MSRTC कर्मचारियों की आकस्मिक हड़ताल से महाराष्ट्र में सार्वजनिक बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित

MSRTC कर्मचारियों की आकस्मिक हड़ताल से महाराष्ट्र में सार्वजनिक बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित

MSRTC कर्मचारियों की आकस्मिक हड़ताल से महाराष्ट्र में सार्वजनिक बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित

मुंबई: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के कर्मचारियों ने वेतन में महंगाई भत्ता (डीए) शामिल करने समेत अपनी कुछ मांगों को लेकर गुरुवार सुबह ‘आकस्मिक’ हड़ताल शुरू कर दी जिससे पूरे राज्य में निगम की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. अधिकारियों ने बताया कि मुंबई सेंट्रल समेत सरकारी परिवहन उपक्रम के अनेक डिपो पर बस परिचालन को आंदोलन के समर्थन में रोक दिया गया. मुंबई सेंट्रल में एमएसआरटीसी का मुख्यालय है. एमएसआरटीसी के एक प्रवक्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वे जानकारी जुटा रहे हैं. उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि कर्मचारियों के आंदोलन के कारण महाराष्ट्र में विभिन्न डिपो पर बस परिचालन प्रभावित हुआ है.

एमएसआरटीसी देश में सबसे बड़े सार्वजनिक परिवहन निगमों में से एक है जिसके पास 16,000 से अधिक बसों का बेड़ा है और करीब 93,000 कर्मचारी इसमें काम करते हैं. इन कर्मचारियों में चालक और परिचालक शामिल हैं. कोविड महामारी शुरू होने से पहले एमएसआरटीसी की बसों में रोजाना करीब 65 लाख मुसाफिर यात्रा करते थे. परिवहन निगम के कर्मचारी संघ के सूत्रों के अनुसार सुबह से कर्मचारियों की ‘आकस्मिक’ हड़ताल के कारण महाराष्ट्र में 100 से 125 बस डिपो पर परिचालन प्रभावित हुआ है. यूनियन के एक नेता ने कहा कि किसी मान्यताप्राप्त ट्रांसपोर्ट यूनियन ने हड़ताल का आह्वान नहीं किया था. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने महंगाई भत्ते को अपने वेतन में शामिल करने तथा एमएसआरटीसी का राज्य सरकार में विलय करने की अपनी मांगों को लेकर ‘आकस्मिक’ हड़ताल शुरू कर दी.

यूनियन नेता ने कहा कि एमएसआरटीसी कर्मचारियों की एक कार्रवाई समिति ने तीन मांगों को लेकर बेमियादी आंदोलन शुरू किया है लेकिन हड़ताल के लिए कोई आह्वान नहीं किया गया था. कर्मचारियों ने आंदोलन के समर्थन में आकस्मिक तरीके से बस परिचालन रोक दिया है. राज्य के परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी के अध्यक्ष अनिल परब ने इस सप्ताह की शुरुआत में निगम कर्मियों के महंगाई भत्ते को मौजूदा 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत करने की घोषणा की थी. उन्होंने कर्मचारियों का अक्टूबर माह का वेतन अगले महीने की निर्धारित सात तारीख के बजाय दिवाली से पहले, एक नवंबर को देने की भी घोषणा की थी. परब ने एमएसआरटीसी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए क्रमश: 2,500 रुपये और 5,000 रुपये की ‘दिवाली भेंट’ (बोनस) देने का भी ऐलान किया था. कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से एमएसआरटी वित्तीय संकट से जूझ रहा है और उसका परिचालन भी प्रभावित हुआ है. सोर्स- भाषा
 

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