Pakistan Cricket System पर रमीज राजा ने खड़े किए सवाल, बोले- दबाव बनते ही Fixer टीम में आ जाते है

Pakistan Cricket System पर रमीज राजा ने खड़े किए सवाल, बोले- दबाव बनते ही Fixer टीम में आ जाते है

Pakistan Cricket System पर रमीज राजा ने खड़े किए सवाल, बोले- दबाव बनते ही Fixer टीम में आ जाते है

नई दिल्ली: पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व बल्लेबाज रमीज राजा (Ramiz Raja) ने अपने देश के क्रिकेट सिस्टम (Pakistan Cricket System) पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि मजबूत खिलाड़ियों के सात पाकिस्तानी टीम (Pakistani Team) का जिम्बाब्वे दौरा एक कदम आगे और दो कदम पीछे जाने जैसा था. रमीज ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट चलाने वालों को इस दौरे पर नए खिलाड़ियों को भेजना चाहिए था. बता दें कि पाकिस्तान ने हाल के जिम्बाब्वे दौरे पर टेस्ट सीरीज 2-0 और टी20 सीरीज 2-1 से जीती थी.

जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज हारने पर पाकिस्तानी खिलाडियों की काबिलियत पता चलती है. 
रमीज ने एक यूट्यूब चैनल (Youtube Channel) से बातचीत में कहा कि अगर पाकिस्तान टीम नए खिलाड़ियों के साथ जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज हार भी जाती तो इससे ये तो पता चलता कि हमारे खिलाड़ियों में कितनी काबिलियत है और भविष्य के लिए कौन सा खिलाड़ी तैयार हो सकता है. आप आगे बढ़ते हैं और नए-नए खिलाड़ियों को आजमाते हैं. पुराने खिलाड़ियों को खुद पता होता है कि वो टीम में कितनी वैल्य़ू जोड़ पा रहे हैं.

दबाव पड़ने पर फिक्सर्स को टीम में शामिल कर लेते हैं: राजा
राजा ने आगे कहा कि जब दबाव बढ़ता है, तो पुराने खिलाड़ियों को टीम में वापस बुला लिया जाता है. जब प्रेशर पड़ता है तो वे फिक्सर्स (Fixers) को बुला लेते हैं. जब दबाव पड़ता है, तो आप एक अतिरिक्त विकेटकीपर (Additional Wicketkeeper) को मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में ले लेते हैं. इस तरह से टीमें नहीं तैयार होती हैं. यह बताता है कि हमारा सिस्टम कहां खड़ा है और नए खिलाड़ी अभी बहुत पीछे हैं.

उम्रदराज खिलाड़ियों का टी20 क्रिकेट खेलना समझ से परे:
इस पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज (Former Pakistani Batsman) ने आगे कहा कि टी20 क्रिकेट में ज्यादा उम्र के खिलाड़ियों का खेलना समझ से परे है. उन्होंने कहा कि जहां तक मेरी समझ है, मैंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर 40-45 साल के खिलाड़ी को टी20 क्रिकेट खेलते नहीं देखा है. ये बात सब को पता है कि इस उम्र में आपके रिएक्शन (Recation) और रिफ्लेक्स कमजोर हो जाते हैं. आप अपनी क्षमता का 50 फीसदी ही दे पाते हैं.

महेंद्र सिंह धोनी और सचिन तेंदुलकर की तारीफ:
राजा ने कहा कि हमारे पास उस तरह के खिलाड़ी नहीं है. उदाहरण के तौर पर महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) और सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) 50 प्रतिशत क्षमता के साथ भी काफी उपयोगी थे. उम्रदराज खिलाड़ियों को टीम में रखने से यही बात साबित होती है कि हमको हार का डर है. जीत के चक्कर में हम अपने क्रिकेट सिस्टम को बर्बाद कर रहे हैं.

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