शाहीन बाग में जारी धरने के विरोध में प्रदर्शन, भारी संख्या में पुलिस बल हुआ तैनात

शाहीन बाग में जारी धरने के विरोध में प्रदर्शन, भारी संख्या में पुलिस बल हुआ तैनात

शाहीन बाग में जारी धरने के विरोध में प्रदर्शन, भारी संख्या में पुलिस बल हुआ तैनात

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून सीएए और एनआरसी के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में चल रहे धरने के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. वही मौके के पर मौजुद पुलिस प्रशासन ने हालात को देखते हुए वहां पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है. डीसीपी चिन्मय बिस्वाल ने लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं.  

शाहीन बाग रास्ता बंद होने से मामला पहुचां हाईकोर्ट:
शाहीन बाग इलाके में जारी धरना प्रदर्शन 50 दिनों से चल रहा है जिसकी वजह से नोएडा की ओर जाने वाला रास्ता कालिंदी कुंज-सरिता विहार मार्ग भी बंद है. रास्ता बंद होने की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और यह मामला अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है. 

प्रदर्शन स्थल के पास हुई थी फायरिंग:
शनिवार को ही नागरिकता कानून सीएए के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन स्थल के पास एक शख्स ने फायरिंग की. फायरिंग के समय वह 'जय श्रीराम' के नारे लगा रहा था. पुलिस की पूछताछ में आरोपी शख्स ने अपना नाम कपिल गुर्जर बताया और वह पूर्वी दिल्ली के दल्लूपुरा का रहने वाला है. पकड़े जाने के बाद उसने कहा कि, इस देश में सिर्फ हिंदुओं की चलेगी. 

फेसबुक पर अपना लाइव वीडियो भी शेयर किया था: 
जेएनयू कैंपस में भी एक नाबालिग को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया गया था. उसने फायरिंग भी की थी जिसमें एक छात्र घायल हो गया था. फायरिंग करने से पहले इस शख्स ने फेसबुक पर अपना लाइव वीडियो भी शेयर किया था .फायरिंग की इस घटना का वीडियो और तस्वीरें कैमरे पर रिकॉर्ड हुए जिसमें दिल्ली पुलिस आरोपी के पीछे हाथ बांधे खड़ी दिखाई दी थी.

डेढ़ महीने से बैठे लोग दो खेमों में बंट गए: 
दूसरी ओर दिल्ली के शाहीन बाग़ का रास्ता खुलेगा या नहीं, इस बात पर वहां क़रीब डेढ़ महीने से बैठे लोग दो खेमों में बंट गए हैं. बीते गुरुवार को एक गुट ने रात में ही शाहीन बाग़ में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस बुलाई. बताया जा रहा था कि इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में रास्ता खोलने का ऐलान किया जाएगा. लेकिन जब मीडिया वहां पहुंची तो रास्ता न खोलने पर अड़ा दूसरा गुट विरोध में आ गया. काफ़ी देर तक बवाल चलता रहा और प्रेस कॉन्फ़्रेंस हो नही पाई और न ही रास्ता खुलने को लेकर कोई बात बन पाई.

धरने पर बैठी महिलाओं की मांग: 
शाहीन बाग में जारी धरने को 50 दिन हो गए है धरने पर बैठी महिलाओं की मांग है की केंद्र सरकार एनआरसी और सीएए जैसे काले कानून को वापस ले यह कानून देश हित मे नही है यह देश के सविधांन के खिलाफ है महिलाओं ने विरोध जताते हुए कहा की प्रधानमंत्री मोदी जी की ओर से सरकार का कोई नुमाइंशी आए और हमे लिखित में दे की यह कानून लागू नही करेगें.

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