जयपुर VIDEO: आमागढ़ दुर्ग मंदिर मामले पर सियासत, सांसद डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने खोला मोर्चा, देखिए खास रिपोर्ट

VIDEO: आमागढ़ दुर्ग मंदिर मामले पर सियासत, सांसद डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने खोला मोर्चा, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुर (ऐश्वर्य प्रधान): आमागढ़ दुर्ग मंदिर मामले की सियासत परवान पर है. अब इस मुद्दे को लेकर डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने मीणा समाज को आपस में लड़वाने और हिंदुओं को लड़वाने की अंतराष्ट्रीय साज़िश करार देते हुए एनआईए से जांच की मांग की है. मीणा ने इसी मुद्दे को लेकर मुख्य सचिव निरंजन आर्य से पंच पटेलों के साथ मुलाकात की है और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है. 

डॉक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने कहा है कि रामकेश मीणा जो कि सरकार के दत्तक पुत्र हैं उन्होंने आमागढ़ दुर्ग मंदिर को अपमानित करने का काम किया गया है. बाद में मंदिर का ताला लगा दिया गया और चाबी मीणा पुजारी से ले ली गई. मीणा शासक के शिलालेख को भी हटा दिया गया.सरकार से कहने आए हैं कि हमारी चाबी दी जाए, ताकि सावन महीने में पूजा अर्चना की जा सके. सावन के महीने में विशेष पूजा-अर्चना होती है.सरकार ने चाबी देने से मना कर दिया और अब सरकार झंडा नहीं फहराने दे रही है. मीणा समाज का शिलालेख गायब कर दिया है. आमागढ़ से भैरू जी की मूर्ति गायब कर दी है.

किरोड़ीलाल मीणा का कहना है कि मीणा समाज का शासक खो गंग में भी हुआ था जिसका नाम आनंद सिंह था. वहां की बावरियों छतरियों और सब पर एक वर्ग ने कब्जा कर लिया है और निर्माण कर दिए साथ ही पहचान मिटा दी थी. हमारे आत्म सम्मान को ठेस पहुंचा दी गई. पन्ना मीणा का कुंड को लेकर भी कहा कि पन्ना मीणा की जगह पन्ना मियां लिख दिया गया. समाज के खिलाफ साजिश हो रही है. समाज के खिलाफ हिंदुओं के खिलाफ साज़िश की गई है. हमारे पूर्वजों और शासकों के खिलाफ साज़िश की गई है.

इसी कारण से मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को ज्ञापन दिया है. एमएलए रामकेश मीणा पर भी प्रहार करते कहा है कि रामकेश ने कहा था कि हम हिंदू नहीं है जबकि समूचे मीणा हिंदू समाज से आते हैं. मीणा पहले हिंदू थे आगे भी हिंदू रहे हैं जन्म से मरण तक हिंदू परंपरा का निर्वहन करते हैं. रामकेश मीणा ने हमें पूरे देश में बदनाम करवा दिया हमारी छवि आहत हो गई. हमारा अपमान किया गया है। और हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है. सामाजिक सद्भाव और सौहार्द को बिगाड़ा गया है इसलिए ऐसे एमएलए रामकेश मीणा को गिरफ्तार किया जाए.

डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि आमागढ़ मामले में पर्दे के पीछे रफीक खान है और हमारा विधायक रामकेश मीणा सामने है और सरकार बड़ी रणनीति के तहत हिंदू हिंदुओं को आपस में लड़ाना चाहती है. खास तौर पर मीणा मीणा समाज को लड़ाना चाहती है सरकार. जिसका हम विरोध करने आए हैं. रामकेश मीणा फर्जी प्रदेश अध्यक्ष है. हमारे प्रदेश अध्यक्ष अधिकृत तौर पर अमर चंद मीणा हैं. कोरोना काल में रामकेश मीणा ने अमरचंद मीणा को गिरफ्तार करवा दिया था. इस अन्याय को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. चाहे रामकेश मीणा हो या सत्ताधारी दल का कोई भी विधायक हो. हम मनमानी नहीं करने देंगे.हम किसी को यह अधिकार नहीं देने देंगे कि जिस मीणा ने कहा है कि हम हिंदू नहीं है.
वह हमारा अपमान कर रहे हैं.राज्य के सौहार्द को और सद्भाव को बिगाड़ रहे हैं .उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाने की मांग है सामाजिक स्तर पर भी हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे और सख्त कदम उठाएंगे. इसके पीछे कौन तत्व अमादा है. यह जो कह रहे हैं हम हिंदू नहीं है. इसमें कौन-कौन असामाजिक अंतराष्ट्रीय तत्व है।उसकी जांच एनआईए द्वारा करवाई जाए.

हालांकि मीणा अपने समर्थकों के साथ महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने बैठे और न्याय की मांग की. लेकिन पुलिस प्रशासन से समझाइश के बाद धरना समाप्त किया. कहा जा रहा है कि bjp आलाकमान के दिशा निर्देश के आधार पर मीणा संसद सत्र से जयपुर आये और इस मुद्दे पर सियासी तौर पर जवाब दिया. अब देखना होगा कि रामकेश मीना की टक्कर में किरोड़ीलाल सरीखे दिग्गज के सामने आने के बाद आगामी दिनों में क्या सियासी बवाल होता है और मीना समाज के स्मारकों के लिए सरकारी स्तर पर क्या प्रयास होते है.

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