जयपुर राजस्थान : तीनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तैयारियां पूरी, मतदान कल

राजस्थान : तीनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तैयारियां पूरी, मतदान कल

राजस्थान : तीनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तैयारियां पूरी,  मतदान कल

जयपुरः कांग्रेस शासित राजस्थान में विधानसभा की तीनों सीटों पर शनिवार को होने वाले उपचुनाव की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है. हालांकि उपचुनाव के परिणामों से अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार की स्थिरता पर कोई प्रभाव नहीं पडे़गा. पिछले वर्ष पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और 18 अन्य विधायकों के बगावत के कारण गहलोत सरकार का एक साल राजनीतिक अशांति में गुजरा था. माना जा रहा है उपचुनाव के नतीजों से कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के प्रदर्शन के बारे में एक स्पष्ट संदेश मिलेगा. अशोक गहलोत सरकार का लगभग ढाई साल का कार्यकाल पूरा हो गया है और इसलिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अन्य कांग्रेसी नेताओं में उपचुनाव में जीतने को लेकर उत्सुकता है.वहीं दूसरी ओर तीनों विधानसभाओं के परिणामों से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां के प्रभाव का आंकलन हो सकेगा जिन्हें उपचुनाव में केन्द्र की ओर से खुली छुट प्रदान की गई है. उपचुनाव के स्टार प्रचारकों में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं के नाम थे, इसके बावजूद प्रचार से उन्होंने खुद को दूर रखा है.

कोविड 19 की चुनौतिपूर्ण स्थिति के बीच उपचुनाव का प्रचार गुरुवार को समाप्त हो गया और तीनों विधानसभाओं सहाडा (भीलवाड़ा), सुजानगढ़ (चूरू) और राजसमंद में मतदान शनिवार को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा.

भाजपा-कांग्रेस दोनों ने चुनाव प्रचार में उतारे स्टार प्रचारकः
तीनों विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार के लिए सत्ताधारी कांग्रेस ने अपने मंत्रियों रघु शर्मा, प्रताप सिंह खाचरियावास, भंवर सिंह भाटी, प्रमोद जैन भाया और उदय लाल आंजना, विधायकों और अन्य नेताओं को कमान दे रखी है. वहीं भाजपा ने प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां, प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया और प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड और अन्य विधायकों को उपचुनाव के प्रचार और अन्य कार्यो का जिम्मा दे रखा है.

प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया का बयान बना चर्चा का विषयः
उपचुनाव के प्रचार के दौरान पिछले दिनों प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया द्वारा राजपूत बाहुल्य क्षेत्र राजसमंद में राजपूत महाराजा महाराणा प्रताप पर दिए गए विवादित बयान के बाद उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पडा. हालांकि उन्होंने अपने बयान पर माफी मांग ली थी. इसी तरह भाजपा को सहाडा में बागी उम्मीदवार लादूलाल पितलिया का नामांकन पत्र वापस लेने के लिए कथित दबाव बनाने पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा.

चुनाव प्रचार से दूर रही पूर्व सीएम वसुंधरा राजेः
वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने चुनाव प्रचार में दूरी बनाए रखी. पार्टी सूत्रों के अनुसार राजे अपनी पुत्र वधु के स्वास्थ्य कारणों से समय नहीं दे पाई. पार्टी के वरिष्ठ नेता ओम माथुर और भूपेन्द्र यादव ने भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्तता के चलते रैलियों को संबोंधित नहीं किया.

पीसीसी चीफ पार्टी की जीत को लेकर आश्वस्तः
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कि हम कांग्रेस पार्टी के जीत के प्रति आश्वस्त है और हमारी तीनों सीटों पर जीत होगी. उन्होंने कहा कि लोग सरकार के काम से खुश हैं.

सीएम गहलोत ने षडयंत्रकारियों को सबब दिलाने के लिए की थी पार्टी के पक्ष में मतदान की अपीलः
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को एक वीडियो संदेश जारी कर मतदाताओं से भाजपा को सबक सिखाने के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील की थी. उन्होंने वीडियो संदेश में कहा कि अगर हम तीन उपचुनाव में जीतते हैं तो तमाम षडयंत्रकारियों को एक सबब मिलेगा.. जो दिल्ली में बैठे हुए है.. चाहे केन्द्रीय मंत्री हों, चाहे यहां पर इनके विपक्ष में नेता बैठे हो.. सबको सबक मिलेगा की चुनी हुई सरकार को अगर गिराने की कोशिश भी करेंगे तो आम जनता जो माईबाप होती है लोकतंत्र में इसको बर्दाश्त नहीं करेगी.

भाजपा का कहना, जनता कांग्रेस को सबक सिखाएगीः
वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि कांग्रेस शासन में गिरती कानून व्यवस्था को लेकर लोगों में आक्रोश है. पूनियां ने कहा कि कानून व्यवस्था की बदहाली, बढ़ती बेरोजगारी, किसानों से कर्जमाफी के नाम पर वादाखिलाफी, बिजली-पानी के बिलों में भारी बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस सरकार को सबक सिखाने के लिए जनता कांग्रेस के खिलाफ मतदान करेगी. उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि उपचुनाव में तीनों सीटों पर भाजपा की जीत होगी.

चुनाव आयोग ने की पूरी तैयारियाः
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि राज्य की सहाड़ा, सुजानगढ़ और राजसमंद विधानसभाओं में स्वतंत्र-निष्पक्ष-शांतिपूर्ण के साथ ‘सुरक्षित‘ चुनाव के लिए निर्वाचन विभाग ने सभी जरूरी तैयारियां पूर्ण कर ली है. उन्होंने बताया कि तीनों विधानसभाओं के लिए 17 अप्रैल को प्रातः सात से शाम छह बजे तक कोविड संबंधी सभी दिशा-निर्देशों की कड़ी पालना के साथ मतदान करवाया जाएगा. उन्होंने बताया कि मतदान केंद्र में प्रवेश से पहले सभी मतदाताओं के शरीर का तापमान मापा जाएगा. किसी भी मतदान केंद्र पर बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

कुल 27 उम्मीदवार चुनावी मैदान मेंः
गुप्ता ने बताया कि तीनों विधानसभाओं में 27 उम्मीदवार चुनावी मैदान में है. राजसमंद जिले की राजसंमद, भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा और चूरू जिले की सुजानगढ़ विधानसभाओं में 1145 मतदान केंद्रों पर कुल सात लाख 45 हजार 758 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. मतगणना दो मई को होगी. तीनों विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव वर्तमान विधायकों के निधन के कारण करवाए जा रहे है. 

भाजपा-कांग्रेस के ये उम्मीदवार मैदान मेंः
भाजपा ने सुजानगढ़ में खेमाराम मेघवाल, सहाड़ा में रतनलाल जाट व राजसमंद में दीप्ति माहेश्वरी को उम्मीदवार बनाया है. कांग्रेस ने सुजानगढ़ सीट पर मनोज कुमार मेघवाल,सहाड़ा सीट पर गायत्री देवी व राजसमंद सीट पर तनसुख बोहरा को टिकट दी है. सत्ताधारी कांग्रेस ने पूर्व मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल के पुत्र मनोज मेघवाल को सुजानगढ़ विधानसभा से चुनाव मैदान में उतारा है.यह सीट मास्टर भंवर लाल मेघवाल के निधन के कारण खाली हुई थी. कांग्रेस ने सहाडा विधानसभा क्षेत्र में गायत्री देवी को भाजपा उम्मीदवार और पूर्व विधायक रतन लाल जाट के सामने चुनाव मैदान में उतारा है. यह सीट उनके पति कैलाश त्रिवेदी के पिछले वर्ष अक्टूबर में कोरोना संक्रमण से निधन होने के कारण रिक्त हुई थी. वहीं भाजपा की पूर्व मंत्री किरण माहेश्वरी की पिछले वर्ष नवमब्र में कोरोना संक्रमण के निधन के कारण रिक्त हुई राजसमंद सीट पर कांग्रेस ने सामाजिक कार्यकर्ता तनसुख बोहरा को भाजपा उम्मीदवार और किरण माहेश्वरी की बेटी दीप्ति माहेश्वरी के सामने चुनाव मैदान में उतारा है. नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने भी उपचुनाव में अपने उममीदवार खडे़ किये हैं.

वल्लभनगर सीट पर चुनाव होना अभी बाकीः
200 सीटों वाली विधानसभा में वर्तमान में कांग्रेस के 104 विधायक हैं जबकि भाजपा के 72, आरएलपी के तीन और माकपा और बीटीपी के दो-दो विधायक है. वहीं सदन में 13 निर्दलीय विधायक है जबकि चार सीटें रिक्त है. चार रिक्त सीटों में से तीन पर उपचुनाव हो रहे है जबकि वल्लभनगर में चुनाव होना बाकी है.
सोर्स भाषा

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