Punjab: बाबा रोडेशाह की समाधि पर शराब चढ़ाने जमा हुए श्रद्धालु, Covid Guidelines की उड़ाईं धज्जियां

Punjab: बाबा रोडेशाह की समाधि पर शराब चढ़ाने जमा हुए श्रद्धालु, Covid Guidelines की उड़ाईं धज्जियां

Punjab: बाबा रोडेशाह की समाधि पर शराब चढ़ाने जमा हुए श्रद्धालु, Covid Guidelines की उड़ाईं धज्जियां

फतेहगढ़ चूड़ियांः हाल ही में पंजाब के अमृतसर स्थित बाबा रोडेशाह की समाधि पर शराब चढ़ाने एवं उनका आशीर्वाद लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी थी और इस दौरान कोविड-19 नियमों का पालन होते नहीं दिखा था. राज्य में संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं इसके बवाजूद कई श्रद्धालु बिना मास्क पहने और सामाजिक दूरी के नियम का पालन नहीं करते दिखाई दिए थे. 

90 साल से होता आ रहा है ये उत्सव

गौरतलब है कि अमृतसर-फतेहगढ़ चूड़ियां रोड के भोमा गांव स्थित समाधि पर पिछले 90 साल से यह उत्सव होता आ रहा है जिसका समापन कल हुआ था. भोमा गांव के सरपंच एवं बाबा के रिश्तेदार गुरनेक सिंह जो समाधि का प्रबंधन करते हैं . उन्होंने बताया है कि बाबा बर्तन में शराब एकत्र करते थे और उसे श्रद्धालुओं में बांटते थे लेकिन उन्होंने खुद कभी शराब नहीं पी है. 

साल भर चढ़ाई जाती है शराब

उन्होंने बताया है कि शराब यहां साल सालभर चढाई जाती है लेकिन उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है. गांव के ही गुरुसेवक सिंह ने बताया है कि पहले एक दिन पुरुष और दूसरे दिन महिलाएं शराब चढ़ाने आती थीं लेकिन समय के साथ पुरुष एवं महिलाएं एक ही समय समाधि पर शराब चढ़ाने आने लगीं थी. लोककथा के मुताबिक बाबा गुरदासपुर के धावान गांव के रहने वाले थे और वर्ष 1896 में वह अपना परिवार छोड़ कर भोमा गांव में बस गए थे.

आखिर क्यों चढ़ाई जाती है शराब

ऐसा कहा जाता है कि भोमा का एक किसान शादी के कई साल बाद भी संतान नहीं होने पर बाबा के पास आया था और उनके आशीर्वाद से किसान को एक बेटा हुआ था. किसान ने 500 रुपए का चढ़ावा चढ़ाया लेकिन बाबा ने लेने से इनकार कर दिया और उन्होंने दंपति से एक बोतल शराब खरीदकर श्रद्धालुओं में बांटने को कहा था,तब से श्रद्धालु यहां शराब चढ़ाते हैं.   (सोर्स-भाषा)

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