अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की तैयारी, प्रदेश में जल्द शुरू होगा अवैध खनन के खिलाफ अभियान

अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की तैयारी, प्रदेश में जल्द शुरू होगा अवैध खनन के खिलाफ अभियान

अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की तैयारी, प्रदेश में जल्द शुरू होगा अवैध खनन के खिलाफ अभियान

जयपुर: प्रदेश में अब अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए जल्द ही खान विभाग अन्य विभागों के साथ मिलकर विशेष अभियान चलाएगा. इसके साथ ही नई खनन नीति और एम सैंड पॉलिसी भी जल्द जारी की जाएगी बाकी प्रदेश में न केवल अवैध खनन को रोका जा सके वरन खनन सेे मिलने राजस्वव में भी वृद्धि हो सके. आज खान विभाग की समीक्षा बैठक में विशेष अभियान का ताना-बाना तैयार किया गया. अब खनन राॅयल्टी ठेकों से सरकार के राजस्व को बढ़ाने और बजरी के अवैध निर्गमन व अवैध खनन पर रोक की प्रभावी कार्रवाई की जाएगी. प्रदेश में 1037 करोड़ के 106 राॅयल्टी ठेकों की ई-नीलामी प्रक्रिया से पुराने प्रतिभागियों के साथ ही नए प्रतिभागियों को प्रोत्साहित कर आगे लाने की कार्रवाई की जाएगी ताकि ठेकों की नीलामी से प्रतिस्पर्धात्मक दरें प्राप्त हो और अधिक राजस्व प्राप्त हो सकें.

खान विभाग के एसीएस डाॅ. सुबोध अग्रवाल आज वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से खान विभाग के फिल्ड अधिकारियों से रुबरु हो रहे थे. उन्होंने बताया कि जून माह से ही प्रदेश में इन्हीं महीनों की गत साल की तुलना में अधिक राजस्व प्राप्त होने लगा है, सितंबर, 2019 के 314 करोड़ 75 लाख की तुलना में सितंबर, 20 में 390 करोड़ 27 लाख का राजस्व अर्जित किया है. कोरोना के कारण अप्रेल-मई माह में प्रभावित राजस्व संग्रहण में अब केवल 5.94 प्रतिशत की कमी रही है जिसे इस माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा. डाॅ. अग्रवाल ने एमनेस्टी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि इस योजना के दायरें में आने वाले सभी बकायादारों से सीधे संपर्क कर योजना का लाभ बताते हुए शतप्रतिशत वसूली सुनिश्चित करें.

उन्होंने बताया कि एक मोटे अनुमान के अनुसार एमनेस्टी योजना में 80 करोड़ रु. की वसूली की संभावना है। उन्होंने कहा कि रेवेन्यू कलेक्सन सेंटर और एक्सेस रेवेन्यू कलेक्सन सेंटरों (आरसीसी, ईआरसीसी) की रवन्ना व्यवस्था को और अधिक चाकचोबंद करने के उपाय खोजे जाए ताकि छिजत को रोका जा सके. एसीएस डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि बजरी की रिप्लेनिशमेंट की 74 स्टडी करवाई जानी है जिसमें से 27 स्टडी रिपोर्ट प्राप्त हो गई है. उन्होंने रिप्लेनिशमेंट की शेष 47 स्टडी रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को स्टडी रिपोर्ट अतिशीघ्र तैयार कर भिजवाने के निर्देश दिए. उन्होंने बताया कि बजरी के अवैध निर्गमन और अवैध खनन के मामलों में एक मोटे अनुमान के अनुसार 80 प्रतिशत हिस्सेदारी बजरी के अवैघ निर्गमन की है. डॉ सुबोध अग्रवाल ने अधिकारियों को बजरी के अवैध निर्गमन और अवैध खनन के विरुद्ध जांच और कार्यवाही करते समय जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व अन्य से आवष्यक समन्वय बनाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए ताकि अवैध गतिविधियों पर ठोस कार्रवाई हो सके.

डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य की नई खनिज नीति पर सरकार द्वारा गठित कमेटी द्वारा गुजरात, कर्नाटक, गोआ, मध्यप्रदेश और केरल की खनिज नीति का अध्ययन कर लिया गया है. अब 3 दिवस में स्थानीय अधिकारियों और विशेषज्ञों से भी चर्चा करने को कहा गया है. वीसी में उन्होंने सीएमआईएस पोर्टल, संपर्क पोर्टल, मुख्यमंत्री व खान मंत्री के निर्देशों, न्यायालयों के प्रकरणों में जबाव दावे प्रस्तुत करने सहित विचाराधीन प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए. निदेशक खान एवं भूविज्ञान केबी पाण्डया ने बताया कि विभाग द्वारा अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने और राजस्व बढ़ोतरी के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं. संयुक्त सचिव ओम कसेरा ने बताया कि विभाग द्वारा नई नीति तैयार करने के साथ ही नियमों का सरलीकरण किया जा रहा है. वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में उप सचिव माइन्स नीतू बारुपाल व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों व फिल्ड के अधिकारियों ने हिस्सा लिया. दरअसल पिछले दिनों खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने विभाग की समीक्षा बैठक के बाद स्पष्ट निर्देश दिए थे कि प्रदेश में अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई की जाए. उसके बाद से ही विभाग के एसीएस सहित तमाम अधिकारी मुस्तैदी से अवैध खनन को रोकने और राजस्व बढ़ाने के प्रयास में लगे हैं. अवैध बजरी पर भी प्रभावी कार्रवाई के लिए अभियान की रूपरेखा इसी दौरान तैयार की गई थी. 

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