लखनऊ UP Election 2022: प्रियंका गांधी ने जारी किया महिला घोषणा पत्र, शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन को लेकर किए बड़े वादे

UP Election 2022: प्रियंका गांधी ने जारी किया महिला घोषणा पत्र, शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन को लेकर किए बड़े वादे

UP Election 2022: प्रियंका गांधी ने जारी किया महिला घोषणा पत्र, शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन को लेकर किए बड़े वादे

लखनऊ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को पार्टी का महिला घोषणा पत्र ‘शक्ति विधान’ जारी किया. इसमें पुलिस बल में 25 फीसदी पदों पर महिलाओं को नौकरी देने, महिला सुरक्षा के लिए विशेष अधिकार प्राप्त आयोग के गठन और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई जैसे कई वादे किए गए हैं. वाड्रा ने पार्टी के राज्य मुख्यालय पर एक संवाददाता सम्मेलन में शक्ति विधान नाम से महिला घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि महिलाएं अपने हक के लिए लड़ने को तैयार हैं और इस भावना से हमने यह घोषणा पत्र बनाया है ताकि हम महिलाओं को उनके अधिकारों के लिए लड़ने में मदद करें. उन्होंने बताया कि स्वाभिमान, स्वावलंबन, शिक्षा, सम्मान, सुरक्षा और सेहत के विषयों पर आधारित इस महिला घोषणापत्र से दूसरे राजनीतिक दलों पर भी राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को गंभीरता से लेने का दबाव बनेगा.

घोषणा पत्र में किए गए प्रमुख वादों का जिक्र करते हुए प्रियंका ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में पार्टी की सरकार बनने पर पुलिस बल में 25 प्रतिशत पदों पर महिलाओं को नौकरी दी जाएगी. इसके अलावा एक कानून बनाया जाएगा जिसमें बलात्कार जैसे अपराध की शिकायत के 10 दिन के अंदर अत्याचार अधिनियम की धारा 4 के तहत कार्रवाई न करने पर संबंधित अधिकारी के निलंबन का प्रावधान होगा. उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए छह सदस्यीय विशेष अधिकार प्राप्त आयोग का गठन किया जाएगा. यह महिलाओं के खिलाफ अपराधों में आरोपी या प्रशासन द्वारा पीड़ित पक्ष को डराए- धमकाए जाने के आरोपों की जांच करेगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव में 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देने की शुरुआत की है और आगे इसे 50 प्रतिशत किया जाएगा. प्रियंका ने बताया कि घोषणापत्र में एलान किया गया है कि नए सरकारी पदों में आरक्षण प्रावधानों के अनुसार 40 फीसदी महिलाओं की नियुक्ति होगी. उन्होंने कहा कि ग्रामीण और कुटीर क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को हर महीने 10 हजार रुपये का न्यूनतम मानदेय दिया जाएगा. इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों को चार प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज, मनरेगा में महिलाओं को प्राथमिकता और 40 फीसदी कार्यों में आरक्षण दिया जाएगा. राज्य में राशन की 50 प्रतिशत दुकानों का प्रबंधन और संचालन भी महिलाएं ही करेंगी.

कांग्रेस नेता ने कहा कि कक्षा 12 की प्रत्येक छात्रा को स्मार्टफोन और स्नातक की छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी दी जाएगी. उन्होंने कहा राज्य भर में सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी. महिलाओं को हर साल तीन रसोई गैस सिलेंडर निशुल्क मिलेंगे. प्रत्येक बुजुर्ग और विधवा महिला को 1000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाएगी. प्रत्येक ग्राम पंचायत में महिला चौपाल का निर्माण किया जाएगा और गरीब परिवारों को मुफ्त इंटरनेट सुविधा मिलेगी. प्रियंका ने कहा कि आज तक महिलाओं के सशक्तीकरण की बात ज्यादातर प्रचार के लिए चुनाव के समय होती रही. जब महिलाएं राजनीति में पूरी तरह भागीदार बनेंगी, तभी वह सशक्तीकरण वास्तव में जमीन पर उतरेगा. इसकी शुरुआत कांग्रेस ने पंचायती राज में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर की थी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री दी. उत्तर प्रदेश में सुचेता कृपलानी यहां की पहली महिला मुख्यमंत्री रहीं, वह भी कांग्रेस की ही थीं. हमारे देश में महिला प्रधानमंत्री तब बनी जब दुनिया भर में बहुत कम महिलाओं की उच्च स्तर पर भागीदारी थी. आज इतने सालों बाद अमेरिका में पहली बार एक महिला उपराष्ट्रपति बनी है. हमारे देश में एक महिला प्रधानमंत्री बहुत समय पहले बनी थी और यह कांग्रेस की सोच थी. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि सब राजनीतिक दल यह जानते हैं कि अगर देश की सभी महिलाएं अपनी शक्ति को पहचान कर उसे सियासी ताकत में बदल दें तो देश बदल सकता है. इससे सांप्रदायिक और जातिवाद की राजनीति खत्म हो सकती है. मैं अपनी सारी बहनों से अनुरोध करती हूं कि यह एक बहुत बड़ा मौका है. आपको अपनी शक्ति को पहचान कर उसका इस्तेमाल करना है तो विकास की राजनीति को लाएं और खासतौर पर उत्तर प्रदेश में. सोर्स- भाषा

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