अजमेर संभाग कांग्रेस और बीजेपी के लिए बना प्रतिष्ठा का प्रश्न

Abhishek Shrivastava Published Date 2018/10/22 09:45

अजमेर। विधानसभा चुनाव में अजमेर संभाग दोनों प्रमुख पार्टी भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बना हुआ है। जहां कांग्रेस करीब 11 महीने पहले ही हुए उप चुनाव में मिली जीत को बरकरार रखने के लिए बेताब हैं वहीं भाजपा पिछले विधानसभा चुनाव में मिली शानदार जीत को फिर से दोहराने के लिए जी-जान से जुटी है। 

अजमेर संभाग में अजमेर,टोंक,नागौर और भीलवाड़ा जिले शामिल हैं। इनमें कुल 29 विधानसभा क्षेत्र हैं। वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में मोदी लहर पर सवार भाजपा ने 29 में 27 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा ने यही सफलता लोकसभा चुनाव में भी दर्ज की थी। अजमेर सीट के लोकसभा चुनाव में सचिन पायलट जैसे कांग्रेस के दिग्गज नेता को हार का सामना करना पड़ा था। आपको बताते हैं कि अजमेर संभाग के ये दोनों चुनाव किस प्रकार भाजपा के लिए शानदार रहे...

-दिसम्बर 2013 के विधानसभा चुनाव में अजमेर संभाग की 29 में से 27 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की
-केवल दो सीटों पर खींवसर से निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल और जहाजपुर से कांग्रेस के धीरज गुर्जर जीत पाए थे
-मई 2014 के लोकसभा चुनाव में अजमेर सीट पर भाजपा व कांग्रेस ने दिग्गज नेताओं को उतारा
-कांग्रेस से सचिन पायलट और भाजपा से सांवरलाल जाट चुनाव लड़े
-जाट ने पायलट को 1 लाख 71 हजार 983 वोटों के बड़े अंतर से हराया

विधानसभा व लोकसभा चुनाव में जीत का डंका बजाने वाली भाजपा को पहला झटका नसीराबाद उप चुनाव से लगा। विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा के सांवरलाल जाट विजयी रहे थे। लेकिन जाट के लोकसभा सांसद बनने के बाद सितम्बर 2014 में नसीराबाद सीट पर उपचुनाव हुए। इस उप चुनाव में भाजपा ने सरिता गेन और कांग्रेस ने रामनारायण गुर्जर को अपना प्रत्याशी बनाया। वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में जीती गई यह सीट भाजपा महज 386 वोटो से हार गई। इसके बाद अजमेर संभाग में हुए उप चुनाव के परिणाम भी भाजपा के लिए निराशाजनक रहे।

-अजमेर से लोकसभा सांसद सांवरलाल जाट और मांडलगढ़ से विधायक कीर्तिकुमारी का निधन हो गया
-जनवरी 2018 में अजमेर की लोकसभा सीट और मांडलगढ़ विधानसभा सीट के उप चुनाव हुए
-अजमेर के लिए कांग्रेस ने रघु शर्मा को तो भाजपा ने सांवरलाल जाट के बेटे रामस्वरूप लांबा को प्रत्याशी बनाया
-कांग्रेस ने अजमेर लोकसभा सीट 84 हजार से अधिक वोटों से जीत ली
-मांडलगढ़ सीट के लिए भाजपा के शक्ति सिंह हाड़ा और कांग्रेस के विवेक धाकड़ के बीच भिड़ंत हुई
-मांडलगढ़ सीट भी भाजपा 12 हजार से अधिक वोटों से हार गई
-अजमेर लोकसभा सीट में कुल 8 विधानसभा सीटें शामिल हैं, जिनमें से 7 अजमेर संभाग की हैं

11 महीने पहले ही अजमेर संभाग की 29 में 8 विधानसभा सीटों पर वर्चस्व हासिल करने वाली कांग्रेस के कार्यकर्ता काफी जोश में हैं। कांग्रेस नेताओं को उम्मीद है कि इस उपचुनाव में पार्टी को मिली जीत दिसम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव में बरकरार रहेगी। वहीं दूसरी और भाजपा ने पांच साल पुराने अपने प्रदर्शन को दोहरान के लिए कमर कस ली है।
 

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