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बीकानेर में निजी बस ऑपरेटर्स का चक्का जाम, मांगे नहीं मानने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

 बीकानेर में निजी बस ऑपरेटर्स का चक्का जाम, मांगे नहीं मानने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

बीकानेर: प्रदेश के बीकानेर जिले में सोमवार को निजी बस ऑपरेटर्स ने चक्का जाम करते हुए आरटीओ कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया. एक साल का टैक्स माफ करने,बस ऑपरेटर्स को आर्थिक सहायता देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर निजी बस ऑपरेटर्स सोमवार को प्रदेशव्यापी आव्हान के तहत अपनी बसों को लेकर आरटीओ कार्यालय में पहुंचे और आरटीओ कार्यालय में बसों को खड़ा कर दिया.

अविनाश पांडे का आरोप, विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग कर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश

आरटीओ को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा:
इस दौरान आरटीओ कार्यालय परिसर से लेकर बाहर हाइवे तक बसों की लंबी कतारें लग गई. इसके बाद प्राईवेट बस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरटीओ को अपनी मांगों का ज्ञापन सोंपा और मांगे नहीं माने जाने पर मंगलवार को बसों के कागजात भी आरटीओ को सुपुर्द करने की चेतावनी दी.

उग्र आंदोलन की दी चेतावनी:
एसोसिएशन के अध्यक्ष समंदरसिंह का कहना था कि कोरोना काल में निजी बसों का संचालन नही होने से निजी बस ऑपरेटर्स विभिन्न प्रकार की आर्थिक परेशानियों से गुजर रहे है. टेक्स माफी की मांग को लेकर गत 15 दिनों से हड़ताल कर रखी है. अगर मांगे नही मानी गई आंदोलन को उग्र किया जाएगा.

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बीकानेर: केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल रविवार को बीकानेर दौरे पर है. मंत्री मेघवाल का 5 अगस्त तक बीकानेर में रहने का कार्यक्रम है. सांसद सेवा केंद्र पर मंत्री मेघवाल ने आमजन और कार्यकर्ताओ से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी. लोगों ने अपनी समस्याओं के ज्ञापन भी मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को सौंपे.

अशोक गहलोत ओर सचिन पायलट का आपसी झगड़ा:
प्रदेश में चल रहे सियासी संग्राम को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने फ़र्स्ट इंडिया न्यूज से खास बातचीत में कांग्रेस और अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की सरकार पहले फेयरमोंट होटल से चल रही थी और अब जैसलमेर से चल रही है. उन्होंने कहा कि यह अशोक गहलोत ओर सचिन पायलट का आपसी झगड़ा है.

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भाजपा पर लगाये सभी आरोप निराधार:
अशोक गहलोत अपने घर को संभाल नही पाए और आरोप भाजपा पर लगा रहे है. भाजपा पर लगाए गए सभी प्रकार के आरोप निराधार है. भाजपा लोकतंत्र को बचाने का काम करती है न कि तोड़ने का. इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल से खास बातचीत की फ़र्स्ट इंडिया न्यूज संवाददाता संजय पारीक ने.

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बीकानेर में सेल्फी लेते वक्त पुलिया से नीचे गिरने पर युवक की मौत 

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बीकानेर: प्रदेश के बीकानेर जिले में रविवार को सेल्फी के चक्कर में एक युवक को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. नाल थाना क्षेत्र में स्थित पुलिया पर सेल्फी लेते समय यह हादसा हुआ. जानकारी के मुताबिक शीतला गेट निवासी 20 वर्षीय युवक हिमांशु सोलंकी अपने दोस्तों के साथ कोडमदेसर भैरूजी के दर्शन करने गया था.

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डॉक्टर्स ने किया मृत घोषित:
वापिस बीकानेर लौटते समय वो पुलिया पर सेल्फी ले रहा था इसी दौरान शारीरिक संतुलन बिगड़ने से पुलिया से नीचे गिर गया. युवक को गंभीर हालत में PBM के ट्रोमा सेंटर में लाया गया. जहां पर डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया.

परिवार के सदस्यों में छाई शोक की लहर: 
मृतक हिमांशु ने कल ही नया मोबाइल लिया था. घटना की सूचना पर नाल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची. तो वहीं रक्षाबंधन के पहले दिन हुए इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्यों में शोक की लहर छा गई. 

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VIDEO: पढ़े लिखे IAS रहे भाजपा के मंत्री जी चर्चा में, अर्जुन को महंगा पड़ा भाभी जी का प्रचार 

बीकानेर: इन दिनों बीकानेर के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल चर्चा में है. दरअसल वे भाभी जी पापड़ को कोरोना के लिए फायदेमंद बताकर इतनी चर्चा में आ गए हैं कि सोशल मीडिया पर लगातार ट्रॉलिंग हो रही है. अब बीकानेर शहर कांग्रेस भी मंत्री जी के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है तो वही नौकरशाह रहे पढ़े-लिखे मंत्री जी का पापड़ के प्रचार पर खूब मजाक भी बन रहा है बीकानेर से लक्ष्मण राघव की खास रिपोर्ट

सुना आपने मंत्री जी को...:
यूं तो कोरोना को लेकर भाजपा के कई नेताओं के बयान चर्चा में रहे लेकिन बीकानेर के सांसद अर्जुन मेघवाल तो इन सब से मानो आगे निकल गए उन्होंने तो भाभी जी पापड़ नाम के एक पापड़ को कोरोना के खिलाफ एंटी बॉडी बनाने वाला बताते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर  बकायदा भाभीजी पापड़ की ब्रांड एंबेसडर की तरह का वीडियो डाल दिया, मानो किसी अभिनेता की तरह भी उसका प्रचार कर रहे हो. जब सोशल मीडिया पर खिंचाई शुरू हुई तो मंत्री कैंप से सफाई भी शुरू हो गई कहा गया कि वह तो लोकल फॉर वोकल हो रहे थे इतना ही नहीं देश कि नेशनल मीडिया में भी मंत्री जी की खूब खिंचाई हुई. दरअसल विवाद यहीं ख़त्म होता नहीं दिख रहा दरअसल भाभीजी पापड़ वाले ने एक और चालाकी करते हुए पुराने पापड़ के पैकेट्स पर ही इम्यूनिटी बूस्टर की की पर्ची चिपकाते हुए उसके indigrent भी बदल दिए. शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत तो मंत्री पर बेहद कड़वे आरोप लगा रहे है आप ही सुनिए क्या कह रहे है कांग्रेस के जिलाध्यक्ष....

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अफवाह फैलाने वालों से रहे सावधान:
वहीं प्रदेश कांग्रेस के सचिव जिया उर रहमान मंत्री जी के बयान को हास्यास्पद बता रहे है.इतना ही नहीं डाक्टर्स भी केन्द्रीय मंत्री के इस बयान को हास्यास्पद स्टंट मान रहे है. अब जरा सुनिए मोदी का बयान जिसमें वो अपील कर रहे है कि अफवाह फैलाने वालों से सावधान रहें. तो क्या उनके मंत्री ही अपने प्रधानमंत्री की नहीं सुन रहे है. मेघवाल कैम्प हालांकि बचकानी सी सफाई दी रहा है कि वो तो लोकल फॉर वोकल के लिए कर रहे थे और ये तो बदनाम करने की साजिश भर है.  मंत्री अर्जुन मेघवाल सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद मीडिया से दूर चले गए है.  शायद मंत्री जी के पास भी इस सवाल का जवाब देते नहीं बन रहा होगा कि आखिर किस प्रभाव के चलते भाभीजी पापड़ की ब्रान्डिंग इस कदर कर डाली.

सवाल नम्बर 1:
क्या कोई पढ़ा लिखा और  सरकार में बैठे व्यक्ति इस तरह का भ्रामक प्रचार कर सकता है ?

सवाल नम्बर 2:
अगर उन्हें लोकल फॉर वोकल होना था तो फिर किसी खास ब्रांड का नाम क्यों लिया?

सवाल नम्बर 3:
क्या  ऐसा कर कोरोना  के प्रति आम आदमी की गंभीरता को कम करने का प्रयास कर रहे हैं?

सियासी संकट के बीच वीडियो वायरल:
इतना ही नही राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच वायरल हुए मंत्री जी के इस वीडियो ने कांग्रेस को भाजपा द्वारा लगाए जा रहे इस आरोप की काट भी दे दी है कि कोरोना में कांग्रेस सरकार होटल में बंद है. कांग्रेसी कह रहे है कम से कम हमारे नेता इस तरह का भ्रामक प्रचार तो नहीं कर रहे है जिससे आमजन कोरोना को लेकर भ्रम हो जाए. कांग्रेसी कहते है कि CM इस सियासी संकट में भी लगातार कोरोना को लेकर गंभीरता बरत रहे है. 

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प्रो. विनोद कुमार को नियुक्त किया गंगा सिंह विवि का कुलपति, राज्यपाल ने दी नियुक्ति

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बीकानेर:राज्य सरकार की अनुशंसा पर आज बीकानेर के गंगा सिंह विवि में स्थाई कुलपति की नियुक्ति कर दी गई. राज्यपाल और कुलाधिपति कलराज मिश्र ने आइआइएमटी विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति प्रो विनोद कुमार को गंगा सिंह विवि का कुलपति नियुक्त किया है. उप कुलसचिव डॉ बिट्ठल बिस्सा ने प्रो विनोद कुमार की नियुक्ति पर हर्ष जताते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग प्रोफसर रहे विनोद कुमार उत्तरप्रदेश सरकार में तकनीकी शिक्षा सलाहकार के तौर पर सेवा दे चुके है.

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शैक्षणिक और शोध के क्षेत्र में होगा विकास:
बिस्सा ने कहा स्थाई कुलपति मिलने से विवि के शैक्षणिक और शोध के क्षेत्र में विकास होगा. First India News से बातचीत करते हुए नए कुलपति प्रो विनोद कुमार ने कहा कहा कि पूरी दुनिया में कोविड 19 का वैश्विक संकट है, ऐसे में इस संकट का सामना करते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर करने का प्रयास रहेगा. ऑनलाइन और ई एजुकेशन पर भी और काम करेंगे. हालांकि उन्होंने माना कि भारत गांव में बसता है और पुअर इंटरनेट कनेक्शन को ध्यान में रखते हुए काम करना होगा. 

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कोरोना कंट्रोल में कर्फ्यू सहायक लेकिन स्व-अनुशासन ही सॉल्यूशन - नमित मेहता

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बीकानेर: जिले में तेजी से बढ़ते कोरोना के चलते एक बारगी पैनिक बढ़ गया था. नए कलक्टर के समक्ष कोरोना कंट्रोल के साथ-साथ व्यवस्थागत सुधार भी एक चुनौती था. क्वारेंटाइन सेंटर की बात हो या हॉस्पिटल्स की शिकायतें. जिला कलेक्टर नमित मेहता दरअसल जॉइनिंग के बाद ही ये समझ गए थे कि बीकानेर के परकोटे में कोरोना के कम्युनिटी स्प्रेड को रोकने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है. इसके लिए जांचे बढ़ाई गई ताकि चैन को तोड़ा जा सके. कलक्टर इस बात से वाकिफ थे कि अचानक जांच बढ़ाने पर एकबारगी कोरोना पेशेंट बढ़ेंगे. हुआ भी ठीक ऐसा ही बीकानेर में कोरोना की जांच अब 2300 के आसपास होने लगी तो एकबारगी अचानक से मरीज बढ़े. ओल्ड सिटी में कर्फ्यू भी लगाया गया लेकिन अब धीरे-धीरे चीजें पटरी पर आ रही. हालांकि ये सच है कि कोरोना के साथ जीने की आदत अब डालनी होगी. 

बीकानेर में कोरोना कंट्रोल के साथ शहर से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर कलक्टर नमित मेहता ने First India News से तफ्सील से बात की….

फर्स्ट इंडिया- बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच आपने पदभार संभाला था ? 17 दिनों में जो कुछ कर पाए कितना संतुष्ट है आप और जनता के लिए क्या संदेश? 

कलक्टर नमित मेहता- देखिए ये बात सही है कि जब मैंने पदभार संभाला तो कोरोना स्प्रेड बढ़ रहा था. हमने इसकी चेन को तोड़ने के लिए स्प्रेड को ध्यान में रखते हुए जांचे बढ़ा दी ताकि कम्युनिटी स्प्रेड ना होने पाए. एकबारगी स्वाभाविक था कि मरीज बढ़े. इसी वक्त हमने कर्फ़्यू का सहारा भी लिया ताकि एकबारगी स्प्रेड ओल्ड सिटी से ज्यादा बाहर ना जाए. हम बहुत हद तक सफल रहे हैं. डाक्टर्स, CMHO और पुलिस प्रशासन यानि टीम वर्क से आज मैं मानता हूं कि स्थिति कन्ट्रोल में. आप देखेंगे हमने केवल जांच पर ही फोकस किया हो ऐसा नहीं है. मैंने खुद भीतर जाकर कोविड सेंटर्स की ग्राउंड रियल्टीज चेक की जो शिकायतें आ रही थी या मीडिया के जरिए फीडबैक मिला उन शिकायतों के निस्तारण पर काम किया गया. मनोरंजन के लिए टीवी की व्यवस्था, सफाई या खाने पीने को लेकर शिकायतें हो बहुत हद तक काम किया जिसका परिणाम भी सामने है. मैं 100 प्रतिशत का दावा नहीं करता पर 17 दिनों में बढ़ते कोरोना की चुनौती के बीच टीम वर्क से जनता को कम से कम परेशानी के साथ राहत मिले ये हमारा फोकस रहा. 20 जुलाई तक 50 हजार से अधिक जांच के बाद 1434 पॉजिटिव केसेज में से एक्टिव केस 724 है. 679 मरीज रिकवरी के बाद डिस्चार्ज कर दिए गए है. जिन 31 मौते हुई है ये दुःखद है हालांकि उनमें से अधिकतर बुजुर्ग थे या दूसरी बीमारियों से भी ग्रसित थे.  

फर्स्ट इंडिया- क्या कर्फ़्यू  ही कोरोना का समाधान है? क्योंकि रोजी रोटी का संकट पैदा होता है?

कलक्टर - कर्फ़्यू से रोजी का संकट निश्चततौर पर बढता है,परेशानियां होती है. लेकिन ये सही है कि जब एक साथ बहुत मामलें आ रहे हो तो इस मॉडल को अपनाया जाना जरूरी होता है क्योंकि अभी कोरोना को वैक्सीन नहीं है. ऐसे में दूसरा व्यक्ति संक्रमण में ना आए. जब मैंने पदभार संभाला तो हर दूसरे ज्ञापन के लॉक डॉउन की मांग आ रही थी हालांकि हमने कर्फ़्यू ओल्ड सिटी के स्प्रेड को नहीं फैलने के लिए लगाया था अब उसमें ढील भी दे दी है. कोरोना से बचाव के लिए व्यक्ति मास्क लगाए, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करे और तमाम एडवाइजरी को फॉलो करें ये तो कोरोना से निपटना आसान है. मैं मानता हूं कि स्वानुशासन ही सॉल्यूशन है कर्फ़्यू की ज्यादा जरूरत तभी पड़ती है जब व्यक्ति खुद से लापरवाह हो जाता है. 

फर्स्ट इंडिया - कर्फ़्यू से गरीब को रोजी रोटी की मार पड़ती है, बाजार बंद है ? क्या उम्मीद करें ?

कलक्टर- अब 12 दिन के करीब हो गए है हमने ढील दी है और जल्द ही राहत दी जाएगी. सरकार और मुख्यमंत्री जी की भी मंशा गरीब और आमजन को परेशानी ना हो कोई भूखा ना सोए.  

फर्स्ट इंडिया- ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना को लेकर क्या स्थिति है? ग्रामीण इलाकों मे क्या मनरेगा लक्ष्य को हासिल कर रहा है या करप्शन हावी है? 

कलक्टर नमित मेहता- ग्रामीण क्षेत्रो में कोरोना को लेकर ब्लॉक सीएमएचओ से लगातार विभाग कोर्डिनेशन रख रहा है. वहां भी जांचे पहले से ज्यादा हो रही है. जहां तक मनरेगा का प्रश्न है जिला बेहतर स्थिति में है. करीब 1 लाख 60 हजार श्रमिक काम पर है. चार महिनों में जीकेआरवाई में 24 अक्टूबर तक 43 लाख मानव दिवस का जो लक्ष्य है अभी तक 20 लाख का लक्ष्य अर्जित भी किया जा चुका है. जहां तक किसी तरह के घपले की बात है मौके पर ऑडिट के लिए एक ही दिन जिले भर के अधिकारी एक साथ पंचायत वार निरीक्षण करेंगे जो औचक होगा उसमें काफी कुछ सामने आ जाता है. लेकिन यकीनन अभी तक नरेगा में हमारा जिला बेहतर कर पाया है. 

फर्स्ट इंडिया- दरअसल बीकानेर में जो अब तक के कलक्टर्स के कार्यकाल में कुछ एक कलक्टर्स के कार्यो को याद किया जाता है. निश्चित तौर पर हर कलक्टर अपनी तरफ से बेहतर देने का प्रयास करता है? आपकी प्राथिमकता क्या है? 

कलक्टर नमित मेहता- इस वक्त कोरोना कि चुनौती के साथ किसानों की फसल को टिड्डी से बचाना बड़ी जिम्मेदारी है. वैसे सरकार की योजना हर कलक्टर की प्राथिमकता होती है. वो मेरी भी रहेंगी. वहीं मैं मानता हूं रोजमर्रा के कामों में जनता को दिक्कत ना हो. स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सीवरेज ये सबके लिए अहम है. जहां तक मैं सोचता हूँ कि शहर में एकरूपता से विकास जरूरी है. कई इलाके चमकदार तक कई में सफाई ही सही नहीं है ये छोटी-छोटी लगने वाली चीजें बड़ा फर्क डाल देती है. सड़कों पर अतिक्रमण हटाना जरूरी है. साथ ही पर्यटन की दृष्टि से शहर का सौंदर्यीकरण भी मायने रखता है. 

फर्स्ट इंडिया- बीकानेर में प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर आपकी दूसरी पारी है ....

कलक्टर नमित मेहता- हर शहर की अपनी खासियत होती है. यहां के लोग वाकई जिंदादिल है कम डिमांडिंग है लेकिन यहां का हैप्पीनेस इंडेक्स शहर की शीरत  बताता हैं. बालिका गृह का जो मॉडल यहां है वो भी बेमिसाल है. हम उन बच्चियों के लिए और बेहतर कर पाए ये प्रयास रहेगा. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए बीकानेर से लक्ष्मण राघव की रिपोर्ट

विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर: अभी राज्य सरकार का प्रयास, ना बदले प्रमोट का निर्णय- भंवर सिंह भाटी

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बीकानेर: विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को लेकर प्रदेश के स्टूडेंट्स असमंजस की स्थिति में है. परीक्षा होगी या नहीं अभी इस पर स्थिति साफ नहीं हो रही है. इसी बीच उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना के मद्देनजर परीक्षा नहीं कराने का फैसला लिया है. विद्यार्थियों का जीवन हमारे लिए अमूल्य है. ऐसे में अभी राज्य सरकार का प्रयास यह है कि प्रमोट का निर्णय ना बदले. साथ ही मंत्री भाटी ने कहा कि इसको लेकर हम UGC को भी कन्वींस करें. यह पूरा मामला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भी ध्यान में है. 

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यूजीसी ने जारी की एग्जाम को लेकर नई गाइडलाइन: 
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने विश्वविद्यालयों की फाइनल ईयर/सेमेस्टर की परीक्षाओं और शैक्षणिक कैलेंडर को लेकर सोमवार को नई गाइडलाइन जारी की. मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट के जरिये एकेडमिक गाइडलाइन जारी की. नये दिशानिर्देश के मुताबिक टर्मिनल सेमेस्टर के छात्रों का मूल्यांकन जो जुलाई के महीने में परीक्षाओं के माध्यम से किया जाना था, अब उनकी परीक्षाएं सितंबर -2020 के अंत तक आयोजित की जाएंगी.

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फाइल ईयर की परीक्षाओं का आयोजन होगा:
बता दें, यूजीसी ने पहले निर्णय लिया था कि विश्वविद्यालयों की फाइल ईयर की परीक्षाओं का आयोजन होना चाहिए. वहीं फर्स्ट ईयर के छात्रों को सेकंड ईयर में प्रमोट कर दिया जाएगा. उन्हें नंबर इंटरनल असेसमेंट के आधार पर दिए जाएंगे. 

 

...फर्स्ट इंडिया के लिए लक्ष्मण राघव की रिपोर्ट


 

VIDEO: बीकानेर में विधायक और CI में हुई तकरार, पानी के कैम्पर से भरी गाड़ी को लेकर आपस में कहासुनी

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बीकानेर: जिले में आज लूणकरणसर विधायक सुमित गोदारा द्वारा पानी की समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान रतन बिहारी पार्क के पास MLA सुमित गोदारा और कोटगेट थानाधिकारी धरम पुनिया में आपस मे तकरार हो गई. दरअसल रतन बिहारी पार्क के पास खड़ी पानी की गाड़ी को लेकर ये विवाद हुआ.

पाकिस्तानी चाल पर खूफिया एजेंसी ने सभी विभागों को किया अलर्ट, पाक एजेंटो से सावधान रहें सरकारी विभाग 

आपस मे जमकर कहासुनी हुई: 
सीआई ने गाड़ी साइड में करने के लिए कहा और इसी बात लेकर MLA गोदारा और सीआई धरम पुनिया में विवाद हो गया और आपस मे जमकर कहासुनी हुई. इसके बाद कलेक्ट्रेट में भी विधायक गोदारा और पुलिस के उच्च अधिकारियों के बीच कहासुनी हुई.  इसके बाद आपसी समझाइश से मामला शांत हुआ. 

 

गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर प्रकरण: सीबीआई का सबसे बड़ा दावा, कहा-फेक नहीं था एनकाउंटर 

बीकानेर: आनंदपाल सियासतदार बनते-बनते प्रदेश का नामी गैंगस्टर बन गया था. ऐसा गैंगस्टर, जिसने जीते जी पुलिस की नींद हराम कर दी और उसकी मौत ने प्रदेश की सरकार को हिला कर रख दिया. रॉबिनहुड की छवि वाले इस बदमाश का जब एनकाउंटर हुआ तो राज्य भर में विरोध के साथ एनकाउन्टर को फर्जी बताया गया लेकिन कहते है ना सांच को आंच नहीं अब CBI ने भी एनकाउंटर को सही ठहराया है. कई हत्याओं और दर्जनों वारदातों का आरोपी आनंदपाल दरअसल बेहद शातिर बदमाश था जिसे कही ना कहीं राजनीतिक सरंक्षण भी हासिल रहा. लेकिन बेखोफ बदमाश खुद को व्यवस्था से ऊपर मानने लगा था. जेल में रहने के दौरान भी नेताओ से मुलाकातों की खबरें सुर्खियों में रही थी. फरारी के दौरान हत्या, फिरौती और लूट की वारदातों को जिस तरह अंजाम दे रहा था उससे राज्य सरकार की किरकिरी बढ़ती जा रही थी. इसलिए SOG के साथ राजस्थान पुलिस खुद की खाकी पर लग रही नाकामयाबी की तोहमत से हर हाल में छुटकारा पाकर कुछ कर गुजरने की फिराक में थी. इस बार मुखबिरी और मुखबिरों दोनों पर बहुत एक्सरसाइज की गई.

जलदाय अधिकारियों के भ्रष्टाचार के कारनामे, बिना काम किए ही ठेकेदारों को दिया जा रहा पेमेंट

पुलिस आखिरकार आनंदपाल का ठिकाना उगलवाने में रही थी कामयाब:
हरियाणा में आनंदपाल के भाई को धर दबोचा गया और पुलिस आखिरकार आनंदपाल का ठिकाना उगलवाने में कामयाब रही. चुरू जिले के रतनगढ़ के मालासर के एक दो मंजिला साधारण से फार्म हॉउस में आंनद पाल ने अपना ठिकाना बना रखा था. Ak 47 के लैस आनंदपाल को भनक भी नहीं थीं बस वो पुलिस की पहुच से कुछ ही मीटर दूरी पर था. चुरू एसपी राहुल बारहट, SOG और हरियाणा पुलिस ने फार्म हॉउस को चारों और घेर लिया था. सर्च लाइट लिए पुलिस के जवान फार्महाउस में एंट्री कर गए थे.

24 लोगों पर हिंसा उकसाने का आरोप:
24 जून 2017 को करीब 11.30 बजे आखिरकार आनंदपाल मारा गया. एक हाथ पर गोली लगने के बाद एक हाथ से भी AK-47 से एम्बुअस फायर खोल दिए थे. सूर्यवीर सिंह के साथ एक कॉन्सेटबल सोहन सिंह को भी आनंदपाल की गोली लगी थी. लेकिन कांस्टेबल ने हार नहीं मानी और पूरे ऑपरेशन को लीड कर रहे चुरू sp राहुल बारहट की टीम को बडी सफलता हाथ लगी. शायद ये भान आनंदपाल को भी नहीं था कि उसकी मौत राजस्थान की सियासत को हिला कर रख देगी. एनकाउंटर को फेक बताकर हिंसक प्रदर्शन के चलते राज्य सरकार को इंटरनेट तक बंद करना पड़ा. जांबाज टीम को एक अपराधी को मारने बदले मिलने वाले रिवार्ड की जगह CBI की इंकयावरी मिली थी. लेकिन आज आखिरकार CBIने मुहर लगा दी कि आनंदपाल का एनकाउंटर फेक नहीं था. हालांकि 24 राजपूत नेताओ को हिंसा उकसाने का आरोपी बनाया गया.

Rajasthan Corona Updates: पिछले 24 घंटे में 11 मौत, 284 नए पॉजिटिव केस, सर्वाधिक 56 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले अलवर में 

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