नई दिल्ली मन की बात में बोले पीएम मोदी, 26 जनवरी को तिरंगे का अपमान देख देश बहुत दुखी हुआ

मन की बात में बोले पीएम मोदी, 26 जनवरी को तिरंगे का अपमान देख देश बहुत दुखी हुआ

मन की बात में बोले पीएम मोदी, 26 जनवरी को तिरंगे का अपमान देख देश बहुत दुखी हुआ

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि दिल्ली में 26 जनवरी को तिरंगे का अपमान देख देश बहुत दुखी हुआ. दुनिया में सबसे तेजी के साथ टीकाकरण भारत में किया जा रहा है, महज 15 दिन में 30 लाख कोरोना योद्धाओं को टीका लगाया गया. पीएम मोदी ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले गुमनाम नायकों को पद्म सम्मान देने की जो परंपरा देश ने कुछ वर्ष पहले शुरू की थी, वो इस बार भी कायम रखी गई है. पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं मन की बात करता हूं तो ऐसा लगता है, जैसे आपके बीच, आपके परिवार के सदस्य के रूप में उपस्थित हूं. हमारी छोटी-छोटी बातें, जो एक-दूसरे को, कुछ, सिखा जाये, जीवन के खट्टे-मीठे अनुभव जो, जी-भर के जीने की प्रेरणा बन जाये - बस यही तो है मन की बात.

26 जनवरी को तिरंगे का अपमान देख, देश, बहुत दुखी भी हुआ:
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्र ने असाधारण कार्य कर रहे लोगों को उनकी उपलब्धियां और मानवता के प्रति उनके योगदान के लिए सम्मानित किया. इस साल भी पुरस्कार पाने वालों में, वे लोग शामिल हैं जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम किया है. उन्होंने कहा कि इन सबके बीच, दिल्ली में, 26 जनवरी को तिरंगे का अपमान देख, देश, बहुत दुखी भी हुआ. हमें आने वाले समय को नई आशा और नवीनता से भरना है. हमने पिछले साल असाधारण संयम और साहस का परिचय दिया. इस साल भी हमें कड़ी मेहनत करके अपने संकल्पों को सिद्ध करना है. 

हमारी लड़ाई को करीब-करीब एक साल पूरा:
पीएम मोदी ने कहा कि इस साल की शुरुआत के साथ ही कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई को भी करीब-करीब एक साल पूरा हो गया है. जैसे कोरोना के खिलाफ भारत की लड़ाई एक उदाहरण बनी है, वैसे ही, अब, हमारा Vaccination programme भी, दुनिया में एक मिसाल बन रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि आप जानते हैं, और भी ज्यादा गर्व की बात क्या है? हम सबसे बड़े Vaccine programme के साथ ही दुनिया में सबसे तेज गति से अपने नागरिकों का Vaccination भी कर रहे हैं.संकट के समय में भारत, दुनिया की सेवा इसलिए कर पा रहा है, क्योंकि, भारत, आज दवाओं और Vaccine को लेकर सक्षम है, आत्मनिर्भर है. यही सोच आत्मनिर्भर भारत अभियान की भी है. 

परोक्ष रूप से आप सबसे जुड़ने का मिलता है मौका:
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के हर हिस्से में, हर शहर, कस्बे और गांव में आजादी की लड़ाई पूरी ताकत के साथ लड़ी गई थी. भारत भूमि के हर कोने में ऐसे महान सपूतों और वीरांगनाओं ने जन्म लिया, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया. पीएम मोदी ने कहा कि मन की बात में श्रोताओं को क्या पसंद आता है, ये आप बेहतर जानते हैं, लेकिन मुझे मन की बात में सबसे अच्छा लगता है कि मुझे बहुत कुछ जानने-सीखने और पढ़ने को मिलता है. एक प्रकार से परोक्ष रूप से आप सबसे जुड़ने का मौका मिलता है.

वीरता की गाथाओं के बारे में लिखें किताबें:
पीएम मोदी ने कहा कि मैं सभी देशवासियों को और खासकर के अपने युवा साथियों को आहृान करता हूं कि वो देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में लिखें. अपने इलाके में स्वतंत्रता संग्राम के दौर की वीरता की गाथाओं के बारे में किताबें लिखें. उन्होंने कहा कि हैदराबाद के बोयिनपल्ली में, एक स्थानीय सब्जी मंडी, किस तरह, अपने दायित्व को निभा रही है, ये पढ़कर भी मुझे बहुत अच्छा लगा. बोयिनपल्ली की सब्जी मंडी तय किया है कि बचने वाली सब्जियों को ऐसे फेंका नहीं जाएगा, इससे बिजली बनाई जाएगी.

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