जयपुर CM गहोलत ने डीपी जारोली को बर्खास्त कर खेला 'मास्टरस्ट्रोक', विपक्ष की पूरी रणनीति को किया धराशायी !

CM गहोलत ने डीपी जारोली को बर्खास्त कर खेला 'मास्टरस्ट्रोक', विपक्ष की पूरी रणनीति को किया धराशायी !

जयपुर: रीट पेपर लीक मामले में आरबीएसई बोर्ड अध्यक्ष डीपी जारोली को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मास्टरस्ट्रोक खेला है! विपक्ष की पूरी रणनीति को धराशाही करते हुए सीएम गहलोत ने एक झटके में पूरी बाजी बदल दी. विपक्ष REET भर्ती परीक्षा पेपर आउट प्रकरण में फ्रंटफुट पर था. पूरे मुद्दे पर भाजपा ने सरकार को घेरा था. लेकिन अब इस फैसले से कांग्रेस का पलड़ा भारी हो गया. क्योंकि पहली बार जांच से पहले ऐसा सख्त फैसला लिया गया है. 

इस फैसले के साथ एक ही 'मैसेज' दिया गया है. भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टोलरेंस नीति जारी रहेगी. दूसरी ओर अब विपक्ष भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस फैसले की तारीफ कर रहा है. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने गहलोत के फैसले का स्वागत किया है. कटारिया ने SOG की पीठ थपथपाई है. उन्होंने कहा कि  SOG ने रीट मामले में शानदार काम किया है. CBI जांच में समय लगता है, ऐसे में SOG की जांच ठीक है. BJP के अन्य नेताओं द्वारा CBI जांच की मांग पर बोलते हुए कटारिया ने कहा कि सबका अपना अपना सोचने का तरीका है. 

भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति:  
वहीं रीट परीक्षा मामले पर मंत्री महेश जोशी ने कहा कि सीएम गहलोत ने अभी जो फैसला किया उससे सब को पता लग गया होगा. भ्रष्टाचार को वे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करते. निष्पक्ष जांच के मद्देनजर फैसले किए जाते हैं. SOG ने इस दिशा में बेहतरीन काम किया है. बहुत गहराई तक जाकर तथ्य एकत्रित किए है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है. निष्पक्ष और न्यायोचित जांच के मद्देनजर फैसले किए है. ऐसे में चाहे कोई भी दोषी हो वो बक्शा नहीं जाएगा. मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि  BJP के नेता भी सरकार की जांच की तारीफ कर रहे हैं. रीट मामले में कोई भी दोषी हो, छोड़ा नहीं जाएगा. BJP के कुछ नेता तो आपस में ही बंटे हुए हैं. परीक्षा रद्द मामले पर CM गहलोत फैसला करेंगे. 

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