नई दिल्ली राष्ट्रपति कोविंद ने राजनीतिक दलों से राष्ट्रहित में दलगत राजनीति से ऊपर उठने को कहा

राष्ट्रपति कोविंद ने राजनीतिक दलों से राष्ट्रहित में दलगत राजनीति से ऊपर उठने को कहा

राष्ट्रपति कोविंद ने राजनीतिक दलों से राष्ट्रहित में दलगत राजनीति से ऊपर उठने को कहा

नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय हित में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर यह तय करने को कहा कि लोगों के कल्याण के लिए क्या जरूरी है.संसद के सेंट्रल हॉल में अपने विदाई भाषण में सांसदों को संबोधित करते हुए कोविंद ने शांति और सद्भाव के मूल्य पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को अपने लक्ष्यों को पाने की कोशिश करने के लिए विरोध करने और दबाव बनाने का अधिकार है, लेकिन उनके तरीके गांधीवादी होने चाहिए.

उनकी टिप्पणी ऐसे समय में महत्वपूर्ण हो जाती है, जब कई मुद्दों पर विपक्ष के विरोध के कारण संसद की कार्यवाही अक्सर बाधित हो रही है.कोविंद ने कहा कि वह हमेशा खुद को बड़े परिवार का हिस्सा मानते हैं, जिसमें सांसद भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार की तरह कई बार उनके बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें देश के व्यापक हितों के लिए मिलकर काम करना चाहिए.

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला राष्ट्रपति कोविंद को विदाई देने के लिए आयोजित इस समारोह में शामिल हुए.निर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार को भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगी. वह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर काबिज होने वाली पहली आदिवासी होंगी.कोविंद ने मुर्मू को बधाई दी और कहा कि उनके मार्गदर्शन से देश को फायदा होगा. उन्होंने कहा कि मुझे राष्ट्रपति के रूप में सेवा करने का अवसर देने के लिए देश के नागरिकों का हमेशा आभारी रहूंगा. (भाषा) 

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