Ram Mandir Bhoomi Pujan: राम मंदिर आने वाली पीढ़ियों को संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा- पीएम मोदी

Ram Mandir Bhoomi Pujan: राम मंदिर आने वाली पीढ़ियों को संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा- पीएम मोदी

Ram Mandir Bhoomi Pujan: राम मंदिर आने वाली पीढ़ियों को संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा- पीएम मोदी

अयोध्या: अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन पूरा हो गया है और पीएम मोदी ने राम मंदिर की आधारशिला रख दी है. उसके बाद प्रधानमंत्री ने राम मंदिर के शिलापट जारी किया, इसके साथ ही डाकटिकट भी जारी किया. पीएम मोदी को यहां भगवान राम की मूर्ति भेंट की गई. उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है मुझे ट्रस्ट ने ऐतिहासिक पल के लिए आमंत्रित किया. 

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आज पूरा भारत राममय हो गया: 
प्रधानमंत्री ने कहा कि करोड़ों लोगों को इस बात का विश्वास ही नहीं हो रहा होगा कि वो अपने जीते-जी इस कार्य को शुरु होते हुए देख रहे हैं. राम जन्मभूमि आज मुक्त हुई है और आज पूरा भारत राममय हो गया है. रामलला बरसों तक टेंट में रहे थे, लेकिन अब भव्य मंदिर बनेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि गुलामी के कालखंड में आजादी के लिए आंदोलन चला है, 15 अगस्त का दिन उस आंदोलन का और शहीदों की भावनाओं का प्रतीक है. ठीक उसी तरह राम मंदिर के लिए कई-कई सदियों तक पीढ़ियों ने प्रयास किया है, आज का ये दिन उसी तप-संकल्प का प्रतीक है. राम मंदिर के चले आंदोलन में अर्पण-तर्पण-संघर्ष-संकल्प था. 

मंदिर आने वाली पीढ़ियों को संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा:
उन्होंने कहा कि राम मंदिर आने वाली पीढ़ियों को संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा. पूरी दुनिया से लोग यहां आएंगे, यहां के लोगों के लिए अवसर बनेगा. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के चलते भूमि पूजन कार्यक्रम अनेक मर्यादाओं के बीच चल रहा है. उन्होंने कहा कि इस मंदिर के साथ इतिहास खुद को दोहरा रहा है, जिस तरह गिलहरी से लेकर वानर, केवट से लेकर वनवासी बंधुओं को राम की सेवा करने का सौभाग्य मिला.

राम मंदिर नर से नारायण को जोड़ने का प्रतीक: 
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया के लोग इस भव्य राम मंदिर के बनने के बाद यहां प्रभु राम और माता जानकी के दर्शन के लिए आएंगे. ये राम मंदिर वर्तमान को अतीत से जोड़ने का प्रतीक होने के साथ साथ नर से नारायण को जोड़ने का प्रतीक है. आज पूरा भारत राममय, हर मन रोमांचित और हर घर दीपमय है. उन्होंने कहा कि श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा. हमारी शाश्वत आस्था का प्रतीक बनेगा, राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा और ये मंदिर करोड़ों-करोड़ों लोगों की सामूहिक शक्ति का भी प्रतीक बनेगा.

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भारत की ये शक्ति पूरी दुनिया के लिए अध्ययन का विषय:
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों के सहयोग से राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ है, जैसे पत्थर पर श्रीराम लिखकर रामसेतु बना, वैसे ही घर-घर से आई शिलाएं श्रद्धा का स्त्रोत बन गई हैं. ये न भूतो-न भविष्यति है. उन्होंने कहा कि भारत की ये शक्ति पूरी दुनिया के लिए अध्ययन का विषय है. राम हर जगह हैं, भारत के दर्शन-आस्था-आदर्श-दिव्यता में राम ही हैं. तुलसी के राम सगुण राम हैं, नानक-तुलसी के राम निगुण राम हैं. भगवान बुद्ध-जैन धर्म भी राम से जुड़े हैं. तमिल में कंभ रामायण है, तेलुगु, कन्नड़, कश्मीर समेत हर अलग-अलग हिस्से में राम को समझने के अलग-अलग रुप हैं. उन्होंने कहा कि राम सब जगह हैं, राम सभी में हैं. विश्व की सबसे अधिक मुस्लिम जनसंख्या इंडोनेशिया में है, वहां पर भी रामायण का पाठ होता है. दुनिया के न जाने कितने छोर हैं जहां की आस्था में और न जाने कितने रूपों में राम को लोग आराध्य मानते हैं. ऐसे सभी देशों में राम मंदिर के निर्माण के शुरू होने से उत्साह है. अयोध्या में बनने वाला राम मंदिर सिर्फ हमारे लिए नहीं , पूरी मानवता को प्रेरणा देता रहेगा. क्योंकि राम तो सबके हैं, राम तो सबमें हैं.


 

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