जून से प्रभावित हो सकता है आरपीएससी का काम काज, 3 सदस्यों का कार्यकाल हो रहा समाप्त

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/01 11:18

अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग को अपने अहमकाम काज में दिक्कत हो सकती है। दरअसल यहां सदस्यों के 3 पद रिक्त होने वाले हैं। सरकार ने समय रहते फैसला नहीं किया तो आयोग अध्यक्ष और तीन सदस्यों के भरोसे ही चलेगा। वर्ष 1949 में राजस्थान लोक सेवा आयोग का गठन किया गया था। आयोग में शुरुआत से अध्यक्ष सहित पांच सदस्य होते थे। कांग्रेस सरकार ने अपने पिछले कार्य काल में 2 सदस्यों की संख्या बढ़ा दी और अब आयोग में 7 सदस्य हो गए हैं। 

आयोग में सबसे पहले वरिष्ठ सदस्य डॉ आरडी सैनी का कार्यकाल 13 अप्रैल 2019 को समाप्त होगा। इसके बाद डॉक्टर के आर बगड़िया, डॉक्टर सुरजीत लाल मीणा का कार्यकाल समाप्त होगा। इनकी नियुक्ति 18 जून 2013 को हुई थी। नियमानुसार आयोग में सदस्यों का कार्यकाल 62 साल अथवा 6 वर्ष की अवधि पूरी होने तक ही रहता है।  इसके बाद यहां अध्यक्ष दीपक उपरेती के अलावा सदस्य डॉ शिव सिंह राठौड़, राजकुमारी गुर्जर ,रामूराम राईका  ही रह जाएंगे। इस से आयोग को फैसले लेने में परेशानी हो सकती है। 

आयोग में सातवें सदस्य की नियुक्ति पिछले 8 साल से नहीं हुई है। इस दौरान 5 साल भाजपा का राज रहा जबकि कांग्रेस फिर से सत्ता में लौट आई है, लेकिन आयोग को अब भी सातवे सदस्य का इंतजार है। यहां आपको बताते चलें कि लोकसेवा आयोग के पास कौन कौन सी परीक्षाएं करवाना चुनौती है। आरएएस मुख्य परीक्षा 2018, प्राध्यापक माध्यमिक शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा 2018 ,सहायक वन संरक्षक एवं रेंज अधिकारी ग्रेड प्रथम परीक्षा 2018 का आयोजन होगा। इसके अलावा सरकार और कार्मिक विभाग से साल 2019 की भर्तियां भी मिलनी है। इसमें आर एएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती परीक्षा भी शामिल है । 

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