REET Exam 2021: डूंगरपुर में एग्जाम में डमी अभ्यर्थी को बैठाने की तैयारी कर रहा शिक्षक गिरफ्तार; दौसा में भी पुलिस के हत्थे चढ़े नकदी के साथ 4 लोग

REET Exam 2021: डूंगरपुर में एग्जाम में डमी अभ्यर्थी को बैठाने की तैयारी कर रहा शिक्षक गिरफ्तार; दौसा में भी पुलिस के हत्थे चढ़े नकदी के साथ 4 लोग

जयपुर: राजस्थान में 26 सितंबर को होने वाली रीट परीक्षा से दो दिन पहले बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. डूंगरपुर के बाद दौसा में भी रीट परीक्षा से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है. दौसा में नकदी के साथ 4 लोग पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. इसके बाद कोतवाली थाना पुलिस इनसे पूछताछ में जुट गई है. परीक्षा की आड़ में कुछ लोग अवैध कारोबार चला रहे हैं. इस मामले में पुलिस आज दोपहर तक खुलासा कर सकती है. पुलिस ने स्कॉलर गैंग की आशंका के चलते इन लोगों को गिरफ्तार किया है जो फर्जी परीक्षार्थियों को एन्ट्री करवाने का प्रयास करते हैं. 

वहीं दूसरी ओर इससे पहले डूंगरपुर में रीट परीक्षा 2021 में फर्जी अभ्यर्थियों को बैठाने की मंशा एक सरकारी शिक्षक को भारी पड़ गई. धंबोला पुलिस ने आरोपित सरकारी शिक्षक को हिरासत में लिया है, उसके कमरे से 12.17 लाख व अन्य कागजात बरामद हुए हैं. सीमलवाड़ा डिप्टी रामेश्वर लाल चौहान ने बताया कि एसपी सुधीर जोशी के निर्देशानुसार थाना इंचार्ज एसआई रमेश चंद्र कटारा मय टीम ने पीठ स्थित सरकारी शिक्षक  भंवर लाल जाट के कमरे में दबिश दी. इस दौरान सरकारी शिक्षक से 12 लाख 17 हजार 8 सौ रुपए बरामद हुए.

भंवरलाल जाट ने रुपये देकर परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों को बैठाने की बात कबूली:
पुलिस ने रीट एग्जाम में गड़बड़ी करने वाली गैंग का खुलासा करते हुए शिक्षक के कब्जे से आठ अलग-अलग नामों के आधार कार्ड जिसमें सभी पर शिक्षक भंवरलाल जाट का ही फोटो लगा मिले. रीट परीक्षा 2021 के 8 आवेदन, सब इंस्पेक्टर परीक्षा के आवेदन, जूनियर एकाउंटेंट परीक्षा के आवेदन, 8 चेक हस्तक्षारयुक्त भी बरामद हुए है. पुलिस पूछताछ में शिक्षक भंवरलाल जाट ने रुपये देकर परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों को बैठाने की बात कबूली है. जिसमें सब इंस्पेक्टर, जूनियर अककॉउंटेंट और फॉरेस्ट परीक्षा में भी फर्जी अभ्यर्थियों को बैठाया गया था व रीट 2021 परीक्षा में भी डमी अभ्यर्थियों को बैठाना चाहता था. 

शिक्षक के पास सभी परीक्षाओं से जुड़े अहम दस्तावेज मिले:
शिक्षक के पास सभी परीक्षाओं से जुड़े अहम दस्तावेज मिले हैं. परीक्षार्थियों के आधार कार्ड, ओरिजनल मार्कशीट भी मिली है. अब पुलिस आरोपी शिक्षक से पूछताछ कर रही है. हालांकि शिक्षक ने पूछताछ में बताया कि एक दूसरा साथी है भंवर लाल वैष्णव जिसे अभ्यर्थियों के कागजात देता था और वो ही पूरा कारनामा करता है. यह सरकारी शिक्षक बाड़मेर का रहने वाला है व 13 साल से सीमलवाड़ा ब्लॉक क्षेत्र में शिक्षक पदस्थापित है. पुलिस ने जब्त कागजात को लेकर रात भर दबीशे दी. 

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