतिहास की यह बड़ी घटना राजस्थान के लिये हो सकती है. उधर बीजेपी ने सत्तापक्ष को घेरने के लिये कमर कस ली है. सीएए के पक्ष और विरोध की सियासत नजर आयेगी.


 

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