अश्लील फिल्म मामला: उच्च न्यायालय ने राज कुंद्रा को तत्काल राहत नहीं दी

अश्लील फिल्म मामला: उच्च न्यायालय ने राज कुंद्रा को तत्काल राहत नहीं दी

 अश्लील फिल्म मामला: उच्च न्यायालय ने राज कुंद्रा को तत्काल राहत नहीं दी

मुंबई: बंबई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि वह ऐप के जरिए अश्लील फिल्मों के कथित निर्माण और वितरण के मामले में गिरफ्तार कारोबारी राज कुंद्रा को तत्काल राहत देने के लिए अभियोजन पक्ष को सुने बिना कोई आदेश पारित नहीं कर सकता. न्यायमूर्ति ए एस गडकरी ने मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली कुंद्रा (45) की याचिका के जवाब में पुलिस को 29 जुलाई तक अपना हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया.

अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति कुंद्रा को 19 जुलाई को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने इस साल फरवरी में दर्ज अश्लील फिल्म मामले में गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद, उन्हें शहर की एक अदालत ने पुलिस हिरासत में भेज दिया. मंगलवार को एक मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

कुंद्रा ने जमानत के लिए मजिस्ट्रेट की अदालत का रुख किया और बुधवार को उनकी याचिका पर सुनवाई होगी. कुंद्रा के वकील अबद पोंडा और सुभाष जाधव ने मंगलवार को उच्च न्यायालय में तर्क दिया कि पुलिस कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने में विफल रही और उसे सीधे गिरफ्तार करने के बजाय सीआरपीसी की धारा 41 ए के तहत पहले नोटिस जारी करना चाहिए था. लोक अभियोजक अरुणा कामत पई ने दावे का खंडन किया और कहा कि गिरफ्तारी से पहले कुंद्रा को एक नोटिस जारी किया गया था.

उच्च न्यायालय ने पई को याचिका के जवाब में एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया. पोंडा ने तब अपने मुवक्किल के लिए कुछ अंतरिम राहत मांगी. न्यायमूर्ति गडकरी ने हालांकि इससे इनकार कर दिया और कहा कि वह पहले अभियोजन पक्ष को याचिका का जवाब देने का मौका दिए बिना कोई राहत नहीं दे सकते. कुंद्रा की गिरफ्तारी के बाद अपराध शाखा ने उन्हें मामले का प्रमुख साजिशकर्ता बताया था. उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 34 (सामान्य इरादा), 292 और 293 (अश्लील और अश्लील विज्ञापनों और प्रदर्शनों से संबंधित) और आईटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कुंद्रा के कार्यालय में तलाशी के दौरान 51 अश्लील वीडियो मिलने का दावा किया है. (भाषा) 

और पढ़ें