सीएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव, मुख्य सचेतक महेशी जोशी ने दी प्रतिक्रिया, कहा-BJP ने उठाया ये बौखलाहट में कदम  

जयपुर: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 5 विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ विशेष अधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया हैं. इस पर महेश जोशी ने कहा कि बीजेपी को विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव देना था तो वह मेरे खिलाफ देते. वहीं उन्होंने कहा कि BJP ने ऐसा बौखलाहट में किया है.BJP के 5 विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के राज्यसभा चुनाव के दौरान लगाए गए खरीद-फरोख्त के आरोपों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया है. 

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जोशी बोले, मेरे बयान दर्ज करें और आगे की कार्रवाई करें:
जोशी ने कहा कि संयम लोढ़ा ने जो विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया है, उससे बौखला कर भाजपा ने यह कदम उठाया है. महेश जोशी ने कहा कि इसे लेकर में SOG और ACB को आज ही पत्र लिखने जा रहा हूं कि वह पूरे मामले में जो मेरी शिकायत थी, उसमें मेरे बयान दर्ज करें और आगे की कार्रवाई करें.

क्या है विशेषाधिकार हनन?:
उधर आपको बता दें कि देश में विधानसभा, विधानपरिषद और संसद के सदस्यों के पास कुछ विशेष अधिकार होते हैं, ताकि वे प्रभावी ढंग से अपने कर्तव्यों को पूरा कर सके. जब सदन में इन विशेषाधिकारों का हनन होता है या इन अधिकारों के खिलाफ कोई कार्य किया जाता है, तो उसे विशेषाधिकार हनन कहते हैं. इसकी स्पीकर को की गई लिखित शिकायत को विशेषाधिकार हनन नोटिस कहते. 

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