VIDEO: प्रशासन शहरों के संग अभियान के लिए नगर नियोजन विभाग ने की 800 नगर मित्रों की नियुक्ति, देखिए खास रिपोर्ट

VIDEO: प्रशासन शहरों के संग अभियान के लिए नगर नियोजन विभाग ने की 800 नगर मित्रों की नियुक्ति, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुर: प्रशासन शहरों के संग अभियान में आमजन की सहायता के लिए प्रदेश भर के निकायों में करीब 800 नगर मित्रों की नियुक्ति की गई है. स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल की मंजूरी के बाद नगर नियोजन विभाग ने इन पंजीकृत नगर मित्रों की सूची जारी कर दी है. आर्किटेक्ट, इंजीनियर, ड्राफ्ट्समैन आदि तकनीकी कर्मियों व कंसलटैंट फर्मों को नगर मित्र के तौर पर नियुक्त किया गया है. ये लोगों के घर पहुंचकर पट्टे के लिए आवेदन भराने से लेकर तैयार कराने तक का पूरा काम करेंगे.  डोर स्टेप पर उपलब्ध कराई जाने वाली यह सुविधा दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए नि:शुल्क होगी. लेकिन बाकी भूखंडधारियों से शुल्क वसूला जाएगा. अभियान अवधि के बाद भी ये नगर मित्र को नगरीय निकायों को तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराते रहेंगे, लेकिन इसके लिए पंजीयन शुल्क की 10 प्रतिशत राशि हर साल जमा करानी होगी. कमोबेश हर शहर के लिए इन नगर मित्रों की नियुक्ति की गई है. आपको बताते हैं कि किस संभाग में कितने नगर मित्रों की नियुक्ति की गई है.

जानिए किस संभाग में कितने नगर मित्रों की हुई नियुक्ति:
-जयपुर संभाग में 239 नगर मित्रों की नियुक्ति की गई है
-जोधपुर संभाग के निकायों में 157 नगर मित्रों की नियुक्ति की गई
-अजमेर संभाग के निकायों में 236 और बीकानेर संभाग में 146 नगर मित्रों की नियुक्ति की गई है
-बीकानेर संभाग के निकायों में 146 और कोटा संभाग के निकायों में 151 नगर मित्रों की नियुक्ति की है
-उदयपुर संभाग के निकायों के लिए 100 और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल अलवर व भरतपुर के लिए 116 नगर मित्र पंजीकृत किए गए हैं

नगर नियोजन विभाग की ओर से नियुक्त नगर मित्र आम लोगों को तो सहायता उपलब्ध कराएंगे ही साथ ही संबंधित निकाय को तकनीकी सेवा प्रदान करेंगे.

नियुक्त नगर मित्र कराएंगे आम लोगों को सहायता उपलब्ध:

-यह नगर मित्र लोगों के आवेदन ऑनलाइन भरवाने में तकनीकी मदद करेंगे
-नगर मित्र यह सुनिश्चित करेंगे कि जमा आवेदन में दस्तावेज या  अन्य किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रह जाए 
- नगर मित्र आवेदनों के निस्तारण में संबंधित निकाय को भी निर्धारित शुल्क पर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएंगे
- इसके अलावा नगर मित्र संबंधित निकाय को भी विभिन्न प्रकार की सेवाएं दे सकेंगे 
-इसके तहत गैर अनुमोदित कॉलोनियों का ले आउट प्लान तैयार करना 90 A की कार्यवाही कर पट्टे तैयार करने में सहयोग देना 
-मास्टर प्लान/जोनल प्लान/सेक्टर प्लान के अनुरूप लैंड यूज का सुपर इंपोजिशन और लैंड यूज़ की कार्यवाही के लिए पत्रावली तैयार करना 
-आबादी भूमि के नियमन के लिए भूमि अधिकार के समर्पण की कार्यवाही, खाँचा भूमि आवंटन, 
-भूखंड का उप विभाजन एवं पुनर्गठन और भवन मानचित्र अनुमोदन आदि कार्यों में भी नगर मित्र निकायों का सहयोग कर सकेंगे

प्रशासन शहरों के संग के इस अभियान में सरकार का लक्ष्य है कि कम से कम 10 लाख पट्टे बांटे जाएं. इसके लिए अधिक से अधिक नियमन के उद्देश्य से लोगों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए पहली बार नगर मित्र का कॉन्सेप्ट लागू किया गया है. उम्मीद की जानी चाहिए कि यह व्यवस्था वाकई लोगों के लिए अभियान में मददगार साबित होगी. 

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