आरसीए विवाद: बीसीसीआई द्वारा नियुक्त चुनाव अधिकारी की निष्पक्षता पर उठे सवाल

Naresh Sharma Published Date 2019/09/22 01:57

जयपुर: बीसीसीआई द्वारा नियुक्त चुनाव अधिकारी टीएस कृष्णमूर्ति की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं. राजस्थान क्रिकेट संघ से जुड़े जिला संघों ने बीसीसीआई व सीओए को ईमेल लिखकर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा दिए हैं. इस बीच कृष्णमूर्ति द्वारा अचानक जयपुर से चले जाने से चुनाव प्रक्रिया भी थम गई है. 

जिला संघों के आरोप:
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति को आरसीए में चुनाव संपादित कराने के लिए बीसीसीआई ने नियुक्त किया था और आरसीए व सहकारिता रजिस्ट्रार ने भी उनके नाम पर मुहर लगाई थी, लेकिन अब कृष्णमूर्ति की भूमिका पर ही सवाल उठने लगे हैं. दरअसल जिला संघों ने आरोप लगाया कि कृष्णमूर्ति व उनके सहयोगी केजी राव जो ई मेल बीसीसीआई को करते थे, वे ही ईमेल मोदी गुट के एक वकील को भी भेजे जाते थे, यानी बीसीसीआई से होने वाले कम्यूनिकेशन के बारे में वकील को भी बता दिया जाता था. दरअसल गुरुवार को वोटर लिस्ट की सुनवाई के दौरान एक मोबाइल आरसीए एकेडमी में ही छुट गया था, इस मोबाइल से ही यह खुलासा हुआ कि ईमेल को किस तरह वकील को भेजा जाता था. 

मोदी गुट की तरफ से कहा गया कि आरोप गलत: 
शुक्रवार को जैसे ही फिर से सुनवाई हुई, तो जिला संघों ने चुनाव प्रक्रिया के साथ साथ कृष्णमूर्ति व केजी राव की भूमिका पर भी सवाल उठा दिए. ज्यों ही ईमेल लीक करने का आरोप लगा, तो कृष्णमूर्ति व केजी राव तुरंत आरसीए एकेडमी से चले गए और कुछ देर बाद प्रदेश से ही बाहर चले गए. जिला संघों ने आरोप लगाया कि चुनाव की पूरी स्क्रिप्ट पहले से लिखी है और सब कुछ मिलीभगत से किया जा रहा है. वहीं मोदी गुट की तरफ से पिंकेश जैन से जब पूछा गया कि चुनाव अधिकारी किसी विशेष वकील को ईमेल कैसे भेज सकता है, क्या इससे मिलीभगत की बू नहीं आती, तो पिंकेश ने कहा कि मिलीभगत के आरोप गलत है, चुनाव अधिकारी ने तो और लोगों को भी ईमेल किया था. वकील को ईमेल करना कोई गलत बात नहीं है. 

सवालों के घेरे में टीएस कृष्णमूर्ति का चले जाना:
इस बीच बड़ा सवाल यह है कि देश में लोकसभा व विधानसभा जैसे चुनाव कराने वाले टीएस कृष्णमूर्ति आखिर 35 वोटर से होने वाले एक खेल संघ का चुनाव बीच में छोड़कर क्यों चले गए. कृष्णमूर्ति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार ही सुनवाई हो रही थी, तो महज आधा घंटे में ऐसा क्या हो गया कि चुनावी मैच में अंपायर की भूमिका निभाने वाले कृष्णमूर्ति ही खिलाड़ियों को बीच मैदान छोड़कर रवाना हो गए. क्या वे हंगामा होने से परेशान थे, या फिर ईमेल लीक का मामला सामने आने के बाद विचलित हो गए. पुलिस व्यवस्था भी आरसीए एकेडमी में मौजूद थी, लेकिन फिर भी चुनाव प्रक्रिया को बीच में रोक दिया गया. इस बीच  जिला संघों ने बीसीसीआई व सीओए को ईमेल करके कृष्णमूर्ति व केजी राव की भूमिका पर सवाल उठा दिए हैं. अब देखना यह है कि सीओए इस बारे में क्या फैसला करता है. 

... संवाददाता नरेश शर्मा की रिपोर्ट 

 

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