CSK के खिलाफ अर्धशतकीय पारी खेलने वाले पृथ्वी शॉ ने कहा- तकनीक में थोड़ा बदलाव और गलतियों को कम किया

CSK के खिलाफ अर्धशतकीय पारी खेलने वाले पृथ्वी शॉ ने कहा- तकनीक में थोड़ा बदलाव और गलतियों को कम किया

CSK के खिलाफ अर्धशतकीय पारी खेलने वाले पृथ्वी शॉ ने कहा- तकनीक में थोड़ा बदलाव और गलतियों को कम किया

मुंबई: ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने अपनी तकनीक में थोड़ा सा बदलाव करने के साथ गलतियों को सुधारने पर काम किया है जिसका असर सीमित ओवरों के घरेलू प्रतियोगिताओं के बाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पहले मैच में भी यहां दिखा. दिल्ली कैपिटल्स के इस 21 साल के बल्लेबाज ने शनिवार को यहां चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 38 गेंद में 72 रन की शानदार पारी खेली जिससे उनकी टीम ने 189 रन के लक्ष्य को तीन विकेट के नुकसान पर आसानी से हासिल कर लिया.

शॉ ने अपनी बल्लेबाजी में मामूली बदलाव किएः
रविवार को जारी विज्ञप्ति में पृथ्वी शॉ ने कहा कि मैंने आईपीएल से पहले अपनी बल्लेबाजी में मामूली बदलाव किए. मैं बस उन सभी गलतियों को कम करना चाहता था जो कर रहा था. मैंने इसके लिए कड़ी मेहनत की है. शॉ जिन बदलावों की बात कर रहे है वह शॉट खेलते समय उनके बल्ले की स्थिति के बारे में है. पहले उनका बल्ला एक कोण बनाते हुए बाहर की ओर से आता था जिससे अंदर आने वाली गेंदों (इनस्विंग) पर उन्हें परेशानी होती थी. पूर्व भारतीय बल्लेबाज प्रवीण आमरे की देख-रेख में काम करने के बाद उनका बल्ला अब सीधा चलता है जिससे बल्ले और पैर के बीच की दूरी कम हो गयी है.

विजय हजारे ट्राफी में कुछ बदलावों के साथ अपना नैसर्गिक खेल खेलाः
पिछले साल खराब फार्म के कारण शॉ को दिल्ली कैपिटल्स की अंतिम 11 से बाहर होना पड़ा था. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडीलेड टेस्ट में शून्य और चार रन की पारी खेलने के बाद वह भारतीय टेस्ट टीम से भी बाहर हो गये थे. शॉ ने अपनी तकनीक में सुधार करने के बाद विजय हाजारे राष्ट्रीय एकदिवसीय ट्राफी में आठ मैचों में 827 रन बनाये. उन्होंने कहा कि मैंने विजय हजारे ट्रॉफी से पहले स्ट्रेंथ और अनुकूलन कोच रजनीकांत सिवागनानम सर और प्रवीण आमरे सर की देखरेख में दो सप्ताह तक अभ्यास किया. मैंने इसके बाद विजय हजारे ट्राफी में कुछ बदलावों के साथ अपना नैसर्गिक खेल खेला.

शॉ ने शिखर के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 138 रन की साझेदारीः
शॉ ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 14वें ओवर में ड्वेन ब्रावो की गेंद पर अपना विकेट गंवाने पहले शिखर धवन (85) के साथ पहले विकेट के लिए 138 रन की शानदार साझेदारी की थी. उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमने बल्लेबाजी की उससे मैं काफी खुश हूं. हमारे लिए सलामी जोड़ी का अच्छा करना काफी जरूरी था. अच्छी शुरुआत के बिना लगभग 190 रन के लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं था. मुझे हालांकि आखिर तक क्रीज पर रहना चाहिये था.

शॉ ने की ऋषभ पंत की तारीफ, कहा- वह बहुत चतुरः
कोच रिकी पोंटिंग के बारे में उन्होंने कहा कि रिकी से मैं बल्लेबाज के तौर पर रणनीति और योजना के बारे में बात करता हूं. उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का काफी अनुभव है. उन्होंने चोटिल श्रेयस अय्यर की जगह टीम का नेतृत्व करने वाले ऋषभ पंत की तारीफ की. शॉ ने कहा कि हमें श्रेयस अय्यर की कमी खल रही है, वह अच्छी तरह टीम का नेतृत्व करते थे. उन्होंने कहा कि ऋषभ पंत हालांकि बहुत चतुर है. वह निडर होकर अपने खेल का लुत्फ उठाते हैं. वह कप्तान के तौर पर धैर्य बनाए रखने के साथ शांत रहते हैं. वह टीम के लिए शानदार काम कर रहे हैं. दिल्ली का अगला मुकाबला राजस्थान रॉयल्स से 15 अप्रैल को होगा.
सोर्स भाषा

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