देहरादून Uttarakhand: CM पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड विधानसभा के सदस्य के रूप में ली शपथ, चंपावत उपचुनाव में हासिल की थी जीत

Uttarakhand: CM पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड विधानसभा के सदस्य के रूप में ली शपथ, चंपावत उपचुनाव में हासिल की थी जीत

Uttarakhand: CM पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड विधानसभा के सदस्य के रूप में ली शपथ, चंपावत उपचुनाव में हासिल की थी जीत

देहरादून: चंपावत विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल करने के दस दिन बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को यहां उत्तराखंड विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली. राज्य विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने धामी को मंत्रिमंडल के उनके सहयोगियों, विधायकों और भाजपा नेताओं की उपस्थिति में विधानसभा सभागार में पद की शपथ दिलाई. धामी ने तीन जून को चंपावत उपचुनाव में 55,000 से अधिक मतों से जीत हासिल की थी.

मंगलवार को राज्य विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले उन्होंने सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए, धामी ने चंपावत के लोगों को इतना बड़ा जनादेश देने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके जैसे पार्टी के एक साधारण कार्यकर्ता को ‘‘मुख्य सेवक’’ के रूप में राज्य की सेवा करने का अवसर दिया. उन्होंने कहा कि अब उनका ध्यान वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को एक अग्रणी राज्य के रूप में विकसित करने पर केंद्रित है, जब राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि उनकी नजरें इस लक्ष्य को हासिल करने पर टिकी हैं. उन्होंने कहा कि लेकिन इस लक्ष्य को हासिल करना मेरी निजी यात्री नहीं है. यह एक सामूहिक यात्रा है. आज शपथ लेने वाला मैं अकेला नहीं हूं. मेरे साथ उत्तराखंड का विकास चाहने वाले सभी लोगों ने शपथ ली है. इसलिए, राज्य को उस लक्ष्य की ओर ले जाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है.’’

धामी ने एक बार फिर कहा कि चुनाव से पहले किये गये वादे को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी कैबिनेट ने अपनी पहली ही बैठक में समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति गठित करने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि हमने उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करके पहले ही उस दिशा में एक कदम उठाया है. समिति द्वारा जल्द ही एक मसौदा तैयार किया जाएगा जिसे सभी हितधारकों से बात करने के बाद राज्य में लागू किया जाएगा. हम अन्य राज्यों से भी उम्मीद करते हैं कि वे भी इसका पालन करें और समान नागरिक संहिता लागू करें. सोर्स- भाषा

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