जारी रहेगी पेट्रोल-डीज़ल कीमतों में वृद्धि, जानिए; क्या है पूरा खेल

Nirmal Tiwari Published Date 2018/09/05 10:25

जयपुर (निर्मल तिवारी)। पेट्रोल, डीज़ल की बढ़ती कीमतों ने मानसून में भी आम आदमी को झुलसा कर रख दिया है। पिछले 14 महीने में पेट्रोल , डीज़ल के दाम में 20 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई है, जिससे आमजन के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरा करना भी दुश्वार हो गया है। जनता सरकार की तरफ से राहत की उम्मीद कर रही है, लेकिन सरकार शायद कीमतें और बढ़ने का इंतजार कर रही हैं।

कर्नाटक चुनाव के दौरान 19 दिनों तक तेल कंपनियों ने पेट्रोल डीजल के दाम नहीं बढ़ाए थे, लेकिन इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बेंच मार्क रेट में 5.6 फ़ीसदी की वृद्धि चलते तेल कंपनियों ने पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ाना शुरू कर दिए थे। सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक चुनाव के दौरान तेल कंपनियों के पास मार्जिन था कि वह पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ा सकते थे, लेकिन केंद्र के दबाव के चलते दरें नहीं बढ़ाई गई। इसके बाद चार महीने से जो वृद्धि का दौर शुरु हुआ वो, आज तक जारी है। वृद्धि से तेल कंपनियां चार महीने में ही करीब पांच हजार करोड़ रुपए कमा चुकी हैं।

सूत्रों की माने तो ईरान पर प्रतिबंध और ग्लोबल डिमांड बढ़ने से कच्चे तेल के दाम अभी ऊंचे ही बने रहेंगे। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में व उत्तर पूर्व के 4 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में कंपनियां इन चुनाव से पहले अपना मार्जिन बढ़ाना चाहेंगी, ताकि बाद में कीमतों को स्थिर रख सकें।

मूल कीमत और टैक्स के बाद की कीमत :

-

पेट्रोल

डीज़ल

मूल कीमत

40.21 रुपए

44.40 रुपए

केंद्रीय उत्पाद शुल्क

20.48 रुपए

16.83 रुपए

डीलर का मार्जिन

3.81 रुपए

2.91 रुपए

राज्य का वैट

17.83 रुपए

11.96 रुपए

जनता के लिए दर

82.33 रुपए

76.10 रुपए

हालांकि केंद्र सरकार लगातार इस बात का दावा करती रही है कि तेल कंपनियों को जल्द ही जीएसटी के दायरे में लाया जाएगा और जनता को राहत के लिए केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कमी की जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। राज्य सरकार भी वैट कम करने को लेकर राजी नहीं दिखाई दी। हालात यहां तक पहुंच गए कि जो पेट्रोल 14 महीने पहले 65 रुपए 77 पैसे प्रति लीटर था, वह आज 15 रुपए 91 पैसे बढ़कर 82 रुपए 33 पैसे प्रति लीटर और डीजल 17 रुपए 95 पैसे बढ़कर 76 रुपए 10 पैसे प्रति लीटर हो गया है। केंद्र और राज्य सरकार सरकार जहां एक लीटर पेट्रोल पर 38 रुपए से ज्यादा वसूल रही हैं वहीं डीजल पर करीब 29 रुपए प्रति लीटर दोनों सरकारों के खजाने में जा रहा है। 

पिछले 14 महीने में पेट्रोल डीज़ल की कीमतों में वृद्धि :

तिथि

पेट्रोल

डीजल

1 जुलाई 17

65.77

57.19

1 अगस्त 17

67.93

59.51

1 सितंबर 17

71.88

61.12

1 अक्टूबर 17

73.41

63.00

1 नवंबर 17

71.61

61.58

1 दिसंबर 17

71.83

62.31

1 जनवरी 18

72.74

63.89

1 फरवरी 18

76.02

68.63

1 मार्च 18

74.51

66.69

1 अप्रेल 18

76.44

68.87

1 मई 18

77.32

70.25

1 जून 18

81.07

73.68

1 जुलाई 18

78.27

71.77

1 अगस्त 18

79.26

72.41

1 सितंबर 18

81.68

75.14

पेट्रोल डीज़ल ऐसी रोजमर्रा की वस्तु हैं, जिनसे आम जनजीवन तुरंत प्रभावित होता है। इनकी कीमतों में उतार चढ़ाव परिवहन को प्रभावित करता है और परिवहन से रसोई से लेकर आमजन के परिवार को पूरा ताना बाना प्रभावित होता है। ऐसे में 14 महीने के दौरान पेट्रोल डीजल की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि का जवाब देश प्रदेश की जनता चुनाव में देने को आतुर दिखाई देती है।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in