पॉर्न एडिक्शन बिगाड़ सकता है महिलाओं का सेक्शुअल एक्सपीरियंस, स्टडी में हुआ खुलासा 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/10/03 14:10

नई दिल्ली: लोगों की धारणा होती है कि सिर्फ पुरुष ही पोर्न फिल्में ज्यादा देखते है, लेकिन कई सर्वे में इस बात का खुलासा हो चूका है कि महिलाएं भी पोर्न फिल्में देखने में पुरुषों से कम नहीं है. सर्वे के अनुसार हर तीन में से एक महिला सप्ताह में कम से कम एक बार पोर्न फिल्म जरुर देखती है. ऐसे में महिलाओं में पॉर्न एडिक्शन काफी खतरनाक साबित हो सकती है.

शरीर से जुड़ी असुरक्षा की भावना:
दरअसल एक नई स्टडी में तो यह बात साबित भी हो चुकी है कि पॉर्न देखने से महिलाओं में अपने ही शरीर से जुड़ी असुरक्षा की भावना विकसित होने लगती है. पुरुषों में जहां बहुत ज्यादा पॉर्न देखने की वजह से सेक्शुअल इंटिमसी में कमी आ सकती है वहीं, महिलाएं पॉर्न मटीरियल को अपने पर्सनल सेक्शुअल एक्सपीरियंस से जोड़ लेती हैं. 

प्लेजर महसूस करने का लेवल कम:
जर्नल ऑफ विमेन्स हेल्थ में प्रकाशित इस स्टडी के नतीजे बताते हैं कि हेट्रोसेक्शुअल यानी स्ट्रेट महिलाओं द्वारा पॉर्न देखने और उनके सेक्शुअल एक्सपीरियंस के बीच गहरा कनेक्शन है. इस स्टडी की मानें तो अगर सेक्शुअल इंटरकोर्स के दौरान पॉर्न के बारे में सोचा जाए तो महिलाएं अपने लुक्स को लेकर असुरक्षित महसूस करने लगती हैं, जिससे सेक्स के दौरान संतुष्टि और प्लेजर महसूस करने का लेवल कम हो जाता है. 
 

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