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सवालों के घेरे में रैपिड टेस्ट किट ! राजस्थान में रैपिड टेस्ट किट से होने वाली जांच पर अग्रिम आदेश तक रोक

जयपुर: कोरोना वायरस की जांच की जाने वाली रैपिड टेस्ट किट सवालों के घेरे में आ गई है.राजस्थान में रैपिड टेस्ट किट से होने वाली जांच पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाई गई है. राजस्थान सरकार ने ICMR को चिट्ठी लिखी है. चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने की पत्र लिखने की पुष्टि की है. चिकित्सा मंत्री कहा कि रैपिड टेस्ट किट जांच में कारगर साबित नहीं हो पा रही है.

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सवालों के घेरे में ​रैपिड टेस्ट किए:
पीसीआर टेस्ट में जो मरीज आये पॉजिटिव,उनकी जांच रैपिड टेस्ट किट से की गई थी. लेकिन दोनो रिपार्ट को रिलेट करने पर अलग—अलग आई है.किट की जांच रिपोर्ट पर सवाल उठने के बाद जांच के आदेश दिए गए है. एसएमएस मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायॉलोजी लैब से जांच करवाई जा रही है. लैब की कमेटी ने जो रिपोर्ट दी है, उसमें भी रैपिड किट फेल नजर आई.अब संभवता राजस्थान पहुंची रैपिड टेस्ट किट की खेप वापस भेज जा सकती है. 

33 जिलों में सबसे ज्यादा जयपुर में पॉजिटिव:
राज्य के 33 जिलों में सबसे ज्यादा जयपुर में 621 (2 इटली के नागरिक) संक्रमित मिले हैं. इसके अलावा जोधपुर में 312 (इसमें 47 ईरान से आए), भरतपुर में 102, कोटा में 106, टोंक में 98, बांसवाड़ा में 61, नागौर में 61, जैसलमेर में 48 (इसमें 14 ईरान से आए), झुंझुनूं में 39, बीकानेर में 37, भीलवाड़ा में 32 मरीज मिले हैं. इनके अलावा झालावाड़ में 20, अजमेर में 24, चूरू में 14, दौसा में 15, अलवर में 7, डूंगरपुर और सवाईमाधोपुर में 5-5, उदयपुर में 4, करौली और हनुमानगढ़ में 3-3, प्रतापगढ़, सीकर और पाली में 2-2, जबकि बाड़मेर और धौलपुर में 1-1 कोरोना मरीज मिल चुके हैं. 

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जयपुर: राजधानी जयपुर के SMS स्टेडियम में खिलाड़ियों से खिलवाड़ का मामला सामने आया है. SMS स्टेडियम में तैनात खेल परिषद का एक कोच कोरोना पॉजिटिव मिला है. मिली जानकारी के अनुसार कोच स्टेडियम के अफसरों व कर्मचारियों से भी मिल चुका है. ऐसे में कई खिलाड़ियों व अफसरों के भी संक्रमित होने का खतरा है. अब खिलाड़ी व अधिकारी कोरोना संक्रमित होने के खतरे को लेकर परेशान हो रहे हैं. कई खिलाड़ियों-अधिकारियों ने खुद को क्वारंटीन किया है.

गैंगस्टर राजू ठेहट को 20 दिन की पैरोल, पुलिस और प्रशासन ने कहा जेल से बाहर आने पर गैंगवार की संभावना 

अभी तक स्टेडियम को नहीं किया बंद: 
वहीं बैडमिंटन कोच के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद भी खबर लिखे जाने तक स्टेडियम को बंद नहीं किया गया. सिर्फ बैडमिंटन हॉल को बंद किया गया है, जबकि कोच पूरे स्टेडियम में घूमते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर क्यों खिलाड़ियों के जीवन से खेल रहा खेल विभाग ? इसके साथ ही SMS स्टेडियम में सोशल डिस्टेंसिंग की भी पालना नहीं हो रही है. ऐसे में क्या खेल मंत्री लेंगे खिलाड़ियों के हित में फैसला ?

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सभी खिलाड़ियों को होम क्वारेंटीन करने के निर्देश:
दूसरी ओर बैडमिंटन कोच के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद राज्य बैडमिंटन संघ के सचिव केके शर्मा ने जयपुर संघ के सचिव मनोज दासोत को निर्देश देते हुए कहा कि कोच के संपर्क में आए खिलाड़ियों से बात कर सभी खिलाड़ियों को होम क्वारेंटीन किया जाए. ऐसे में अब सभी खिलाड़ियों की जानकारी जुटा कर उनको निर्देश जारी किया जा रहा है. 


 

गैंगस्टर राजू ठेहट को 20 दिन की पैरोल, पुलिस और प्रशासन ने कहा जेल से बाहर आने पर गैंगवार की संभावना

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जयपुर: बहुचर्चित गैंगस्टर राजू ठेहट को राजस्थान हाईकोर्ट ने रेगुलर पैरोल पर रिहा करने के आदेश दिये हैं. राज्य सरकार ने गैंगस्टर ठेहट को पैरोल देने की अनुशंसा करने से ये कहते हुए इंकार कर दिया था कि ठेहट के जले से बाहर आने से गैंगवार की प्रबल संभावना है. वहीं सीकर पुलिस अधीक्षक की ओर से भेजी गयी रिपोर्ट में भी ये प्रबल संभावना जतायी गयी है कि राजू ठेहट को पैरोल पर रिहा करने से उसके दुश्मन आपसी रंजिश के चलते बड़े अपराध को अंजाम दे सकते हैं. राजू ठेहट की ओर से 7 साल से अधिक समय जेल में बिताये जाने और जेल नियमों के अनुसार 20 दिन की रेगुलर पैरोल का अधिकार होना बताते हुए पैरोल की गुहार लगायी थी. हाईकोर्ट जस्टिस सबीना और जस्टिस सी के सोनगरा की खण्डपीठ ने गैंगस्टर के अधिवक्ता के तर्को से सहमत होते हुए 20 दिन की रेगुलर पैरोल पर रिहा करने के आदेश् दिये हैं.

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7 साल जेल में बिताए, जेल में व्यवहार है शालिन:
राजू ठेहट के भाई हरलाल की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में दायर कि गयी याचिका में बताया गया कि उसके भाई ने 7 साल से ज्यादा समय जेल में बिताया है. वहीं जेल नियमों के अनुसार राजू ठेहट ने नियमों का पालन किया है और जेल में उसका व्यवहार संतोषप्रद रहा है. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सात साल जेल में बिताने और जेल में व्यवहार को आधार बनाते हुए पैरोल पर रिहा करने के आदेश दिये हैं. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में प्रथम पैरोल पर रिहा करने के आदेश देते हुए जयपुर जेल अधीक्षक की संतुष्टि को जरूरी बताया है.  

आनंदपाल गैंग से रही है दुश्मनी:
राजू ठेठ राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर में से एक है. इसकी आनंदपाल गैंग से दुश्मनी जग जाहिर है. दोनों की गैंग के गुर्गे के जेल के अंदर व बाहर कई बार एक दूसरे पर हमले कर चुके हैं. आनंदपाल सिंह का तो 24 जून 2017 को राजस्थान के चूरू जिले के रतनगढ़ तहसील के मालासर गांव में एनकाउंटर हो गया था, लेकिन आंनदपाल गैंग के कई गुर्गे अभी भी बाहर हैं. 

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गंभीर मामले में भी गर्वमेंट काउंसिल ने नही की पैरवी:
राजू ठेहट जैसे गैंगस्टर के मामले में भी राज्य सरकार का सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने भले ही पैरोल की अनुशंसा नही की हो या फिर सीकर पुलिस सख्त शब्दों का प्रयोग कर पैरोल का विरोध किया हो. लेकिन इतने गभीर मामले में भी राज्य सरकार की ओर से गर्वमेंट काउंसिल पेश नही हुए. बल्कि उनके जूनियर राजकीय अधिवक्ता ने इस मामले में सरकार का पक्ष रखा. राजस्थान हाईकोर्ट में राज्य सरकार की पैरवी की के लिए अतिरिक्त्ए महाधिवक्ताओं क बड़ी तादाद है. ये जरूर है कि राजकीय अधिवक्ता सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए पैरोल का विरोध किया. लेकिन गर्वमेंट काउंसिल का ऐसे गंभीर मामले में भी सरकार का पक्ष रखने के लिए नहीं होना सवाल खड़े करता है. सरकार तक इस आदेश की खबर मिलने पर पैरोल के खिलाफ अपील करने की तैयारी शुरू कर दी गयी है.

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जयपुर: सावन के पहले सोमवार को राजधानी जयपुर में आखिर इंद्र देव मेहरबान हुए. गुलाबी नगरी जयपुर में लंबे इंतजार के बाद झमाझम बारिश होने से मौसम खुशनुमा हो गया. आसमान पर बादलों का डेरा है और बारिश का दौर जारी है. सावन का पहला सोमवार है. मौसम विभाग ने पहले ही इस बात की घोषणा की थी कि सावन की शुरुआत बारिश के साथ होगी. 

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बारिश के चलते मौसम भी सुहावना हो गया:  
राजधानी जयुपर में बीते दिनों बारिश कुछ कम हुई थी, लेकिन लगता है कि अब यह कमी पूरी हो जाएगी. बारिश के चलते मौसम भी सुहावना हो गया है. प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बारिश का यह दौर जारी है जिसके अगले तीन-चार दिन जारी रहने की उम्मीद है. उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई में अच्छी बारिश होगी. 

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आज प्रदेश के 7 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी:
वहीं मौसम विभाग ने भी आज प्रदेश के 7 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है. इसके साथ ही करीब 2 दर्जन जिलों में भी मेघगर्जना के साथ बारिश होने की संभावना जताई है. बारिश का दौर शुरू होने से कई जिलों में पारा अब उतार की ओर है. मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को राज्य के सात जिलों में भारी होने के आसार हैं. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बूंदी, टोंक, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, अजमेर, भीलवाड़ा और नागौर में भारी बारिश की संभावना है. वहीं राज्य के 23 अन्य जिलों में भी मेघगर्जना के साथ बारिश की संभावित है. इनमें से कई इलाकों में तेज हवायें भी चलने के आसार हैं.

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जयपुर: राजस्थान में लगातार कोरोना वायरस लोगों को संक्रमित कर रहा है. सोमवार सुबह 10:30 बजे तक कोरोना के 99 नए मरीज संक्रमित मिले हैं. वहीं पिछले 12 घंटे में 3 संक्रमित मरीजों ने दम भी तोड़ा है. इसमें अजमेर में दो और राज्य से बाहर के एक मरीज की मौत हुई है. वहीं आज सर्वाधिक 27 कोरोना पॉजिटिव मरीज भरतपुर में मिले हैं. इसके अलावा अजमेर 1, अलवर 12, भीलवाड़ा 5, दौसा 5, जयपुर 24, झुंझुनूं  8, कोटा 9, नागौर 1, पाली 1, राजसमंद 3, सवाई माधोपुर 3 और उदयपुर में 4 मरीज पॉजिटिव मिले हैं. ऐसे में प्रदेश में अब संक्रमित मरीजों का ग्राफ बढ़कर 20263 पहुंच गया है. वहीं मृतकों की संख्या भी बढ़कर 459 पहुंच गई है. 

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15968 मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए: 
वहीं राहत वाली खबर यह है कि 15968 मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए है. इसमें से 15627 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं. ऐसे में अब अस्पताल में उपचाररत कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 3836 है. 

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रविवार को रिकॉर्ड 632 नए मामले सामने आए: 
इससे पहले प्रदेश में रविवार को रिकॉर्ड 632 नए मामले सामने आए. यह एक दिन में राज्य में मिले संक्रमितों की सबसे बड़ी संख्या है. इनमें प्रतापगढ़ में 65, जोधपुर और बीकानेर में 57-57, जयपुर और अलवर में 47-47, पाली में 46, जालौर में 41, राजसमंद में 37, भरतपुर में 34, अजमेर में 31, नगौर में 30, धौलपुर में 28 संक्रमित मिले. इसके अलावा सिरोही में 27, झुंझुनू में 15, सीकर में 12, उदयपुर में 10, कोटा में 8, बाड़मेर और दौसा में 7-7, चूरू में 5, बारां में 4, भीलवाड़ा, झालावाड़ और टोंक में 3-3,करौली और हनुमानगढ़ में 2-2, डूंगरपुर में 1 संक्रमित मिले. वहीं दूसरे राज्य से आए 3 लोग भी संक्रमित मिले. 

VIDEO: पर्यटन पर 'कोरोना का ग्रहण', राजधानी में सामान्य दिनों में 1 दिन में आने वाले पर्यटक पूरे प्रदेश में 1 महीने में दिखाई दिए

जयपुर: कोरोना के हमले ने देश और प्रदेश में पर्यटन ढांचे को झकझोर कर रख दिया है. जितने पर्यटक राजधानी जयपुर में सामान्य दिनों में 1 दिन में आया करते थे उतने पर्यटक पूरे प्रदेश में 1 महीने में दिखाई दिए हैं. राज्य सरकार ने रिवाइवल प्लान भी बनाया है और कोविड-19 रिलीफ पैकेज भी जारी करने की तैयारी कर ली है लेकिन सैलानियों में आज भी कोरोना कब है कम नहीं हुआ है. 

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जयपुर के स्मारक देश और दुनिया में प्रसिद्धि हासिल कर चुके:  
राजस्थान को पर्यटन का प्रदेश माना जाता है राजधानी जयपुर के स्मारक देश और दुनिया में इतनी प्रसिद्धि हासिल कर चुके है की गूगल पर भी एक क्लिक करो तो एक-एक स्मारक के लाखों पेज खुल जाते हैं. प्रदेश में पर्यटन ढांचा इतना मजबूत हुआ करता था जिस पर स्वाइन फ्लू, जीका, एंथ्रेक्स, सार्स और न जाने कितने वायरस आक्रमण कर चुके हैं लेकिन राजस्थान के पर्यटन ढांचे को टस से मस भी नहीं कर पाए. लेकिन इस बार देश और प्रदेश के पर्यटन पर जिस कोरोना नाम के वायरस ने हमला किया है उसके आगे  प्रदेश का पर्यटन ढांचा दरकता दिखाई दे रहा है.

अनलॉक वन में 1 जून को प्रदेश के पर्यटन स्थलों को शुरू:
कोरोना संकट के चलते प्रदेश में 18 मार्च को सभी पर्यटन स्थल जिनमें मॉन्यूमेंट, म्यूजियम, नेशनल पार्क, बायोलॉजिकल पार्क, सफारी सभी को बंद कर दिया गया था. यही नहीं टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े तमाम स्टेक होल्डर जिनमें होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट्स, हाथी गांव जैसे तमाम पर्यटन से जुड़े स्थलों को भी बंद कर दिया गया था. इससे पर्यटन उद्योग को अरबों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा. आखिर अनलॉक वन में 1 जून को प्रदेश के पर्यटन स्थलों को शुरू कर दिया गया. इसके बाद 8 जून से तमाम होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन से जुड़े अन्य स्थल भी सैलानियों के लिए खोल दिए गए. लेकिन 1 जून से 30 जून तक के पहले 1 महीने में पर्यटन स्थलों पर माहौल निराशाजनक ही रहा. राजधानी में के कुल 8 स्मारक और संग्रहालयों पर 1 महीने में महज 5269 पर्यटक पहुंचे. जबकि राजधानी के बाहर के प्रदेश के मॉन्यूमेंट और म्यूजियम जिनकी संख्या 24 है उन पर महज 3537 पर्यटक ही 1 महीने में पहुंचे. इसका सीधा मतलब है प्रदेश में जून के महीने में पर्यटकों की संख्या महज 8806 रही जो राजस्थान जैसे पर्यटन के प्रदेश के लिए कतई उत्साहजनक नहीं है. एक महीने में 8806 पर्यटकों का आंकड़ा इसलिए भी निराशाजनक है क्योंकि आमतौर पर ऑफ सीजन में इतने पर्यटक महज एक दिन में राजधानी में दिखाई देते रहे हैं. लेकिन कोरोना के हमले के आगे पर्यटन पूरी तरह पस्त हो गया है. 

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सर्वाधिक पर्यटक विश्व विरासत में शुमार आमेर में पहुंचे:
राजधानी में 1 महीने में सर्वाधिक पर्यटक विश्व विरासत में शुमार आमेर में पहुंचे. आमेर में पर्यटकों की संख्या 1 महीने में 1585 रहीं जबकि नाहरगढ़ यह आंकड़ा 1326 के स्तर पर रहा. राजधानी के बाहर सर्वाधिक पर्यटक 901 अलवर में पहुंचे जबकि चित्तौड़ 500 और अजमेर में पर्यटकों की संख्या 369 रही. प्रदेश में पर्यटन उद्योग से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से 10 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं जिनमें छोटे-छोटे वेंडर, हॉकर से लेकर गाइड, महावत, लोक कलाकार और बड़े स्तर पर होटल, रिसोर्ट संचालक तक शामिल हैं. कोरोना संक्रमण का इन सभी पर बुरा असर हुआ है अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश के बाद प्रदेश के पर्यटन और देवस्थान मंत्री विश्वेंद्र सिंह और विभाग के प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता सहित तमाम अधिकारी इस प्रयास में जुटे हुए हैं कि प्रदेश में सुरक्षित और स्वास्थ्य पर माहौल तैयार कर पर्यटन को वापस मुख्यधारा में लाया जाए. सभी का प्रयास है कि सितंबर में शुरू होने वाले पर्यटन सत्र से पहले प्रदेश में इस तरह का माहौल तैयार किया जाए जिससे घरेलू पर्यटक ज्यादा से ज्यादा संख्या में राजस्थान आएं. 
 

Sawan Somvar 2020: सावन का पहला सोमवार आज, जानें घर पर रहकर कैसे करें भगवान शिव की पूजा

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जयपुर: आज से भगवान शिव का प्रिय सावन मास शुरू हो गया है. हिंदू धर्म में सावन के महीने का खास महत्व माना जाता है. इस पूरे महीने में भगवान शिव की पूजा होती है. इस दौरान भगवान शिव की पूजा करके मनचाहा फल प्राप्त किया जा सकता है. इस मास भगवान शिव और पार्वती जी का मांगलिक मिलन हुआ. भोले नाथ का विवाह भी लोकमंगलकारी है. इसलिये सामाजिक सरोकार से भी विवाह को यही दर्ज़ा मिला है. परिवार चलता रहे. वंश परंपरा आगे बढ़ती रहे. भगवान का विवाह भी संकटकाल में हुआ. 

VIDEO: ब्यूरोक्रेसी में 3 दिन बाद सस्पेंस खत्म, पूर्व सीएस डीबी गुप्ता अब सीएम के सलाहकार 

सावन माह के पहले और आखिरी दिन सोमवार: 
इस बार सावन माह के पहले और आखिरी दिन सोमवार है. इसके साथ ही पांच सोमवार के साथ जबरदस्त संयोग भी बना है. लेकिन कोरोना काल के चलते इस बार शिवभक्त मंदिरों में जाकर भोले बाबा की पूजा नहीं कर पाएंगे. ऐसे में हम आपको घर पर रहकर ही शिव आराधना करने के बारे में बता रहे हैं....

- इस महीने सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहने. 

- पूजा स्थल पर अच्छी तरह से साफ-सफाई करके गंगाजल का छिड़काव करें.

- शिव पुराण पढ़े. संधिकाल अवश्य पढ़ें.

- शिव गायत्री की एक माला करें अन्यथा 3, 5, 7, 11, 13, 21 या 33 बार पढ़ें.

- संभव हो तो तीन बार रुद्राष्टक पढ़ ले. अथवा ॐ नमः शिवाय के मन्त्र से अंगन्यास करें. 

- भगवान शिव को 11 लोटे जल अर्पण करें. प्रयास करें कि यह पूरे सावन मास हो जाये. काले तिल,और दूध के साथ.

- यदि विल्व पत्र नहीं मिले तो एक जनेऊ अथवा तीन या पांच कमलगट्टे अर्पित कर दें.

- आसपास के शिवमंदिर में जल व दूध का अभिषेक कर चंदन का तिलक करें.

- शिव कथा व शिव चालीसा का पाठ कर, महादेव की आरती करें. 

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जयपुर: राज्य सरकार ने आखिरकार 3 दिन के सस्पेंस के बाद डीबी गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार बना दिया. डीओपी ने रविवार रात आदेश जारी करके उनके बारे में 3 दिन से जारी सस्पेंस को खत्म कर दिया है. 2 जुलाई को मध्यरात्रि बाद राजीव स्वरूप को नया सीएस बनाने और 3 जुलाई को डीबी गुप्ता के उन्हें चार्ज देने के साथ ही यह सस्पेंस बना हुआ था. डीओपी की ओर से जारी आदेश में हालांकि डीबी गुप्ता के कार्यकाल और काम के बारे में नहीं बताया गया है. लेकिन वे अब अग्रिम आदेशों तक इस पद पर बने रहेंगे. इसके तहत वे सितंबर तक भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में और सितंबर में आईएएस से रिटायरमेंट होने पर रिटायर्ड IAS के रूप में अपनी सेवाएं देंगे. 

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सरकार की नाराजगी सहित तमाम अटकलें खारिज: 
इसके साथ ही उनसे सरकार की नाराजगी सहित तमाम अटकलें खारिज हो गईं हैं और वे गहलोत सरकार में अग्रिम आदेशों तक अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे. वे सोमवार सुबह ही पदभार ग्रहण करेंगे हालांकि उनका ऑफिस और कामकाज के स्वरूप को लेकर बाद में ही स्थिति साफ हो पाएगी. सीएम गहलोत के जनवादी या गुड गवर्नेंस वाली सरकार के विजन को धरातल पर उतारने को लेकर भूमिका निभाने की बात उन्होंने कही है. साथ ही फ्लैगशिप योजनाओं, बजट घोषणाओं से लेकर सीएम की घोषणा के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग के साथ कोरोना से सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को गति देने के मकसद से वे काम करेंगे. उनका ऑफिस सीएमओ में या सचिवालय के किसी भवन में हो सकता है. अभी सरकार में डॉक्टर गोविंद शर्मा सीएम के सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं. वहीं अरविंद मायाराम सीएम के अभी आर्थिक सलाहकार हैं और उनकी नियुक्ति भी डॉक्टर शर्मा के साथ ही 21 दिसंबर 2018 को ही हुई थी.जबकि गुप्ता को भी डॉक्टर शर्मा जैसे सीएम सलाहकार का ही पद दिया है...ऐसे में तीनों सलाहकारों के बीच कार्य विभाजन को लेकर स्थिति जल्द साफ होगी. 

1983 बैच के आईएएस डीबी गुप्ता प्रदेश में प्रशासन तंत्र से जुड़े कई अहम पदों पर रहे.... 

- उन्होंने 30 अप्रैल 2018 से लेकर 2 जुलाई 2020 तक दो विपरीत विचारधारा वाली सरकारों में सीएस रहे.

- जहां उन्होंने भाजपा की सरकार में पारदर्शी ब्यूरोक्रेट की छाप छोड़ी तो वहीं गहलोत सरकार में उन्होंने सीएम गहलोत की जनवादी सोच को नीतियों में ढाला और जमीनी धरातल पर उतारा. 

- इनमें जवाबदेही बिल का पूरा ड्राफ्ट तैयार करवाना प्रमुख है. 

- वहीं गांधीवादी दर्शन को लागू करवाना हो या कोरोना नियंत्रण के उपायों को लागू करवाना..डीबी ने सीएस के रूप में हर मोर्चे पर अग्रणी होकर कार्य किया. 

- इससे पूर्व उन्होंने एसीएस वित्त, एसीएस पीडब्ल्यूडी, इंफ्रास्ट्रक्चर, यूडीएच प्रमुख सचिव, प्रमुख सचिव कृषि,प्लानिंग व देवस्थान की अलग अलग जिम्मेदारी अलग-अलग समय संभाली.

- वे अर्बन गवर्नेंस के प्रमुख सचिव रहे तो उससे पहले जेडीसी जयपुर के रूप में उनका कार्यकाल काफी सफल रहा. 

- वित्त सचिव के रूप में भी पहले उन्होंने काम किया. 

- उससे पहले उन्होंने दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी में प्रिंसिपल कमिश्नर की भूमिका निभाई. 

- वे वित्त विभाग में विशिष्ट सचिव की भूमिका निभा चुके हैं जबकि सिरोही और अजमेर के कलेक्टर के रूप में उन्होंने अपनी प्रशासकीय दक्षता की छाप छोड़ी थी.

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फिर से हो आनंदपाल एनकाउंटर और सांवराद हिंसा की CBI जांच, राजपूत समाज ने की मांग

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जयपुर: आनंदपाल एनकाउंटर प्रकरण और उसके बाद सांवराद में हुई हिंसा प्रकरण की जाँच रिपोर्ट पर राजपूत समाज ने प्रश्न खड़ा किया है.राजपूत समाज के नेताओ ने ​रविवार को प्रेसवार्ता का आयोजन कर आनंदपाल एनकाउंटर और सांवराद हिंसा की सीबीआई से एक बार दोबारा जांच करवाने की मांग की है. प्रेसवार्ता में राजपूत सभा के अध्यक्ष गिरिराज सिंह लोटवाड़ा ने आनन्दपाल एनकाउन्टर प्रकरण पर, पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को कठघरे में खड़े करते हुए कहा कि राजपूत समाज ने जिस पार्टी को अपने खून और पसीने से सींचा, उसी पार्टी की सरकार ने समाज के हितों पर कुठारघात करने का हर संभव प्रयास किया.

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सम्बन्धित प्रकरणों की जांच CBI से करवाये जाने पर बनी थी सहमति:
उन्होंने कहा कि पूर्ववत्ती सरकार और संघर्ष समिति के मध्य 18 जुलाई 2017 को शासन सचिवालय में सरकारी प्रतिनिधियों के मध्य हुए समझौते पत्र में आनन्दपाल प्रकरण में 24 जून 2017 को हुई आनन्दपाल की मृत्यु एफआईआर संख्या नम्बर 190/17 पुलिस थाना रतनगढ और 12 जुलाई को सांवराद में हुए घटनाक्रम में सुरेन्द्र सिंह की मृत्यु एफआईआर संख्या नम्बर 238/17 पुलिस थाना अशोक नगर से सम्बन्धित प्रकरणों की जांच सीबीआई से करवाये जाने पर सहमति बनी थी.

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उनमें से कई तो वहां थे ही नहीं मौजूद:
लेकिन पूर्ववर्त्ती राज्य सरकार ने उक्त समझौते पत्र से परे जाकर राजनैतिक षड्यंत्रपूर्वक  जसवंतगढ थाने में हुई FIR की जाँच भी सीबीआई से करवाकर समाज पर कुठारघात करते हुए चार्जशीट पेश करवा कर समाज के 24 सामाजिक व सभ्य लागों को फंसाने का गैरकानूनी कुकत्त्य किया जा रहा है.लोटवाड़ा ने कहा कि सीबीआई ने समाज के जिन 24 लोगो के खिलाफ चार्जशीट पेश की है.उनमें से अधिकतर तो सांवराद में गए ही नही थे.

...फर्स्ट इंडिया के लिए सत्यनारायण शर्मा की रिपोर्ट

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