डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य मौजूदा गवर्नर के विचारों से थे असहमत

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/24 01:46

नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को बड़ा झटका देते हुए डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि उन्होंने इसकी वजह निजी बताई है. वहीं दूसरी और कहा जा रहा है कि डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य मौजूदा गवर्नर के विचारों से असहमत थे. यह पिछले 7 महीने में दूसरी बार है जब रिजर्व बैंक के किसी उच्‍च अधिकारी ने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दिया है. इससे पहले रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने दिसंबर में निजी कारण का हवाला देते हुए अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया था. 

कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा:
दरअसल आरबीआई ने भी विरल आचार्य के इस्‍तीफे की पुष्टि कर दी है. विरल आचार्य ने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही अपना पद त्याग दिया. छह महीने के बाद उनका कार्यकाल समाप्त होने जा रहा था. गौरतलब है कि जनवरी 2017 में विरल आचार्य को बैंक में डिप्टी गवर्नर के पद पर नियुक्त किया गया था और इस पद पर 3 साल का कार्यकाल जनवरी 2020 में पूरा होना था.

मौजूदा गवर्नर के विचारों से असहमत:
बताया जा रहा है कि वे पटेल के इस्तीफे के बाद से असहज महसूस कर रहे थे। वहीं बीते कुछ महीनों से डिप्‍टी गवर्नर विरल आचार्य आरबीआई के नए गवर्नर शक्‍तिकांत दास के फैसलों से अलग विचार रख रहे थे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछली दो मॉनीटरिंग पॉलिसी की बैठक में महंगाई दर और ग्रोथ रेट के मुद्दों पर विरल आचार्य के विचार अलग थे. 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in