प्रशासन शहरों के संग अभियान होगा अनूठा, आवेदन से, निस्तारण सबकुछ ऑनलाइन 

प्रशासन शहरों के संग अभियान होगा अनूठा, आवेदन से, निस्तारण सबकुछ ऑनलाइन 

जयपुर: प्रदेश की शहरी जनता को राहत देने के लिए इस बार शुरू किया जाने वाला प्रशासन शहरों के संग अभियान अपने आप में अनूठा होगा. इस बार के अभियान में कई ऐसे अभिनव प्रयोग किए जाएंगे, ताकि लोग बेवजह परेशान नहीं हो और उनके काम आसानी से हो सकें.

जानिए, इस बार के अभियान में क्या होगा खास ?:

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस वर्ष के बजट भाषण में घोषणा की थी कि प्रशासन शहरों के संग अभियान इस वर्ष 2 अक्टूबर से शुरू किया जाएगा. गहलोत की घोषणा के साथ ही मंत्री शांति धारीवाल और स्वायत शासन विभाग व नगरीय विकास विभाग के अधिकारी इस अभियान की रूपरेखा तैयार करने में जुट गए. इस अभियान में राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 10 लाख पट्टों का वितरण किया जाए. पिछली गहलोत सरकार में चले अभियान में 3 लाख पट्टे बांटे गए थे. इस बार के अभियान में पहली बार सूचना तकनीक का भरपूर उपयोग करते हुए आमजन से जुड़े कार्य के लिए आवेदन से लेकर उसके निस्तारण तक संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी. 

जानिए, किस तरह होगा यह काम:
- सभी शहरों का ड्रोन सर्वे करवाकर बेस मैप तैयार किए जाएंगे
- प्रदेश के करीब 60 शहरों में इस प्रकार के बेस मैप तैयार करवाए जा चुके हैं
- इस बेस मैप पर पहले अनुमोदित लेआउट प्लान को भी डिजिटाइज कर सुपर इंपोज किया जाएगा
- इस बेस मैप को ऑनलाइन आईटी एप्लीकेशन से जोड़ा जाएगा
- इससे प्रत्येक संपत्ति की विस्तृत सूचना एकजाई हो सकेगी और भविष्य में निकायों से संबंधित रोजमर्रा के कार्य आसान हो जाएंगे
- बेस मैप बनने के बाद विभिन्न योजनाओं के लिए अलग से लेआउट प्लान और सर्वे कराने की आवश्यकता नहीं होगी

- अभियान की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन होगी ताकि अभियान के दौरान अगर कोरोना का संक्रमण हो तो भी अभियान को आसानी से संचालित किया जाए
- इसके लिए एक सूचना प्रौद्योगिकी सर्विस प्रोवाइडर का सरकार की ओर से चयन किया जाएगा 
-यह सर्विस प्रोवाइडर अभियान के लिए एक आईटी एप्लीकेशन तैयार करेगा 
-यह एप्लीकेशन मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध होगी ताकि लोगों को मोबाइल से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध हो

इस बार के अभियान में नगर मित्र का नया कंसेप्ट:
प्रशासन शहरों के संग अभियान या इस प्रकार के अभियान में सबसे बड़ी दिक्कत यह सामने आती है की विभिन्न कार्य के लिए आमजन किस प्रकार आवेदन करें. कई बार जमा आवेदन में कई कमियां होती हैं. इन कमियों को दूर करने की निकाय संबंधित आवेदक को सूचना देते हैं. आधे अधूरे आवेदनों के कारण बेवजह समय लगता है साथ ही लंबित प्रकरणों की संख्या में भी बढ़ोतरी होती है. इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए इस बार के अभियान में नगर मित्र का नया कंसेप्ट दिया गया है.

- नगरीय निकाय स्तर पर आर्किटेक्ट, इंजीनियर, ड्राफ्ट्समैन आदि तकनीकी कर्मियों को आउट सोर्स करते हुए बतौर नगर मित्र के तौर पर पंजीकृत किया जाएगा.

- यह पंजीकरण व्यक्तिगत तौर पर अथवा बतौर फर्म भी हो सकेगा.

- यह नगर मित्र लोगों के आवेदन ऑनलाइन भरवाने में तकनीकी मदद करेंगे.

-नगर मित्र यह सुनिश्चित करेंगे कि जमा आवेदन में दस्तावेज या  अन्य किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रह जाए.

-इसके बदले आवेदक को निर्धारित शुल्क उस नगर मित्र को देना होगा.

- यह नगर मित्र आवेदनों के निस्तारण में संबंधित निकाय को भी निर्धारित शुल्क पर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएंगे.

- इस नगर मित्र कंसेप्ट से कई बेरोजगार तकनीकी कर्मियों को रोजगार मिलेगा.

नगर मित्रों की नियुक्ति के लिए जल्द ही जारी होंगे औपचारिक आदेश:
प्रशासन शहरों के संग अभियान के लिए तैयार किए गए इस एक्शन प्लान पर मंत्री शांति धारीवाल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी चर्चा कर चुके हैं. जल्द ही अभियान में ऑनलाइन प्रक्रिया लागू करने, शहरों का ड्रोन सर्वे कराने और नगर मित्रों की नियुक्ति के लिए जल्द ही औपचारिक आदेश जारी किए जाएंगे.

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