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फीस में देरी पर प्रिंसिपल बना 'हैवान', छात्र को वैन ड्राइवर से बुरी तरह पिटवाया

फीस में देरी पर प्रिंसिपल बना 'हैवान', छात्र को वैन ड्राइवर से बुरी तरह पिटवाया

सहारनपुर। बच्चों के साथ स्कूल में हो रही मारपीट रुकने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला सहारनपुर के महर्षि दयानंद एंग्लो वैदिक इंटर कॉलेज का है, जहां पर दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र को फीस लेट जमा करने के कारण बुरी तरह मार पिटाई की गई। जिससे बच्चे को कान में दर्द होने की शिकायत व कम सुनने की शिकायत हो गई। 

जब घटना की जानकारी माता पिता को मिली तो उन्होंने पुलिस में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई। बच्चे ने बताया उसके पापा पंचर लगाने का काम करते हैं और मां बीमार है। जिस कारण वह आज तक अपने घर पर नहीं बताता था कि उसके साथ मारपीट की जाती है। पर आज जब उसको ज्यादा मारा गया और कान से उसको सुनने में दिक्कत महसूस हुई तो वह रोते हुए घर गया। 

केवल इतना ही नहीं प्रिंसिपल ने तो पूरा दिन उसको पानी तक नहीं पीने दिया और अपने कमरे में बुलाकर स्कूल की वैन के ड्राइवर से बुरी तरह पिटवाया। बाद में कहा कि अगर उसने ये बात किसी को बताई तो उसको व उसके परिवार को जान से मार देंगे।

छात्र के माता पिता इस घटना को लेकर बहुत दुखी नजर आए और दोनों ने गुड़गांव की घटना का संज्ञान देते हुए कहा कि हमें डर है कहीं हमारे बच्चे को इसी तरह से जान से ना मार दिया जाए। क्योंकि इसके साथ एक बार नहीं कई बार इस तरह की घटना हो चुकी है। हमने इस बार बड़ी हिम्मत करके और पुलिस पर भरोसा करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। हमें आशा है कि हमारे बच्चे के साथ इंसाफ होगा।

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यूपी के सहारनपुर में एक फ़िल्मी वाक़या सामने आया है फिल्म मुन्नाभाई और थ्री इडियट्स की तर्ज़ पर 10 सालों से प्रैक्टिस कर रहे फर्जी डॉक्टर को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है.सहारनपुर (ग्रामीण) के एसपी विद्यासागर मिश्र के अनुसार, 'देवबंद में ओमपाल (50) नामक शख्स यहां के लोकल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में फर्जी डिग्री और फर्जी रजिस्ट्रेशन के आधार पर खुद को डॉक्टर राजेश आर के तौर पर दर्शा कर प्रैक्टिस कर रहा था. वह एक नर्सिंग होम भी चला रहा था। आरोपी अभी तक हजारों ऑपरेशन कर चुका था.इस शख्स ने मैसूरु यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले एक डॉक्टर के नाम से फर्जी डिग्री बनवा ली.

वह  सहारनपुर में सीएचसी में कॉन्ट्रैक्ट पर जुड़ा हुआ था. आरोपी के फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब फिरौती से जुड़ी एक कॉल के बाद वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराने गया.एसपी ने बताया, 'आरोपी पहले मंगलुरु में एयर फोर्स बेस हॉस्पिटल में बतौर पैरामेडिक कार्यरत था, जिसकी पेंशन उसे अभी भी मिलती है. उसके साथ राजेश आर नामक एक डॉक्टर भी काम करते थे, जिसके बाद वह विदेश चले गए.राजेश के विदेश जाने के बाद ओमपाल ने उसकी एमबीबीएस की डिग्री पर अपनी तस्वीर लगाकर फर्जीवाड़ा कर लिया.

आरोपी का खेल तब खत्म हुआ, जब उसे किसी अज्ञात शख्स ने फोन कर असली पहचान का खुलासा करने के एवज में 40 लाख रुपयों की डिमांड की. इसकी शिकायत करने वह पुलिस के पास गया, जहां पर उसकी पोल खुल गई.डिग्री के आधार पर ही उसे सीएचसी में सर्जन की नौकरी मिली और उसने सर्जरी के कई सारे डिप्लोमा और सर्टिफिकेट बनवा लिए.

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