पंचतत्व में विलीन हुए क्वीन हरीश, सुथार समाज शमशान घाट में हुआ अंतिम संस्कार

Suryaveer Singh Tanwar Published Date 2019/06/03 12:25

जैसलमेर: राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकारों में स्वर्णनगरी के क्वीन हरीश एक जाना पहचाना नाम थे, वे विदेशों में भी खासे विख्यात थे.  विदेशी बालाएं तो हरीश के नृत्य की फैन थीं और डांस की स्टेप सीखने जैसलमेर आती थीं. जैसलमेर पर्यटन के लिए नया अध्याय जुड़ रहा था कि यह अंतरराष्ट्रीय सितारा बीच सफर में ही अपने लाखों प्रशंसकों को सोमवार सुबह अलविदा कह गया. 

38 वर्षीय क्वीन हरीश राजस्थानी महिला की पारंपरिक वेशभूषा में युवती के समान ही नजर आते थे
38 वर्षीय क्वीन हरीश राजस्थानी महिला की पारंपरिक वेशभूषा में युवती के समान ही नजर आते थे. उन्हें जो पहचानते हैं उनकी आंखों में हरीश का वही महिला वाला रूप समाया हुआ है. सम्मान तो उन्हें जैसलमेर से लेकर जापान, अमेरिका, फ्रांस समेत लगभग हर जगह मिला. हरीश की ख्याति बस इतनी सी नहीं थी. बॉलीवुड में भी वे अपनी धाक जमा चुके थे. अपने डांस से सभी को थिरकने पर मजबूर करने वाले हरीश की असामयिक मौत की खबर सुनकर हर कोई स्तब्ध रह गया. शहरवासियों ने तो उसे शनिवार की रात तक बाजार में देखा था और बातचीत भी की थी. किसे पता था कि वे अचानक छोड़कर चले जाएंगे. शनिवार की रात जैसलमेर से जयपुर के लिए इनोवा में साथियों के साथ रवाना हुए थे. रविवार अल सुबह जोधपुर से आगे बिलाड़ा में सड़क दुर्घटना में क्वीन हरीश समेत चार लोगों की मौत हो गई. मजदूर पाड़ा में हरीश की मौत की खबर से मातम छा गया. यहां एक भी घर में रात तक चूल्हा नहीं जला. आज क्वीन हरीश की अंतिम यात्रा निकाली गई. क्वीन हरीश हमेशा के लिए हम सब को अलविदा कह गया. आज क्वीन हरीश के घर मजदूर पाड़ा इलाके से अंतिम यात्रा निकली जहा हजारो की संख्या में हरीश की यात्रा में जनप्रतिनधि, प्रसाशनिक अधिकारी, पत्रकारगण सहित पर्यटनजगत के लोग मौजूद रहे.

क्वीन हरीश की यात्रा सुथार समाज शमशान घाट पहुंची जहां हर किसी की आखें नम हो गई
क्वीन हरीश की यात्रा सुथार समाज शमशान घाट पहुंची जहां हर किसी की आखें नम हो गई. जिला कलेक्टर नमित मेहता, एसपी किरण कंग, विधायक रूपाराम धनदेव, वायुसेना अधिकारी एसकेसिंह, आर्मी अधिकारी ए.कपूर सहित कई लोगो ने हरीश को श्रदांजलि दी. बाद में हरीश के दो बेटो में हरीश को मुखाग्नि दी. हरीश को मुखाग्नि देने के बाद हरीश पचतत्व में विलीन हो गए हर किसी की आखे नम हो गई. हर किसी ने कहा हमने जिले का अनमोल रत्न खो दिया. हरीश के मित्रों और परिजनों ने कहा हरीश को कभी नहीं भूल सकते हरीश हमारे दिल ने हमेशा जिन्दा है. हरीश शुरू से ही डांस को लेकर उत्साहित रहते थे. संघर्षमय बचपन में भी वे अपने शौक से पीछे नहीं हटे. वे कुछ अलग करना चाहते थे. किसी की परवाह किए बिना उन्होंने महिला के वेश में डांस करना शुरू किया. शुरुआत में लोगों ने उनका जमकर मजाक भी उड़ाया, ताने दिए. राजस्थानी युवती के परिधानों और शृंगार में ताल से ताल मिलाते हरीश ने किसी की नहीं सुनी. वे अपनी जिद पर वे डटे रहे और अपनी कला के दम पर ऐसा अद्भुत प्रदर्शन किया कि देखते ही देखते वे विश्वभर में विख्यात हो गए. राजस्थानी थीम पर कहीं भी कोई समारोह होता तो, हरीश को प्रमुखता से बुलाया जाता, क्योंक स्वर्णनगरी की आभा को भी उन्होंने नई पहचान दिलाई. क्वीन हरीश जब महिला के वेश में डांस करते थे तो अच्छी-अच्छी नृत्यांगनाएं भी उनकी लचक और धुनों पर थिरकते उनके कदमों के साथ उनकी भाव-भंगिमाओं की कायल हो जाती थीं. 

फिल्मों से लेकर बड़े घरानों के शादी समारोह का हिस्सा बने 
हरीश की सफलता का कारवां विदेशी डाक्यूमेंट्री फिल्म जिप्सी से शुरू हुआ था. यह फिल्म जैसलमेर के लोक संगीत से जुड़े लोगों पर बनी थी. इसके बाद हरीश पर्यटन से जुड़े और देश के विभिन्न शहरों सहित विदेशों में स्टेज शो के दौरान उन्होंने मरुभूमि की लोक-संस्कृ़ति से दर्शकों का मन मोहा. निर्माता निर्देशक और फिल्म लेखक प्रकाश झा की फिल्म जय गंगाजल के आइटम सांग में क्वीन हरीश ने बेहतरीन डांस किया. हाल ही उन्होंने ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की शादी में भी परफॉर्मेंस दे कर पूरे विश्व में सुर्खियां बटोरी थीं. 

बॉलीवुड व लोकसंगीत के फ्यूजन का चलाया जादू 
क्वीन हरीश विदेशों में बहुत ज्यादा फेमस थे. उन्होंने बॉलीवुड व लोकसंगीत के फ्यूजन पर जबरदस्त डांस किए. विदेशों में धाक जमाने के बाद हरीश ने जैसलमेर में अपनी डांस एकेडमी भी शुरू की, जहां विदेशी बालाएं उनसे डांस के गुर सीखने आती थीं. हर साल सैकड़ों सैलानी विशेष तौर पर हरीश से नृत्य का हुनर सीखकर जाते और अपने अपने शहरों में परफॉर्मेंस देते. हरीश की 15 हजार से ज्यादा विदेशी युवतियां शिष्य हैं, जो अभी भी अपने गुरु की असामयिक मौत की खबर पर यकीन नहीं कर पा रही हैं. 

सीएम, पूर्व सीएम ने शोक संवेदनाएं प्रकट कीं 
हरीश के निधन पर सीएम अशोक गहलोत, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी व कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने ट्विट कर शोक संवेदनाएं प्रकट कीं. इसके अलावा म्यूजिक इंडस्ट्रीज से जुड़े कई लोगों ने हरीश के निधन पर शोक व्यक्त किया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हरीश ही छाए रहे.  

ये रही हरीश की उपलब्धियां 
हरीश ने 60 से अधिक देशों में रजस्थानी नृत्य का प्रदर्शन किया. मुख्य रूप से पेरिस फुटबॉल वर्ल्ड कप, बेली डांस रेग्स फेस्टिवल बेल्जियम, सेंट्रल पार्क समर स्टेज अमेरिका, हॉलीवुड बाउल अमेरिका, दिवाली मेला न्यूजीलैंड, इंडिया शो जर्मनी, इंडियाज गॉट टेलेंट में सेमीफाइनलिस्ट, गंगाजल फिल्म में आइटम डांस सहित बंगाली, तेलुगु व तमिल फिल्मों में काम किया है. सबसे महत्वपूर्ण विल्स फैशन वीक दिल्ली में हरीश ने शो स्टॉपर रैम्प वॉक भी किया है. इसके अलावा वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया की तरफ से वर्ष 2018 में डांस जीनियस का अवार्ड भी उन्हें मिला था.    

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