जयपुर पार्षदों की खरीद-फरोख्त का ऑडियो मामलाः खाचरियावास ने कहा- इससे भाजपा नेताओं का चरित्र सामने आ गया

पार्षदों की खरीद-फरोख्त का ऑडियो मामलाः खाचरियावास ने कहा- इससे भाजपा नेताओं का चरित्र सामने आ गया

जयपुरः पार्षदों की खरीद-फरोख्त का ऑडियो सामने आने के बाद जयपुर नगर निगम की सियासत गरमा गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भाजपा के मेयर पद के प्रत्याशी के पति के ऑडियो को भाजपा का चाल चरित्र बता रहे हैं, तो साथ ही जयपुर ग्रेटर में भाजपा के गढ़ में सेंध लगाने का भी दावा किया जा रहा है. जयपुर में कांग्रेस की राजनीति की कमान संभाल रहे मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी तीखे तेवर अपना लिए हैं.

नगर निगम चुनाव में मेयर का फैसला कलः 
जानकारी के अनुसार जयपुर नगर निगम चुनाव में मेयर का फैसला कल होगा, लेकिन एक दिन पहले ही पार्षदों की खरीद-फरोख्त का ऑडियो वायरल होने से राजधानी की सियासत गरमार गई है. परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने हेरिटेज में भाजपा की मेयर पद की प्रत्याशी कुसुम यादव के पति अजय यादव पर उनके पार्षदों को खरीदने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इससे भाजपा नेताओं चरित्र सामने आ गया है. खाचरियावास ने कहा कि अजय यादव के इस ऑडियो के वॉयस सैंपल की जांच होनी चाहिए. प्रताप सिंह ने कहा कि भाजपा ने पिछले दिनों विधायकों के साथ भी ऐसा प्रयास किया था और अब पार्षदों तक को नहीं छोड़ा जा रहा. मंत्री  प्रताप सिंह ने भाजपा में अंतरकलह होने का दावा करते हुए विधायक नरपत सिंह राजवी को आड़े हाथों लिया. प्रताप सिंह ने कहा कि जिस तरह से राजवी ने एक ही दिन में बंयान बदल दिया है, उसको देखकर लगता है कि उनको भाजपा में डांट पड़ी है. वे भैरोसिंह के साथ काम किए थे, लेकिन अब नहीं लगता कि उनमें भैरों सिंह शेखावत की छाया मात्र भी नहीं है.

हेरिटेज में बोर्ड बनना तय लेकिन कांग्रेस की कोशिश ग्रेटर में भाजपा के खेमे में सेंध लगाने कीः
वोटों की गणित के हिसाब से जयपुर हेरिटेज नगर निगम में तो कांग्रेस का बोर्ड बनना तय है, लेकिन अब कांग्रेस की कोशिश ग्रेटर में भाजपा के खेमे में सेंध लगाने की है. ठीक उसी तरह जिस तरह से विष्णु लाटा को उलटफेर करके मेयर बना दिया था. जयपुर ग्रेटर में कांग्रेस ने मालवीय नगर और सांगानेर के वरिष्ठ नेताओं को विशेष जिम्मा सौंपा है. कांग्रेस की कोशिश है कि 13 निर्दलीय पार्षदों के अलावा भाजपा के पार्षदों से भी क्रॉस वोटिंग करवाई जाए. हालांकि कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि अंतरात्मा की आवाज पर भाजपा के पार्षद कांग्रेस के साथ आएंगे. साथ ही यह भी दावा किया कि कांग्रेस खरीद-फरोख्त की कोशिश नहीं करेगी बल्कि भाजपा खुद ही अपनी कलह के कारण बिखर जाएगी.

हेरिटेज में मेयर को लेकर कांग्रेस आश्वस्तः
वहीं एक नजर मेयर पद की दौड़ पर भी डाल लेते हैं. जयपुर हेरिटेज में कांग्रेस के अपने 47 पार्षद है. साथ ही आठ निर्दलीयों का भी समर्थन मिला है. ऐसे में कांग्रेस के पास 55 पार्षदों के समर्थन का दावा किया जा रहा है. बोर्ड बनाने के लिए जरूरी आंकड़ा 51 है. लिहाजा कांग्रेस मुस्लिम समाज के विरोध के बावजूद हेरिटेज में मेयर को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है. पार्टी के लिए असली चुनौती ग्रेटर में है जहां बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा 76 का है लेकिन कांग्रेस के पास 49 पार्षदों के अलावा अभी तक केवल तीन से चार निर्दलीय पार्षदों का ही समर्थन मिल पाया है. कांग्रेस अगर सभी 13 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन जुटा भी लेती है तो बहुमत हासिल करने के लिए कांग्रेस को कम से कम 14 भाजपा पार्षदों की क्रॉस वोटिंग की जरूरत होगी. यह काम आसान नहीं लग रहा है. यह तब ही संभव है जब भाजपा के वोटों में बड़ा बिखराव हो, लेकिन फिलहाल ऐसी स्थिति नजर नहीं आ रही. फिलहाल पूरे जयपुर पर नजर डाले तो यहां पर कांग्रेस भाजपा पर भारी नजर आ रही है. एक तो भाजपा तथाकथित खरीद-फरोख्त का ऑडियो के कारण परेशान है और दूसरी तरफ उसे ग्रेटर में खुद का किला भी बचाना होगा. राजनीतिक उठापटक तो डिप्टी मेयर के चुनाव में भी हो सकती है.
फर्स्ट इंडिया से नरेश शर्मा की रिपोर्ट

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