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RBI ने घोषित की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति, EMI पर होगा असर
RBI ने घोषित की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति, EMI पर होगा असर

मुंबई। साल के नए फाइनेंशियल ईयर में भारतीय रिजर्व बैंक ने पहली मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक में आम लोगों को बड़ी राहत दी है। आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वांइट की कटौती की है जिसके बाद अब रेपो रेट 6.25 प्रतिशत से घटकर 6 प्रतिशत हो गया है। इसी के साथ रिजर्व बैंक ने 2019-20 के लिए जीडीपी अनुमान को 0.2 फीसदी घटा दिया है। 

केंद्रीय बैंक के लगातार दूसरी बार ब्याज दर में कटौती से इस चुनावी सीजन में कर्ज लेने वालों को बड़ी राहत मिल सकती है। आरबीआई का रेपो रेट अब तक 6.25 फीसदी था, वहीं बतौर गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में आरबीआई की यह दूसरी बैठक थी। शक्तिकांत दास ने बीते साल दिसंबर में पदभार संभाला था।

मालूम हो, रेपो रेट कम होने से बैंकों को आरबीआई से सस्ती फंडिंग प्राप्त हो सकेगी, इसलिए बैंक भी अब कम ब्याज दर पर होम लोन, कार लोन सहित अन्य लोन ऑफर कर पाएंगे। इसका फायदा उन लोगों को भी मिलेगा जिनकी होम लोन या ऑटो लोन चल रही है।

दरअसल, रेपो रेट कटौती के बाद बैंकों पर होम या ऑटो लोन पर ब्‍याज दर कम करने का दबाव बनेगा। बता दें कि आरबीआई के नए नियमों के बाद बैंकों को रेपो रेट कटौती का फायदा आम लोगों को देना ही होगा। ऐसे में अगर आपका होम या ऑटो  लोन चल रहा है तो उसकी ईएमआई कम हो जाएगी। बतादें, 2019-20 के लिए रिजर्व बैंक ने जीडीपी अनुमान को 0.2 फीसदी घटा दिया है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की बैठक में जीडीपी अनुमान को 7.2 फीसदी रखा गया है। इससे पहले केंद्रीय बैंक ने जीडीपी अनुमान 7.4 फीसदी रखा था। 

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