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VIDEO: भाजपा के अंदर मेयर बनने की सियासत, लॉटरी खुलने से पहले लॉबिंग तेज

VIDEO: भाजपा के अंदर मेयर बनने की सियासत, लॉटरी खुलने से पहले लॉबिंग तेज

जयपुर: भारतीय जनता पार्टी के अंदर जयपुर में मेयर बनने को लेकर सियासत तेज है. चुनाव लड़ने की उम्मीद पाले नेताओं ने पाल बांध ली है. जयपुर में मेयर का इस बार चुनाव प्रत्यक्ष आधार पर होगा, लिहाजा बीजेपी पॉपुलर औऱ प्रभावी फेस पर दांव खेल सकती है. पुराने के साथ ही नये चेहरों ने ताल ठोक रखी है और लॉबिंग तेज हो गई है. दुबारा मेयर बनने के ख्वाब वो भी देख रहे जो बीता विधानसभा चुनाव हार चुके है. यह जरुर है कि मेयर पद पर टिकट को लेकर संघ की छाप दिख सकती है. खास सियासी रिपोर्ट:

प्रत्यक्ष के आधार पर होगा जयपुर में चुनाव:
राजधानी की राजनीति गर्म है. नगर निगम की सियासत तेज है. मेयर बनने की होड़ है. चुनाव हारे या जीते अभी से टिकट प्राप्ति के लिये लॉबिंग शुरु हो चुकी है. लॉटरी क्या निकलेगी ये अलग बात है लेकिन शहर बीजेपी के अंदर राजनीति गर्मा गई. कांग्रेस राज होने के बावजूद मेयर बनने के प्रति आकर्षण इतना अधिक है कि पूर्व विधायक,पूर्व मेयर और जयपुर शहर बीजेपी के अध्यक्ष मोहन लाल गुप्ता तक दौड़ में है. शहर बीजेपी चलाने वाले यह नेता फिर से जयपुर के मेयर बनना चाहते है. पिछला विधानसभा चुनाव यह हार गये थे,सुरेन्द्र पारीक का नाम भी चर्चाओं में शुमार है, वो भी पिछला विधानसभा का चुनाव हार गये थे. एक बार विधानसभा का चुनाव हार चुकी मंजू शर्मा और मेयर का एक चुनाव हार चुकी सुमन शर्मा का नाम भी चर्चाओं मे है. राज्य वित्त आयोग की अध्यक्ष रह चुकी डॉ ज्योति किरण का नाम भी मेयर पद के लिये चर्चा में है. नामों की फेहरिस्त आपको दिखाते है..

मोहन लाल गुप्ता, अध्यक्ष जयपुर शहर भाजपा
—किशनपोल से 2बार रह चुके बीजेपी के विधायक
—जयपुर के महापौर रह चुके है
—फिर से राजधानी के मेयर बनने की पाले है लालसा
—खंडेलवाल वैश्य चेहरे के तौर पर स्थापित

सुमन शर्मा ,वरिष्ठ नेता भाजपा
—राज्य महिला आयोग की रह चुकी अध्यक्ष
—शर्मा एक बार लड़ चुकी है मेयर का चुनाव
—पिछले विधानसभा—लोकसभा चुनावों में नहीं मिला था टिकट 
—ज्योति खंडेलवाल से करीबी अंतर से हार गई थी चुनाव
—भाजपा संगठन में कई पदों पर रह चुकी,महिला मोर्चा की रह चुकी अध्यक्ष

सुरेन्द्र पारीक, पूर्व विधायक 
—हवामहल से रह चुके 2बार विधायक
—इस बार मेयर का चुनाव हार गये थे
—परकोटे से आते है ब्राह्मण फेस के तौर पर चर्चित

सुनील कोठारी, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा
—कोठारी का नाम प्रमुखता से चर्चा में
—संघ और संगठन दोनों की पसंद हो सकते है
—संगठन में ईमानदारी से काम करने के लिये चर्चित
—जैन वर्ग से आते है सुनील कोठारी

मनोज भारद्वाज, उप महापौर, जयपुर
—डिप्टी मेयर के तौर पर जयपुर में चर्चित
—ब्राह्मण फेस और आते है परकोटे से
—संघ का आशीर्वाद इन्हें मिल सकता है 

ज्योति किरण, पूर्व अध्यक्ष राज्य वित्त आयोग
—बीजेपी के अंदर थिंक टैंक के तौर पर शुमार
—ब्राह्मण और पंजाबी वर्ग से इनका ताल्लुक
—संघ के नजदीक है और पूर्व सीएम की गुडबुक में रही है

मंजू शर्मा, पुत्री, भंवर लाल शर्मा (पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भाजपा)
—महिला फेस के तौर पर जानी जाती है
—बीजेपी महिला मोर्चा के अलावा संगठन में कई समेत दायित्व संभाले
—कद्दावर नेता और राज्य बीजेपी के संस्थापको में रहे भंवरलाल शर्मा की पुत्री

संजय जैन, पूर्व अध्यक्ष जयपुर शहर भाजपा
—संजय जैन का शहर अध्यक्ष का कार्यकाल अच्छा रहा था
—मेहनती नेता की उनकी रही है संगठन में छवि
—संघ और संगठन दोनों की रही है पसंद
—उनके समय ही जयपुर में बीजेपी का नगर निगम में बोर्ड बना था 

अखिल शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष राविवि छात्रसंघ
—जयपुर बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शुमार
—संगठन में कई दायित्वों पर कर चुके कार्य
—सामाजिक सरोकारों के लिये राजधानी में जाने जाते है 

अरुण अग्रवाल, भाजपा नेता पुत्र, स्व.रामदास अग्रवाल (पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष)
—स्व.रामदास अग्रवाल के पुत्र है अरुण अग्रवाल
—ख्यातनाम सियासी और सामाजिक शख्सियत थे अरुण 
—स्व.रामदास अग्रवाल बीजेपी के लंबे समय तक राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भी रहे

मनीष पारीक, भाजपा नेता
—भाजपा के वक्ताओं में शुमार
—जयपुर नगर निगम के रह चुके डिप्टी मेयर
—परकोटे की सियासत से ताल्लुक

मान पंडित, भाजपा पार्षद
—युवा भाजपा नेता की छवि
—सक्रिय पार्षद की छवि
—ब्राह्मण समाज में खासे सक्रिय

विमल अग्रवाल, भाजपा नेता
—परकोटे के युवा सक्रिय नेताओं में शुमार,एबीवीपी पृष्ठभूमि
—वैश्य चेहरे के तौर पर चर्चित
—दीनदयाल वाहिनी के रह चुके जयपुर अध्यक्ष
—अब घनश्याम तिवाड़ी का साथ छोड़ लौटे मूल पार्टी में

विमल कुमावत, भाजपा नेता
—विमल कुमावत रह चुके है डिप्टी मेयर
—निर्विवाद छवि जयपुर में इनकी रही है 
—सीट ओबीसी होती है तो इनका नम्बर संभव

सरदार अजय पाल सिंह, भाजपा नेता 
—जयपुर नगर निकाय के रह चुके पार्षद,व्यापक अनुभव
—जयपुर की बीजेपी में संघनिष्ठ चेहरे
—एक बड़े व्यवसायी के तौर पर पहचान

राघव शर्मा, भाजपा नेता
—जयपुर निगम के रह चुके पार्षद
—बीजेपी जयपुर शहर के रह चुके अध्यक्ष
—ब्राह्मण नेता के तौर पर चर्चित
—प्रखर वक्ता की रही है छवि 

अजय धांधिया, भाजपा नेता
—बीजेपी सत्कार प्रकोष्ठ के लंबे समय से अध्यक्ष
—विधानसभा में टिकट मांगा था नहीं मिला
—बीजेपी में जयपुर की सियासत में खासे सक्रिय

पंकज बाल्मिकी, भाजपा नेता
—एससी सीट होने पर पंकज का नाम चर्चा में रहेगा 
—पूर्व राज्यसभा सांसद कृष्ण कुमार बाल्मिकी के पुत्र है पंकज
—पंकज खुद भी रह चुके है नगर निगम के पार्षद

एकता अग्रवाल, महामंत्री भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा
—एबीवीपी पृष्ठभूमि,युवा वुमेन फेस
—युवा मोर्चा और अब महिला मोर्चा में पदाधिकारी
—संघ और संगठन दोनों की हो सकती है पसंद 

राखी राठौड़, भाजपा नेता
—नगर निगम में पार्षद रहने का व्यापक अनुभव
—वित्त समिति की रह चुकी चैयरमेन
—राजपाल सिंह शेखावत कैम्प में मानी जाती है 
—राजपूत चेहरे के तौर पर बडा नाम

अभिमन्यु सिंह राजवी, पुत्र नरपत सिंह राजवी 
—स्व,.भैंरो सिंह शेखावत के दोहित्र है अभिमन्यु
—युवा मोर्चा में विभिन्न पदों पर किया कार्य
—युवा व राजपूत चेहरे के तौर पर अग्रणी नाम

नरेश शर्मा भाजपा नेता
—भाजपा के जयपुर शहर के महामंत्री रह चुके
—परकोटे के युवा —ब्राह्मण फेस

महेन्द्र ढलैत, महामंत्री भाजपा एससी मोर्चा
—जयपुर में रह चुके पार्षद है
—दलित वर्ग से आते है ढलैत
—संगठन में विभिन्न दायित्वों पर रह चुके 

नवरत्न नरानिया, भाजपा पार्षद
—दलित वर्ग से ताल्लुक
—संघपृष्ठभूमि और युवा फेस

मुकेश गर्ग, महामंत्री भाजपा एससी मोर्चा
—बीजेपी संगठन में लंबे समय से सक्रिय
—युवा दलित नेता की छवि

रक्षपाल कुलदीप, भाजपा नेता
—1बार विधानसभा का लड़ चुके है चुनाव
—भाजपा के दलित नेता

मोहन मोरवाल, भाजपा नेता
—मोरवाल रह चुके केशकला बोर्ड के चैयरमेन
—अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के सक्रिय कार्यकर्ता रह चुके

कुसुम यादव, भाजपा पार्षद
—ओबीसी महिला फेस के तौर पर चर्चित
—युवा और परकोटे की सक्रिय पार्षद 

बीजेपी के लिये जयपुर एक सियासी गढ़ के तौर पर जाना जाता है. पिछले गहलोत राज में जब मेयर कांग्रेस की बनी थी उस समय भी जयपुर के नगर निकाय में बोर्ड बीजेपी का ही था. राजधानी की सियासत में जयपुर की जड़े गहरी है. विधानसभा चुनावों में जरुर यहां कांग्रेस को लाभ हुआ और आदर्शनगर, सिविल लाइंस, किशनपोल जैसे बड़े सियासी गढ़ बीजेपी के हाथ से निकल गये, लेकिन अगले ही लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने रही सही कसर पूरी कर दी ,रिकार्ड वोटों से रामचरण बोहरा फिर चुनाव जीत गये. यही कारण है कि जयपुर की सियासत में बीजेपी के नेताओं के लिये मेयर का पद बेहद अहम है. यहीं कारण है कि येन केन प्रकारेण अशोक लाहोटी इस पद तक पहुंच गये ही थे और विष्णु लाटा ने कांग्रेस का दामन थाम कर मेयर पद हासिल कर लिया. जयपुर में सर्वाधिक समय तक मेयर के पद पर बीजेपी का ही कब्जा रहा है, लेकिन इसबार चुनाव में जनता सीधे तौर पर मेयर का चुनाव करेगी. राजधानी का मेयर बनना सियासी गौरव से कम नहीं. 

... संवाददाता ऐश्वर्य प्रधान के साथ योगेश शर्मा की रिपोर्ट


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