प्रधानमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में ऑक्सीजन, दवाओं की उपलब्धता, आपूर्ति की समीक्षा की

प्रधानमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में ऑक्सीजन, दवाओं की उपलब्धता, आपूर्ति की समीक्षा की

प्रधानमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में ऑक्सीजन, दवाओं की उपलब्धता, आपूर्ति की समीक्षा की

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में कोविड-19 महामारी के संबंध में ऑक्सीजन और दवाओं की उपलब्धता के साथ ही उनकी आपूर्ति की समीक्षा की.

कोविड-19 के प्रबंधन में इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयों की आपूर्ति की निगरानीः 
बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि महामारी की पहली लहर के दौरान ऑक्सीजन की मांग की तुलना में अब तीन गुणा ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है जबकि पिछले कुछ हफ्तों में रेमडेसिविर सहित सभी दवाओं के उत्पादन में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की गई है. प्रधानमंत्री को बैठक के दौरान अवगत कराया गया कि कोविड-19 के प्रबंधन में इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयों की आपूर्ति की निगरानी की जा रही है. बयान के मुताबिक कि यह चर्चा हुई कि राज्यों को अच्छी मात्रा में दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही है. साथ ही रेमडेसिविर सहित सभी दवाइयों के उत्पादन में पिछले कुछ हफ्तो में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है.

प्रधानमंत्री ने देश में ऑक्सीजन की उपलब्धता और आपूर्ति की मौजूदा स्थिति का भी लिया जायजाः
इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का फार्मा क्षेत्र बहुत ही ‘‘वाइब्रेंट’’ है और सरकार के साथ सहयोग से सभी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी. बयान के मुताबिक कि प्रधानमंत्री ने देश में ऑक्सीजन की उपलब्धता और आपूर्ति की मौजूदा स्थिति का भी जायजा लिया. चर्चा हुई कि पहली लहर में ऑक्सीजन की मांग की तुलना में अब तीन गुना ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है.

पीएम को रेल और भारतीय वायु सेना के विमान से ऑक्सीजन की आवाजाही अभियान की दी जानकारीः
प्रधानमंत्री को ऑक्सीजन रेल और भारतीय वायु सेना के विमान से ऑक्सीजन की आवाजाही अभियान के बारे में भी अवगत कराया गया. उन्हें ऑक्सीजन सांद्रक और ऑक्सीजन सिलेंडरों की खरीदी और देश भर में स्थापित किए जाने वाले ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थिति से भी अवगत कराया गया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों को समयबद्ध् तरीके से वेंटिलेटर्स के क्रियान्वयन और उसके निर्माताओं की मदद से तकनीकी और प्रशिक्षण संबंधी मुद्दों को सुलझाना चाहिए.
सोर्स भाषा

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