VIDEO: एयर-C 90, एयर-B 200 की कीमतों का होगा आकलन, बाजार ​कीमत की रिपोर्ट होगी तैयार

VIDEO: एयर-C 90, एयर-B 200 की कीमतों का होगा आकलन, बाजार ​कीमत की रिपोर्ट होगी तैयार

जयपुर: अपने 2 राजकीय विमानों और 1 हैलीकॉप्टर के अनुपयोगी होने से नुकसान झेल रही सरकार ने अब अगस्ता हैलीकॉप्टर के साथ-साथ किंग एयर बी 200 व किंग एयर सी 90 वायुयान को भी बेचने का फैसला करेगी. सिविल एविएशन प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में कमेटी अगस्ता की नई बाजार दर का जहां फिर आकलन करेगी तो वहीं दोनों वायुयानों की कीमत का पहली बार आकलन होगा. 13 अगस्त 2021 को सीएस की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी ने राजकीय वायुयान किंग एयर बी-200 की मरम्मत कराकर फिर उपयोग में लेने और किंग एयर सी-90 व अगस्ता हेलीकॉप्टर को बेचने की सिफारिश की थी. साथ ही इस बारे में प्रस्ताव बनाकर सीएम स्तर पर अंतिम निर्णय लेने पर सहमति जताई गई थी. अब किंग एयर सी-90 विमान और अगस्ता हैलीकॉप्टर के साथ राजकीय वायुयान किंग एयर बी-200 के भी बेचान करने का निर्णय लिया गया है.

इसके लिए क्या होगी प्रक्रिया:
-सिविल एविएशन प्रमुख सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी अगस्ता हैलीकॉप्टर के बाजार मूल्य का 1 बार फिर से आकलन करेगी. इससे पूर्व करीब आधा दर्जन बार इसका आकलन किया ज चुका है.

-यही कमेटी किंग एयर सी-90 विमान के साथ-साथ किंग एयर बी-200 की भी बाजार कीमत का पहली बार आकलन करेगी.

-इसके बाद सीएस की अध्यक्षता में कमेटी की अगस्त व दो अन्य राजकीय विमानों की बाजार कीमत के बारे में रिपोर्ट देगी. इस पर सीएस की अध्यक्षता वाली कमेटी अपनी सिफारिश देगी और फिर मुख्यमंत्री स्तर पर अंतिम निर्णय होगा.

- यह करीब 13 वां ऐसा मौका होगा जब अगस्ता की नीलामी प्रक्रिया सिरे चढ़ेगी. पहले अगस्ता हेलीकॉप्टर की बेस प्राइज 12.40 करोड़ आंकी गई थी जबकि पिछली बार इसे 4.50 करोड़ में नीलाम करने का प्रयास विफल साबित हुआ था. उधर बाकी दो राजकीय वायुयानों की नीलामी की यह पहली प्रक्रिया होगी.

क्यों किया जा रहा बेचने का निर्णय:
-दरअसल राजकीय हैलीकॉप्टर अगस्ता करीब 10 साल से बेकार पड़ा है. मौजूदा सीएम गहलोत के ही पूर्व कार्यकाल में वे जब 20 नवंबर 2011 को चूरू जिले की न्यांगल बडी गांव में सम्मेलन में जा रहे थे
तब यात्रा के दौरान इस हेलीकॉप्टर की ब्लेड टूट गई थी. तब इसकी एक खेत में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी थी. तब इटली से पार्ट्स मंगवा कर इसे दुरुस्त किया गया और फिर जयपुर लाया गया था.

-इसके बाद से ही राजकीय यात्राओं में इस हैलीकॉप्टर का उपयोग बंद हो गया और इसीलिए इसकी नीलामी की एक दर्जन बार विफल कोशिश की गई. इस दौरान 30 करोड़ के हेलीकॉप्टर की कीमत गिरते-गिरते  साढ़े 4. करोड़ आ गई है और सरकार के लिए यह सफेद हाथी साबित हो रहा है क्योंकि करीब 10 सालों में इसकी मूल कीमत बराबर मेंटिनेंस पर खर्च हो चुका है.

-वहीं किंग एयर बी 200 व किंग एयर सी 90 का यात्राओं में उपयोग करीब एकाध साल से बंद है.

कीमत तय करने वाली कमेटी में प्रमुख सचिव  सिविल एविएशन,पीएसएफ,निदेशक सिविल एविएशन और 1 तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं. इसके आदेश जल्द होंगे जिसके बाद पूरी प्रक्रिया सिरे चढ़ेगी.

और पढ़ें